
यह परियोजना ‘फॉरेस्ट टू फार्मेसी’ की अवधारणा को साकार करते हुए एवं ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को आत्मसात करते हुए राज्य की आर्थिक और जैविक समृद्धि को बढ़ावा देगी। आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई से हर साल ₹50 करोड़ के उत्पाद तैयार होंगे। यह इकाई छत्तीसगढ़ की वन संपदा को वैश्विक पहचान दिलाएगी और महिलाओं सहित युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर देगी।
लोकार्पण समारोह में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर, पूज्य श्री 1008 डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज, कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, दुर्ग सांसद विजय बघेल, विधायक ललित चंद्राकर गजेंद्र यादव , राज्य आदिवासी स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड अध्यक्ष विकास मरकाम वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा जी सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।
समृद्ध वन संपदा एवं आधुनिक विज्ञान के समन्वय से छत्तीसगढ़ में एक नई क्रांति का हुआ शुभारंभ।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) June 29, 2025
आज दुर्ग जिले के ग्राम जामगांव (एम) में 36 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से तैयार आयुर्वेद प्रसंस्करण इकाई, हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट, वेयरहाउस तथा कॉमन फैसिलिटी सेंटर का लोकार्पण किया।
यह… pic.twitter.com/tryNt8ZRpd





