शराब दुकान में उड़नदस्ते ने मारा छापा, मिलावटी खेल का खुलासा

जिला स्तर पर आबकारी अफसरों के मिली भगत से चल रहा शराब में मिलावटी का खेल
आबकारी घोटाले की परते अब और खुलेगी
जांच का जिम्मा ईमानदार अफसरों के हाथ में होनी चाहिए
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ राज्यस्तरीय उड़नदस्ते ने बेमेतरा जिले के नवागढ़ स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान पर मिलावटी शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. 7 सितंबर 2025 को की गई जांच में दुकान से 7 पेटी देशी प्लेन सवा शेरा शराब (कुल 336 पाव, 60.480 लीटर) जब्त की गई.
उड़नदस्ते की जांच में पाया गया कि जब्त शराब की तेजी 68.9 UP थी, जो निर्धारित मानक 50 UP से अधिक है. इसके आधार पर छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 38(क) के तहत मिलावट का प्रकरण दर्ज किया गया. दुकान के सभी 9 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
यह कार्रवाई अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ राज्य सरकार की सख्त नीति का हिस्सा है. मामले की आगे की जांच जारी है, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
आपको बता दें कि जनता से रिश्ता ने शुरू से ही नक़ली शराब के बारे में अपने अख़बार में ख़बर को प्रकाशित किया आज उसी ख़बर की पुष्टि हुई सरकारी शराब दुकान में नक़ली शराब कर्मचारियों द्वारा बेची जा रही थी सरकार के द्वारा छापामार कर नक़ली शराब पकड़ी गई है और उसके ऊपर उचित कार्रवाई क़ानूनी कार्रवाई सभी कर्मचारियों पर की जा रही है,
ग़ौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सभी आबकारी अधिकारी अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करते और नक़ली शराब सरकार की शराब दुकानों से बेचने के लिए संगठित होकर अनाप शनाप पैसा नक़ली शराब बेचकर बड़े स्तर में अधिकारियों की मिलीभगत से सरकार को बड़ा चूना लगाया जा रहा है छत्तीसगढ़ शासन को करोड़ों की आबकारी चोरी का सामना करना पड़ रहा है और जनता को नक़ली शराब पीने में मजबूर होना पड़ रहा है पूरी तरीक़े से सरकारी अमला विगत छह सालों से जब से भूपेश बघेल की सरकार में शराब नीति को अपने अनुसार बदला था उसके बाद से आबकारी अधिकारियों का मनोबल बढ़ गया और नक़ली शराब बनाकर ख़रीद कर वित्तीय का सुचारु रूप से धंधा खुलेआम खुलेतौर प्रकार का हिस्सा जीता -जागता उदाहरण हैं ये छापा आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत से इस तरीक़े का बड़ा खेल संभव है वरना किसी क़ीमत में भी सरकारी दुकानों से नक़ली शराब नहीं बिक सकती.
आबकारी विभाग के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि के अनुसार अगर प्रदेश के सभी शराब दुकानों में छापेमारी की जाती है तो बड़ा शराब घोटाला संगठित तरीक़े से शासकीय कर्मचारी के द्वारा जो किया जा रहा है उसका पर्दाफ़ाश हो सकता है.





