
फर्जी डॉक्टर की नियुक्ति को लेकर आईएमए स्टूडेंट विंग छग के पीडि़त छात्रों ने मोर्चा खोला
छत्तीसगढ़ सरकार की मेडिकल शिक्षा प्रणाली को बदनाम करने की साजिश रच रहे निजी मेडिकल कालेज के स्वयं भू -मालिक
राजनीतिक संरक्षण और पैसे के दम पर निजी मेडिकल कालेज वाले बिगाड़ रहे है स्वास्थ्य सेवाओं का ढर्रा
फर्जी डिग्रीधारक डॉक्टर जिसे खुद पता नहीं क्या पढ़ा है वो क्या बना सकता है अच्छा डॉक्टर
रायपुर (जसेरि)। छत्तीसगढ़ के मेडिकल कालेजों में फर्जीवाड़ा का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहे है। अभी रावतपुरा मेडिकल इंस्टीट्यूट में हुए फर्जीवाड़ा की सीबीआई जांच कर रही है, यह ठंडा भी नहीं हुआ कि एक औऱ मामला शंकराचार्य मेडिकल कालेज में फर्जी डाक्टर की नियुक्ति को लेकर पीडि़त मेडिकल छात्रों में मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ के तमाम मेडिकल कालेजों में चल रहे फर्जीवाड़ा को लेकर पीडि़त छात्रों ने भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद में फर्जीवाड़ा की शिकायत की है जिसकी जांच के लिए सीबीआई राजधानी रायपुर पहुंच चुकी है। कुल मिलाकर सारे मेडिकल कालेज संदिग्धता के दायरे में आ चुके है। जिसकी गहन औऱ सघन जांच की जरूरत है। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य मंत्रालय की भूमिका भी संदिग्ध है। सीबीआई ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को शिकायत फावर्ड करते हुए आगे की कार्रवाई के लिए जानकारी मांगी है।
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परिषद से मय दस्तावेज के साथ शिकायत : भिलाई स्थित मेडिकल कॉलेज के चेयरमेन की निजी सलाहकार पल्लवी सिंगोटे एवं डीन डॉ प्रकाश वाकोडे के द्वारा फर्जी दस्तावेज बनाकर एमबीबीएस डॉक्टर को एमडी/एमएस दिखाकर नौकरी देने, मरीज को देखने तथा एनएमसी इंस्पेक्शन में दिखाए जाने के संबंध में समस्त पीडि़त छात्र आईएमए स्टूडेंट विंग छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परिषद से मय दस्तावेज के साथ शिकायत की है विदित हो कि श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज रायपुर छत्तीसगढ़ में जिस तरीके का फर्जीवाड़ा किया गया है वैसे ही फर्जीवाड़ा श्री शंकराचार्य इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज भिलाई एवं अभिषेक आई मिश्रा मेमोरियल मेडिकल कॉलेज रिसर्च भिलाई में भी लगातार किया जा रहा है । यहां के इंस्पेक्शन, फैकल्टी अपॉइंटमेंट, फर्जी फैकल्टी का अरेंजमेंट, फर्जी मरीजों की व्यवस्था, एनएमसी इंस्पेक्शन का डेट निकालने का काम तथा अन्य भ्रष्टाचार दोनों संस्थाओं के अध्यक्ष आईपी मिश्रा की निजी सलाहकार पल्लवी सिंगोटे तथा श्री शंकराचार्य इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज भिलाई के डीन डॉ प्रकाश वाकोडे के द्वारा मिलकर किया जा रहा है।
एमबीबीएस डॉक्टरों को कूटरचित डिग्री : श्री शंकराचार्य इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज भिलाई में अलग ही प्रकार का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है यहां पर एमबीबीएस डॉक्टरों को कूटरचित डिग्री तथा रजिस्ट्रेशन के माध्यम से एमडी/एमएस डॉक्टर बताया जाता है तथा ऐसे ही एनएमसी में भी दिखाया जाता है। उदाहरण के लिए श्री शंकराचार्य इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज भिलाई में कार्यरत निश्चेतना विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ आदित्य लुंकड जैन का फर्जी डिग्री तथा रजिस्ट्रेशन अटैच किया है।
फर्जी चिकित्सकों की भर्ती कर रही पल्लवी सिंगोटे : जब भी एनएमसी का इंस्पेक्शन होना होता है तब तब इंस्पेक्शन की तारीख निकालने के लिए पल्लवी सिंगोटे और डीन प्रकाश वाकोडे द्वारा चिकित्सा महाविद्यालय के मैनेजमेंट से पैसा लिया जाता है, तारीख पता चलने के बाद फर्जी चिकित्सकों की भर्ती का काम पल्लवी सिंगोटे के द्वारा किया जाता है और डीन प्रकाश वाकोडे द्वारा चिकित्सकों के कूटरचित डिग्री तथा रजिस्ट्रेशन का सत्यापन किया जाता है।
एनएमसी की आंखों में धूल झोंका : महाराष्ट्र तथा दिल्ली से एक दिन के लिए डॉक्टर बुलाए जाते हैं तथा उन्हें मुंह मांगा रकम देकर चिकित्सा महाविद्यालय में कार्यरत दिखाया जाता है, इसी प्रकार फर्जी मरीजों की व्यवस्था भी की जाती है। इस चिकित्सा महाविद्यालय के अधिकतर डॉक्टर तथा प्रोफेसर रेगुलर है ही नहीं। फर्जी तरीके से रोजाना उनका अटेंडेंस लगाया जाता है और इसी प्रकार से एनएमसी की आंखों में धूल झोंका जाता है।
गरीब मरीजों की जान से खिलवाड़ : पल्लवी सिंगोटे और डॉ प्रकाश वाकोडे द्वारा पैसों के लालच में किया जा रहा है यह कृत्य फर्जीवाड़ा के साथ-साथ अमानवीय है और गरीब मरीजों की जान से खिलवाड़ करना प्रतीत होता है। ऐसे फर्जी चिकित्सक एनएमसी के इंस्पेक्शन के साथ-साथ मरीजों का इलाज भी करते हैं। ऐसे फर्जी डॉक्टरों को मैनेजमेंट से ज्यादा सैलरी दिलवा के उनसे पल्लवी सिंगोटे और डीन प्रकाश वाकोडे द्वारा आधा सैलरी वापस लिया जाता है। पल्लवी सिंगोटे और डीन प्रकाश वाकोडे के द्वारा किया जा रहा यह कृत्य चिकित्सा शिक्षा जगत के लिए शर्मसार और शिक्षा एवं स्वास्थ्य का स्तर निचले लेवल तक ले जाने वाला है जो कि ये पैसे के लालच में किये जा रहे हैं।
अनैतिक कार्य विगत 6-7 सालों से है जारी : शिकायत कर्ता के अनुसार पल्लवी सिंगोटे द्वारा ऐसे अनैतिक कार्य लगातार विगत 6-7 सालों से किया जा रहा है और अभी दो-तीन सालों से डीन प्रकाश वाकोडे के साथ मिलकर यह सब अनैतिक कार्य खुलेआम किया जा रहा है। पल्लवी सिंगोटे द्वारा हर स्तर पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। डीन प्रकाश वाकोडे के साथ-साथ इन सब खेल में उसके और भी बहुत पार्टनर हैं।
प्रकाश वाकोडे बन गए रबर स्टैंप : निजी सलाहकार पल्लवी सिंगोटे द्वारा शंकराचार्य समूह के दोनों चिकित्सा महाविद्यालय शंकराचार्य समूह के अध्यक्ष आईपी मिश्रा और डीन का पूर्ण संचालन किया जा रहा प्रकाश वाकोडे एक रबर स्टैंप की तरह काम कर रहे हैं।
जांच से हो सकता है बड़ा खुलासा : इसके अलावा दिनांक 20/05/2025 के एनएमसी इंस्पेक्शन के एक सप्ताह तक का चिकित्सा महाविद्यालय के अकाउंट स्टेटमेंट का अगर जांच किया जाएगा तो दिल्ली और महाराष्ट्र से आए सभी फर्जी और एक दिवसीय चिकित्सकों का पेमेंट डिटेल निकाल सकते हैं और उन सभी चिकित्सकों से पूछताछ करके पल्लवी सिंगोटे और डीन प्रकाश वाकोडे के द्वारा किए गए काले कारनामों को पकड़ सकते हैं।
शिकायत सभी प्रमुखों को : समस्त पीडि़त छात्र आई एम् ए स्टूडेंट विंग छत्तीसगढ़ ने शिकायत की प्रति सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार सचिव, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परिषद, नई दिल्ली, डायरेक्टर, सेंट्रल व्यूरो का इन्वेस्टिगेशन, नई दिल्ली, सचिव, चिकित्सा शिक्षा, रायपुर, छत्तीसगढ़, कमिश्नर, चिकित्सा शिक्षा, रायपुर, छत्तीसगढ़, डायरेक्टर, चिकित्सा शिक्षा, रायपुर छत्तीसगढ़, चेयरमेन, श्री शंकराचार्य इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज भिलाई छत्तीसगढ़ प्रेसिडेंट, श्री शंकराचार्य इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज भिलाई छत्तीसगढ़, डॉ राकेश गुप्ता, अध्यक्ष, कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ, रायपुर छत्तीसगढ़ को प्रेषित की है ताकि इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर दोषियों पर ठोस कार्रवाई की जा सके।





