छत्तीसगढ़
सरकारी स्कूल में शराबी शिक्षक ने किया जमकर हंगामा, वीडियो वायरल
Shantanu Roy
4 Oct 2026 1:16 PM IST

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छग
Bilaspur. बिलासपुर। जिले के कोटा क्षेत्र स्थित बहेरामुड़ा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वायरल वीडियो में एक शख्स कथित तौर पर शराब के नशे में स्कूल परिसर में नजर आ रहा है। वीडियो में वह खुद को स्कूल का प्रधान पाठक बताते हुए 10 महीने से वेतन नहीं मिलने की बात कहता दिखाई दे रहा है। साथ ही उसके द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी किए जाने की बात भी सामने आई है। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद पूरे मामले को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में दिखाई दे रहा शख्स नशे की हालत में नजर आ रहा है और वेतन नहीं मिलने की बात को लेकर नाराजगी जाहिर करता सुनाई देता है।
वह दावा करता है कि उसे कई महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण उसकी आर्थिक परेशानी बढ़ गई है। हालांकि इस वीडियो को लेकर सबसे बड़ा सवाल शख्स की पहचान पर खड़ा हो गया है। वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति खुद को स्कूल का प्रधान पाठक बता रहा है। वहीं उसी वीडियो में उसके पास बैठे एक दूसरे व्यक्ति बाद में अपना परिचय प्रधान पाठक प्रदीप कुमार पेंद्रो के रूप में देते नजर आते हैं। ऐसे में वायरल वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति की वास्तविक पहचान और स्कूल में उसकी भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
बिलासपुर के कोटा ब्लॉक के बहेरामुड़ा सरकारी स्कूल में शराबी शिक्षक ने जमकर हंगामा किया.
— 𝐒𝐮𝐫𝐲𝐚 𝐏𝐫𝐚𝐤𝐚𝐬𝐡 𝐒𝐮𝐫𝐲𝐚𝐤𝐚𝐧𝐭 (@SPsuryakant) October 4, 2026
कहां- मोदी ने 10 महीने का वेतन नहीं दिया इसलिए शराब पीकर स्कूल आया हूं मेरा क्या कर लेगा कोई. ये स्थिति है शिक्षा विभाग और ऐसे शिक्षकों की!#Chhattisgarh #Bilaspur #education #Teacher pic.twitter.com/D52b77T19Q
बताया जा रहा है कि बहेरामुड़ा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में महज दो शिक्षकों के भरोसे स्कूल के संचालन का दावा किया जा रहा है। ऐसे में अगर वायरल वीडियो में नजर आ रहा शख्स वास्तव में स्कूल से जुड़ा शिक्षक है, तो फिर विद्यालय में इस तरह की स्थिति कैसे बनी, यह भी जांच का विषय है। वहीं स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति, पदस्थापना और विभागीय निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में शख्स द्वारा 10 महीने से वेतन नहीं मिलने की बात कहे जाने के बाद अब शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। यदि वेतन भुगतान से जुड़ी समस्या वास्तव में मौजूद है, तो उसके कारणों का पता लगाना जरूरी होगा। वहीं यदि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति सरकारी स्कूल का शिक्षक नहीं है, तो उसकी पहचान भी स्पष्ट करना जरूरी है।
मामले में प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी का पहलू भी सामने आया है। हालांकि वायरल वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान और उसके द्वारा किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल पूरे मामले में विभागीय जांच का इंतजार है। जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि वायरल वीडियो में कौन शख्स दिखाई दे रहा है, क्या वह वास्तव में स्कूल का शिक्षक है, क्या उसे 10 महीने से वेतन नहीं मिला और स्कूल में घटना के समय उसकी मौजूदगी किस हैसियत से थी। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।
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