छत्तीसगढ़
दुनिया से विदा होकर भी दो जिंदगियों को रोशनी दे गए पूर्व महापौर
Shantanu Roy
7 Nov 2026 4:46 PM IST

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Durg. दुर्ग। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं दुर्ग के पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल के पिता जितेंद्र बाकलीवाल के निधन के बाद उनके परिवार ने मानवता और सामाजिक सेवा की अनूठी मिसाल पेश की है। दुख की इस घड़ी में बाकलीवाल परिवार ने नेत्रदान का निर्णय लेकर दो दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी लाने की उम्मीद जगाई है। दुर्ग के पद्मनाभपुर निवासी प्रतिष्ठित घीसूलाल मदनलाल बाकलीवाल परिवार के मुखिया जितेंद्र बाकलीवाल के निधन के बाद उनके नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई। परिवार के इस फैसले की सराहना करते हुए नवदृष्टि फाउंडेशन ने इसे समाज के लिए प्रेरणादायी कदम बताया है।
जानकारी के अनुसार, जितेंद्र बाकलीवाल के निधन से परिवार में शोक का माहौल था। इसके बावजूद परिवार के सदस्यों ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए नेत्रदान के लिए सहमति प्रदान की। उनकी पत्नी निर्मला बाकलीवाल, पुत्र संजय, नीरज और धीरज बाकलीवाल, पुत्रवधुएं श्वेता, मोनिका और अंजू बाकलीवाल तथा पुत्री शोभा पाटनी और दामाद राजेंद्र पाटनी ने सामूहिक रूप से नेत्रदान का निर्णय लिया। परिवार का मानना है कि इस निर्णय से जरूरतमंद लोगों के जीवन में उजाला लाने का अवसर मिलेगा।
मेडिकल कॉलेज की टीम ने किया कॉर्निया संकलन
नेत्रदान की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्यों ने आवश्यक समन्वय किया। फाउंडेशन की ओर से कुलवंत भाटिया, रितेश जैन, जितेंद्र हासवानी, मुकेश राठी, सपन जैन और चेतन जैन मौके पर उपस्थित रहे। श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ टीम से डॉ. नीलांजना टोप्पो और नेत्र सहायक विवेक कसार बाकलीवाल निवास पहुंचे। मेडिकल टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत कॉर्निया का संकलन किया। संकलित कॉर्निया के माध्यम से दो जरूरतमंद दृष्टिबाधित व्यक्तियों को दृष्टि मिलने की संभावना है। हालांकि, प्रत्यारोपण की सफलता चिकित्सकीय जांच और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
पिता के निधन से सदमे में था परिवार: धीरज बाकलीवाल
पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल ने पिता के निधन और नेत्रदान के निर्णय को लेकर भावुक प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने बताया कि सुबह पिता के निधन से पूरा परिवार गहरे सदमे में था। ऐसी कठिन परिस्थितियों में भी परिवार ने नेत्रदान का फैसला लिया। धीरज बाकलीवाल ने कहा कि इस निर्णय से परिवार को संतुष्टि है कि उनके पिता की आंखों के माध्यम से दो दृष्टिबाधित व्यक्तियों को दुनिया देखने का अवसर मिल सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से जरूरतमंद लोगों और उनके परिवारों के जीवन में खुशियां लौट सकेंगी। उन्होंने कहा कि परिवार के लिए यह समय अत्यंत दुखद है, लेकिन नेत्रदान के निर्णय ने इस कठिन घड़ी में मानवता की सेवा करने का अवसर प्रदान किया है।
जीवनभर लोगों की मदद करते रहे पिता: संजय बाकलीवाल
जितेंद्र बाकलीवाल के पुत्र संजय बाकलीवाल ने कहा कि उनके पिता ने अपना पूरा जीवन लोगों की मदद करने और सामाजिक कार्यों में बिताया। वे हमेशा जरूरतमंदों के सहयोग के लिए उपलब्ध रहते थे। संजय ने कहा कि उनके पिता जाते-जाते भी दो परिवारों के जीवन में खुशियां लाने का माध्यम बन गए हैं। उनका सेवा भाव और समाज के प्रति समर्पण पूरे परिवार के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा।
दीपावली पर दो परिवारों में उजाले की उम्मीद
नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्य कुलवंत भाटिया ने बाकलीवाल परिवार के निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि जितेंद्र बाकलीवाल का नेत्रदान दो जरूरतमंद परिवारों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आएगा। दीपावली के अवसर पर इस तरह का निर्णय मानवता और सेवा का महत्वपूर्ण संदेश देता है। भाटिया ने कहा कि बाकलीवाल परिवार समाज का प्रतिष्ठित और सम्मानित परिवार है। दुख की घड़ी में नेत्रदान का निर्णय लेना संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है। फाउंडेशन के सदस्य सपन जैन ने कहा कि इस नेत्रदान से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे लोगों में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और जरूरतमंद दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए कॉर्निया उपलब्ध कराने में सहयोग मिलेगा।
नवदृष्टि फाउंडेशन ने दी श्रद्धांजलि
नवदृष्टि फाउंडेशन की ओर से अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, प्रवीण तिवारी, मुकेश आढ़तिया, हरमन दुलई, रितेश जैन, राजेश पारख, जितेंद्र हासवानी, मंगल अग्रवाल, किरण भंडारी, उज्ज्वल पींचा, सत्येंद्र राजपूत, सुरेश जैन, पीयूष मालवीय, दीपक बंसल, विकास जायसवाल, मुकेश राठी, प्रभुदयाल उजाला, प्रमोद बाघ, सपन जैन, यतीन्द्र चावड़ा, जितेंद्र कारिया, बंसी अग्रवाल, अभिजीत पारख, मोहित अग्रवाल, चेतन जैन, दयाराम टांक, विनोद जैन और राकेश जैन ने जितेंद्र बाकलीवाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। फाउंडेशन के सदस्यों ने नेत्रदान जैसे मानवीय कार्य के लिए पूरे बाकलीवाल परिवार का आभार व्यक्त किया। साथ ही लोगों से नेत्रदान के महत्व को समझने और इसके प्रति जागरूक होने का संदेश दिया।
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