छत्तीसगढ़

महिला कांस्टेबल ने थाने में किशोरी के साथ किया जुल्म, थाना प्रभारी लाईन अटैच

Nil dhankar
30 May 2026 9:40 AM IST
महिला कांस्टेबल ने थाने में किशोरी के साथ किया जुल्म, थाना प्रभारी लाईन अटैच
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राजनांदगांव। सोमनी थाना क्षेत्र में बीमार किशोरी को गलत मेडिकल रिपोर्ट के कारण पहले तो गर्भवती बता दिया गया। फिर पुलिस ने पूरी रात थाने में बिठाकर उसके व उसके स्वजन के साथ अपराधियों की तरह व्यवहार किया गया। महिला कांस्टेबल द्वारा किशोरी का गला दबाने, गाली-गलौच और मारपीट करने के आरोप हैं। अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

मामले में स्वजनों ने कांग्रेस नेताओं के साथ पहुंचकर कलेक्टर और एसपी से शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद सोमनी थाना प्रभारी अरुण नामदेव को रक्षित आरक्षी केंद्र भेज दिया गया है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोमनी की मेडिकल अफसर डा. मौन्या साहू को किशोरी को प्रेगनेंसी की गलत रिपोर्ट थमाए जाने पर हटा दिया गया है। यह पूरा मामला गलत जांच रिपोर्ट से शुरू हुआ। सोमनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीमार 14 वर्षीय किशोरी को गर्भवती होने की रिपोर्ट थमा दी गई। मामले में जांच के दौरान पुलिस ने असंवेदनशीलता की सारी हदें लांघ दी।

बच्ची को रात 10 बजे थाने लाकर बिठा लिया गया और सुबह पांच बजे तक पूछताछ के नाम पर उससे मारपीट, अभद्रता किए जाने के आरोप स्वजनों ने लगाए हैं। दरअसल, 25 मई को 14 वर्षीय किशोरी को पेट दर्द की शिकायत के बाद सोमनी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इलाज के लिए ले जाया गया था। यहां स्टाफ ने जांच के बाद उसे गर्भवती बता दिया।

नाबालिग और उसका परिवार इससे सदमे में आ गए। मामला पुलिस के पास पहुंचा। देर रात सोमनी पुलिस ने किशोरी को उसके रिश्तेदार के घर से खाना खाते हुए उठा लिया और पूरी रात थाने में बिठाए रखा। दूसरे दिन उसे राजनांदगांव में जांच में उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। उधर सदमें में किशोरी दो दिनों से कुछ नहीं खा रही है। चिकित्सकों ने जांच में उसके गले में सूजन बताई है जो कि गला दबाने की वजह से हुई है। स्वजनों ने बताया कि वह सदमे में है। दूसरी ओर गांव में उनकी प्रतिष्ठा पर आघात पहुंचा है। पूरा परिवार स्वयं को मानसिक रूप से प्रताडि़त महसूस कर रहा है। इस पूरे प्रकरण में स्वास्थ्य अमले की लापरवाही और सोमनी पुलिस की असंवेदनशीलता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।


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