छत्तीसगढ़
रक्षाबंधन से पहले खैरागढ़ में खाद्य विभाग का अभियान तेज, मिठाई और खाद्य पदार्थों के लिए 7 सैंपल
Shantanu Roy
21 Aug 2026 3:13 PM IST

x
छग
Khairagarh. खैरागढ़। रक्षाबंधन त्योहार को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। त्योहार के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों की लगातार जांच की जा रही है। इसी क्रम में ‘बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ अभियान के तहत खैरागढ़ जिले के ठेलकाडीह क्षेत्र में खाद्य दुकानों का निरीक्षण किया गया। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के दूसरे दिन खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने क्षेत्र के अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों में पहुंचकर जांच की। इस दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई, लाइसेंस और जरूरी मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी जांच की गई।
जांच के दौरान बालाजी स्वीट्स से खोवा, मोतीचूर लड्डू और मैसूर पाक के तीन विधिक नमूने लिए गए। विभाग ने इन सभी खाद्य पदार्थों के सैंपल को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा खाद्य विभाग की टीम ने कान्हा बेकरी का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संचालक को प्रतिष्ठान में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही खाद्य लाइसेंस और पंजीयन को समय पर अपडेट रखने के लिए भी कहा गया। विभाग ने बेकरी संचालक को एनालॉग पनीर की बिक्री या भंडारण नहीं करने की सख्त हिदायत दी।
जिला अभिहित अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन सिद्धार्थ पांडेय ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व को ध्यान में रखते हुए जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत मिठाई बनाने वाले कारखानों, मिठाई दुकानों, किराना दुकानों और त्योहार से जुड़ी खाद्य सामग्री बेचने वाले प्रतिष्ठानों की लगातार जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह अभियान 17 अगस्त से शुरू किया गया है, जो एक सप्ताह तक चलेगा। अभियान के दौरान खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है। यदि किसी प्रतिष्ठान में खाद्य सामग्री तैयार करने या रखने की स्थिति बेहद खराब और अस्वच्छ पाई जाती है तो संबंधित दुकान का लाइसेंस निलंबित करने के साथ प्रतिष्ठान बंद कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है। खाद्य विभाग ने एनालॉग पनीर को लेकर भी लोगों को जागरूक किया है।
सिद्धार्थ पांडेय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में एनालॉग पनीर की बिक्री प्रतिबंधित है। इसलिए विभाग इसकी बिक्री, निर्माण और भंडारण पर विशेष नजर रख रहा है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि त्योहार के समय खाद्य सामग्री खरीदते हुए गुणवत्ता का ध्यान रखें और एनालॉग पनीर का उपयोग न करें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता केवल वास्तविक दूध से बने पनीर और मानक गुणवत्ता वाली मिठाइयों का ही उपयोग करें। किसी भी तरह की संदिग्ध खाद्य सामग्री मिलने पर इसकी सूचना खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को दें। खाद्य विभाग का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। साथ ही मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
Tagsखैरागढ़ खाद्य विभागKhairagarh Food Departmentरक्षाबंधन मिठाई जांचRaksha Bandhan Sweet Inspectionखाद्य मिलावटFood Adulterationबने खाबो बने रहिबो अभियानFood Safety Campaignमिठाई सैंपलSweet Sampleखोवा जांचMawa Testingएनालॉग पनीरAnalog Paneerखाद्य सुरक्षाFood Safetyछत्तीसगढ़ न्यूजChhattisgarh Newsखाद्य एवं औषधि प्रशासनFDA Action
Next Story





