छत्तीसगढ़

रोटी मेकर खरीदी के मुख्य दोषी आरोपी को क्लीन चिट देने की कवायद

Nil dhankar
15 July 2026 10:52 AM IST
रोटी मेकर खरीदी के मुख्य दोषी आरोपी को क्लीन चिट देने की कवायद
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दोषी अधिकारियों के खिलाफ महज एक वेतनवृद्धि रोकने का हास्यास्पद नाटक

आदिम जाति विकास विभाग में सरकारी धन की खुली बंदरबांट का सनसनीखेज मामला

महाघोटाला: 2 करोड़ के रोटीमेकर कांड में घिरे देवांगन को सुरक्षित बचाने की तैयारी

आरटीआई कार्यकर्ता आशीष देव सोनी ने खोली पोल!

सबसे भ्रष्ट अधिकारी अपने जीवन काल में कभी भी चाहे किसी भी सरकार होने पर भी किसी भी प्रकार के सजा का पात्र नहीं बने, सीजी पीएससी द्वारा 20 अप्रैल 2026 जिसपर सजा की सहमति दी गई थी

घोटाले का मुख्य सूत्रधार ताकेश्वर देवांगन इसी माह रिटायर्ड होने वाला है और शासन के 2 करोड़ की वसूली किससे होगी?

रायपुर (जसेरि)। छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास विभाग में सरकारी धन की खुली बंदरबांट का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक हलकों में हडक़ंप मचा दिया है। विभाग में हुए करीब 2 करोड़ के रोटीमेकर मशीन खरीदी घोटाले में मुख्य आरोपी अधिकारियों को बचाने के लिए पर्दे के पीछे से बिछाई गई बिसात का भंडाफोड़ हो चुका है। करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता साबित होने के बाद भी दोषी अधिकारियों के खिलाफ महज एक वेतनवृद्धि रोकने का हास्यास्पद नाटक किया गया है, ताकि दागी अफसर बिना किसी बड़ी आंच के सुरक्षित बाहर निकल सकें।

इस प्रशासनिक सांठगांठ के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ता आशीष देव सोनी ने पूरी ताकत से मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मु यमंत्री विष्णुदेव साय, मु य सचिव विकाशशील और प्रमुख सचिव सोनमणी बोरा के सामने पु ता दस्तावेजी सबूतों की झड़ी लगा दी है, जिससे घोटालेबाजों को संरक्षण देने वाले आकाओं के पसीने छूट रहे हैं।

टारगेट पर देवांगन: रिटायरमेंट से पहले क्लीनचिट देने का खेल?

इस पूरे सुनियोजित घोटाले के केंद्र में तत्कालीन सहायक आयुक्त तारकेश्वर देवांगन और विजय कंवर की भूमिका सबसे संदिग्ध पाई गई है। इन अधिकारियों ने जिला स्तरीय क्रय समिति को पूरी तरह दरकिनार कर, बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के अपने चहेते सप्लायरों को उपकृत किया।

सबसे गंभीर वित्तीय गड़बड़ी तारकेश्वर देवांगन के स्तर पर की गई, जिन्होंने लघु निर्माण एवं अनुरक्षण मद के लिए सुरक्षित रखी गई राशि को अवैध रूप से निकालकर इस कागजी खरीदी में ठिकाने लगा दिया।

कार्यकर्ता आशीष देव सोनी का बड़ा दावा

घोटाले के मुख्य सूत्रधार तारकेश्वर देवांगन अगले ही महीने (जुलाई में) सेवानिवृत्त होने वाले हैं। विभाग द्वारा आनन-फानन में उनकी केवल एक अस्थायी वेतनवृद्धि रोकने का ढोंग इसीलिए रचा गया है ताकि वे स मानपूर्वक रिटायर हो जाएं और जनता की गाढ़ी कमाई के 2 करोड़ की वसूली कभी हो ही न सके।

असंचयी प्रभाव की सजा महज़ आंखों में धूल झोंकने का प्रयास

लोक सेवा आयोग द्वारा 20 अप्रैल 2026 को जिस सजा पर सहमति दी गई है, उसे पार्टी कार्यकर्ता आशीष देव सोनी ने पूरी तरह खारिज करते हुए इसे जनता के साथ मज़ाक बताया है। इस असंचयी प्रभाव वाली सजा का सीधा मतलब यह है कि एक साल बाद इन अधिकारियों का वेतन फिर से सामान्य हो जाएगा और इनके करोड़ों के घोटाले पर हमेशा के लिए पर्दा पड़ जाएगा।

आर-पार की लड़ाई: कार्यकर्ता ने की व्यक्तिगत संपत्ति से वसूली की मांग

भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति को आगे बढ़ाते हुए पार्टी कार्यकर्ता आशीष देव सोनी ने दोटूक शब्दों में शासन से मांग की है कि

करोड़ों के सरकारी धन की हेराफेरी करने वाले तारकेश्वर देवांगन और विजय कंवर को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।

देवांगन के सेवानिवृत्ति के तमाम फायदों और पेंशन पर तुरंत रोक लगाई जाए।

घोटाले की पूरी 192.33 लाख की राशि इन अधिकारियों की व्यक्तिगत संपत्तियों को कुर्क करके वसूली जाए।

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