छत्तीसगढ़

पहली बार 29 गांवों में तिरंगा लहराया गया, यहां अब नक्सलवाद खत्म

Nil dhankar
15 Aug 2025 11:58 AM IST
पहली बार 29 गांवों में तिरंगा लहराया गया, यहां अब नक्सलवाद खत्म
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बस्तर। 29 गांवों के लिए इस बार आजादी का पर्व बहुत खास है। कभी नक्सलियों के कब्जे में रहे इस गांव के लोगों को अब नक्सलवाद से आजादी मिल गई है। देश की आजादी के बाद पहला ऐसा मौका है, जब आज इन गांवों में शान से तिरंगा फहराया गया। इससे पहले तक नक्सली यहां काला झंडा फहराते थे।

दरअसल, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिले के 29 ऐसे गांव हैं, जहां नक्सलवाद चरम पर था। यहां लोकतंत्र नहीं बल्कि नक्सलियों का गनतंत्र हावी था। सालभर के अंदर सुरक्षा बलों का कैंप खोला गया। फोर्स अंदरूनी इलाके में घुसी। नक्सलियों का एनकाउंटर कर उन्हें खदेड़ा गया। कैंप स्थापित होने के बाद आज पहली बार आजादी का जश्न मनाया गया। फोर्स की मौजूदगी के बीच पहली बार इन इलाकों के ग्रामीण हाथों में तिरंगा पकड़ें। भारत माता की जय-जयकार कर आजादी का जश्न मनाया। वहीं बस्तर के संभागीय मुख्यालय जगदलपुर के लाल बाग मैदान में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, दंतेवाड़ा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और जगदलपुर MLA किरण सिंहदेव ने ध्वजारोहण किया।

बीजापुर जिले के 11, नारायणपुर के 11 और सुकमा के 7 गांव में आजादी का पर्व मनाया गया। बीजापुर जिले का पुजारी कांकेर जो नक्सलियों का सबसे सेफ जोन माना जाता था, फोर्स अब यहां तक भी पहुंच चुकी है। वहीं कोंडापल्ली और जिडपल्ली जैसे गांव में भी नक्सल दहशत थोड़ी कम हुई है।

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