छत्तीसगढ़

रायपुर SSP कार्यालय से निकली DSP कल्पना वर्मा, देखें VIDEO...

Shantanu Roy
18 Dec 2025 11:39 PM IST
रायपुर SSP कार्यालय से निकली DSP कल्पना वर्मा, देखें VIDEO...
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तीन घंटे तक चली पुछताछ
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में DSP कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच विवाद मामले ने पुलिस और प्रशासनिक तंत्र के लिए गंभीर मोड़ ले लिया है। इस मामले में जांच प्रक्रिया तेज हो गई है और FIR दर्ज होने की संभावना है। विवाद के केंद्र में लेन-देन से जुड़ी शिकायत है, जिसे कारोबारी दीपक टंडन ने पंडरी थाना में दर्ज कराया था। जानकारी के अनुसार, बीते दिनों कारोबारी दीपक टंडन ने अपनी पत्नी बरखा टंडन के साथ पुलिस के सामने बयान दर्ज कराया था। इसके बाद DSP कल्पना वर्मा को भी अपने पक्ष का बयान दर्ज कराने के लिए रायपुर SSP कार्यालय बुलाया गया। DSP कल्पना वर्मा अपने भाई राकेश वर्मा और पिता हेमंत वर्मा के साथ SSP कार्यालय पहुंचीं।


आज लगभग तीन घंटे तक DSP कल्पना वर्मा से पूछताछ की गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने उनके बयान के साथ-साथ अन्य संबंधित तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों की भी जांच की। अधिकारियों का कहना है कि जांच का मुख्य उद्देश्य विवाद के सभी पहलुओं का निष्पक्ष तरीके से विश्लेषण करना है। बयान दर्ज करने के बाद DSP कल्पना वर्मा SSP कार्यालय से बाहर निकलीं। इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी रायपुर ASP कीर्तन राठौर को सौंपी गई है। ASP कीर्तन राठौर और उनकी टीम बारीकी से दोनों पक्षों के बयानों का विश्लेषण कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि विवाद में कई संवेदनशील पहलू शामिल हैं, जिन्हें सही कानूनी प्रक्रिया के तहत सुलझाना आवश्यक है। DSP कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बयानों के अलावा पुलिस ने संबंधित दस्तावेज और लेन-देन से जुड़ी अन्य जानकारियों की भी समीक्षा की।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सभी साक्ष्यों और बयानों का संपूर्ण विश्लेषण करने के बाद रायपुर रेंज के IG को विस्तृत रिपोर्ट सौंपा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। स्थानीय पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस विवाद ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भी ध्यान आकर्षित किया है। मामले की संवेदनशीलता के कारण उच्च स्तरीय जांच की जा रही है। ASP कीर्तन राठौर ने भी स्पष्ट किया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी और कानून के अनुसार सभी पक्षों के साथ समान व्यवहार किया जाएगा। मामले के सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने जनता और मीडिया से शांति बनाए रखने का अनुरोध किया है। अधिकारियों ने कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी प्रकार का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।

DSP कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच विवाद केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि इससे जुड़े कानूनी और प्रशासनिक पहलू भी हैं। इस विवाद ने यह भी स्पष्ट किया है कि शहर में व्यवसायिक और पुलिसिक लेन-देन के मामले में पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। मामले की जांच पूरी होने के बाद IG को रिपोर्ट सौंपने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। रिपोर्ट में सभी तथ्यों, दस्तावेजों और बयानों का विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर FIR दर्ज करने या अन्य कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि दोनों पक्षों के बयान और दस्तावेजों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि क्या किसी अपराध के तत्व पाए जाते हैं और कानूनी प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल रहेगा। मामले की जांच पूरी होने तक सभी पक्षों से सहयोग की अपेक्षा की जा रही है।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी प्रकार की दबाव वाली कार्रवाई या प्रभावित निर्णय की अनुमति नहीं दी जाएगी। DSP कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन दोनों ही इस प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं। इस मामले ने रायपुर में प्रशासन और पुलिस के भीतर भी चर्चा का विषय बना दिया है। उच्च स्तरीय अधिकारियों की निगरानी में चल रही जांच का उद्देश्य केवल विवाद को स्पष्ट करना और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। जांच प्रक्रिया और FIR दर्ज होने की संभावनाओं के बीच स्थानीय प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह से दूर रहने की अपील की है। रायपुर पुलिस ने भी सभी स्टेकहोल्डरों से निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया में सहयोग की उम्मीद जताई है।
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