
नशा के खिलाफ जनता से रिश्ता लगातार 10 वर्षों से चला रहा अभियान
पान ठेला और चाय टफरी में नाबालिग छात्र हो रहे शिकार, खुलेआम बिक रहा तंबाकू उत्पाद और चिट्टा, चरस, गांजा
स्कूली बच्चों को नशे के जाल में धकेल रहे पानठेला और चाय टफरी वाले
पुलिस को चाहिए की तत्काल स्कूलों के आसपास चल रहे पान ठेलों, किराना दुकान, चाय दुकान को सख्ती से बंद कराएं
सभी स्कूलों के आस-पास पान दुकान, किराना दुकान, चाय दुकान नशा प्रमुख अड्डा तेलीबांधा, पुरानी बस्ती, भाटागांव, पंडरी, पेंशन बाड़ा, कालीबाड़ी, समता कालोनी, शहीद स्मारक, हिन्दू हाई स्कूल के आस-पास नशे का केंद्र
युवाओं को खासकर स्कूल जाने वाले लडक़े लड़कियों को टार्गेट कर रहे नशा माफिया
रायपुर राजधानी, बिलासपुर, भिलाई-दुर्ग, रायगढ़, कोरबा सबसे ज्यादा गांजा, चिट्टा, स्मैक, चरस, सिरप खपत का स्थान बने
चाय टपरी, पान ठेला नशा माफियाओं के प्रमुख औजार बनकर युवाओं को नशे के गर्द में धकेल रहे
रायपुर (जसेरि)। स्कूल व अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास पानठेले नहीं होने चाहिए, इसके अलावा ठेले व दुकानों में नाबालिगों और स्कूली बच्चों को नशे का सामान नहीं बेचने के नियम हैं। जिस पर स ती बरतने के दावे जिला प्रशासन और पुलिस के द्वारा किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और कहानी बयां कर रही है। शहर के विभिन्न स्कूलों के पास स्थित पानठेले पर नाबालिग बच्चों और स्कूली छात्रों को नशे का सामान बेचा जा रहा है। पिछले दिनों सोशल मीडिया में सामने आए एक वीडियो ने इस समस्या की गंभीरता को सोचने पर मजबूर कर दिया है। वीडियो में एक स्कूली बच्ची जो स्कूल के ड्रेस में थी, को एक युवक के साथ नशे का सामान खरीदते हुए देखा गया था। यह वीडियो प्रशासन और समाज के लिए चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि इसमें नाबालिग बच्चों को नशे के जाल में फंसते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। दुकानदारों पर कार्रवाई, जागरूकता अभियान और पुलिस की सक्रिय निगरानी से ही संभव होगी रोकथाम जिसके नियम और कानूनी प्रावधान भी है। हालांकि कलेक्टर रायपुर खुद आकस्मिक निरीक्षण में निकल रहे हैं और ऐसे दुकानदारों पर स त कार्रवाई भी कर रहे हैं। पुलिस को चाहिए की तत्काल स्कूलों के आसपास पान ठेलों को स ती से बंद कराएं। इन पान ठेलों में नशे का सामान आसानी से मिल जा रहा है जबकि नियमत: इनको स्कूलों के आसपास दुकान खोलना ही नहीं है।
किशोर न्याय अधिनियम, 2015
इस अधिनियम के तहत नाबालिगों को किसी भी प्रकार का नशा या मादक पदार्थ बेचना या उनकी सुविधा में शामिल होना कानूनी रूप से अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) 2003
स्कूलों के आसपास 100 मीटर के दायरे में त बाकू उत्पाद बेचना पूर्णतया प्रतिबंधित है। यह अधिनियम सीधे तौर पर उन दुकानदारों पर लागू होता है जो बच्चों को इन उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं।उसके बावजूद कैसे नाबालिग बच्चों तक नशीले पदार्थ आसानी से पहुंच रहे हैं। स्कूली बच्चों को नशे का सामान बेचना सामाजिक चिंता का विषय है ऐसे दुकानदारों पर पुलिस और प्रशासन को स त कार्रवाई करनी चाहिए। दुकानदारों को न तो कानून का भय है और न ही बच्चों के भविष्य की चिंता।
लगातार हो रही कार्रवाई की मांग
इस मामले में पुलिस और प्रशासन को वीडियो का संज्ञान लेते हुए त्वरित और कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। वीडियो के आधार पर दोषियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया जाना चाहिए। साथ ही, ऐसे इलाकों में पुलिस को नियमित गश्त बढ़ानी चाहिए और नाबालिगों को नशीले पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ स त कार्रवाई करनी चाहिए। स्थानीय लोगों की माने तो इसे लेकर कई बार मौखिक शिकायत की जा चुकी है, इसके बाद भी इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
सामाजिक जागरूकता अभियान
स्कूलों और समाज के स्तर पर नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए। बच्चों और अभिभावकों को नशे के खतरे के बारे में जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है।
पुलिस की सक्रिय भूमिका
स्कूलों के आसपास पुलिस की गश्त बढ़ानी चाहिए और नियमित रूप से छापेमारी करनी चाहिए ताकि नाबालिग बच्चों को नशे के सामान तक पहुंचने से रोका जा सके। स्कूलों के सामने बिक रहे नशे के सामान को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने भी नाराजगी जताई है। मामले की गंभीरता का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछली बार अवकाश के दिन हाई कोर्ट खुला था। शहर में संचालित सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के सामने बिक रहे नशे के सामान को लेकर जनता से रिश्ता ने कई बार समाचार प्रकाशित किया है। स्कूलों के सामने ठेलों में तंबाखू, गुटखा सहित नशे के सामान की धड़ल्ले के साथ बिक्री की जा रही है। जिला प्रशासन भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इससे स्कूल के आसपास का माहौल खराब हो रहा है। स्कूली बच्चों के ऊपर इसका बुरा असर पड़ रहा है। ठेलों में गुटखा, तंबाखू लेने वालों की पूरे समय भीड़ लगी रहती है। कभी भी किसी भी समय अप्रिय स्थिति बन सकती है। कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़ा हो सकता है। कानून व्यवस्था से लेकर स्कूलों के सामने बिक रहे नशे के सामान और बच्चों पर पडऩे वाले कुप्रभाव को लेकर प्रशासन अलर्ट भी है खुद कलेक्टर स्कूलों के आसपास निरीक्षण कर पान ठेलों को सील भी करवा रहे हैं।
होली से पहले नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 18.4 किलो गांजा सहित 3 तस्कर गिर तार
होली पर्व से पहले जशपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ स त कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत 18.4 किलो गांजा जब्त किया है और तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिर तार किया है। तस्करी में प्रयुक्त मॉडिफाइड नई बोलेरो (कीमत लगभग 14 लाख रुपये) को भी पुलिस ने जब्त किया। जब्त गांजे की कीमत करीब 9 लाख रुपये आंकी गई है। घटना का विवरण पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों द्वारा ओडि़शा से गांजा लाकर मध्यप्रदेश के सिंगरौली ले जाने की योजना बनाई गई थी। बीती रात थाना कुनकुरी क्षेत्र में सघन वाहन चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर वाहन क्रमांक एमपी 66 जेडएच 6806 को रोका गया। वाहन की तलाशी के दौरान बोलेरो के नीचे विशेष रूप से बनाए गए गुप्त चेंबर से 18.4 किलो गांजा बरामद हुआ। इस बड़ी बरामदगी ने पुलिस को अंतरराज्यीय तस्करी के नेटवर्क तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग दिया। गिर तार आरोपियों में शामिल हैं: गोलारमन यादव, उम्र 61 वर्ष, निवासी जिला सिंगरौली, मध्यप्रदेश शिवराम यादव, उम्र 26 वर्ष, निवासी जिला सिंगरौली, मध्यप्रदेश रामेश्वर यादव, उम्र 30 वर्ष, निवासी जिला सिंगरौली, मध्यप्रदेश पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा उन्हें ओडि़शा में रहने वाले उनके रिश्तेदार (साला) ने उपलब्ध कराया था। पुलिस ने उनके रिश्तेदार को भी आरोपी बनाया है और गिर तारी के लिए टीम रवाना कर दी है। अपराध क्रमांक 45/26 धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। पुलिस ने बताया कि एंड-टू-एंड विवेचना जारी है और तस्करी नेटवर्क के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इसी क्रम में सिटी कोतवाली जशपुर ने 28 फरवरी 2026 को किराए के मकान में डंप किए गए 24.840 किलो गांजा के साथ दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। जब्त गांजे की कीमत लगभग 12.42 लाख रुपये बताई जा रही है। दोनों मामलों में पुलिस ने सख्त वैधानिक कार्रवाई की है।
ब्राउन शुगर सहित 5 तस्कर गिरफ्तार
भारत सरकार के अभियान ‘‘नशा मुक्त भारत पखवाड़ा’’ के अंतर्गत चलाए जा रहे निर्देशों के अनुसार मुंगेली पुलिस ने ब्राउन शुगर की अवैध बिक्री करने वाले पांच आरोपियों को गिर तार कर बड़ी सफलता प्राप्त की है। यह कार्रवाई ‘‘ऑपरेशन बाज’’ के तहत की गई, जिसका उद्देश्य जिले में सुखे नशे जैसे ब्राउन शुगर, चरस और अफीम को पनपने से रोकना और नशा मुक्त मुंगेली सुनिश्चित करना है। कार्रवाई का विवरण कोंटा के पहाड़ी में स्थित गांव में पहली किराना दुकान खुली थाना जरहागांव क्षेत्र में मुखबीर सूचना के आधार पर पुलिस ने रेड कर 05 आरोपियों को हिरासत में लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
समीर कश्यप पिता सुखनंदन प्रसाद, उम्र 24 वर्ष, निवासी ठाकुरदेव पारा, जरहागांव सियाराम कश्यप पिता लीलाराम, उम्र 25 वर्ष, निवासी ठाकुरदेव पारा, जरहागांव विरेंद्र श्रीवास पिता विश्राम, उम्र 34 वर्ष, निवासी डीलवापारा, जरहागांव लोकेश उर्फ लक्की कश्यप पिता शिवकुमार, उम्र 35 वर्ष, निवासी महामाया पारा, जरहागांव , रविशंकर कश्यप उर्फ बब्बा पिता भरत लाल, उम्र 27 वर्ष, निवासी छतौना, थाना .जरहागांव पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ब्राउन शुगर जुमला वजनी 53.51 ग्राम (क़ीमत लगभग 2,65,000), 06 मोबाईल सेट (क़ीमत लगभग 50,000), 1 मोटरसाइकिल होण्डा साईन क्रमांक ष्टत्र 28 क्क 1199 नीले रंग का (क़ीमत लगभग 65,000) और 1 इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन (क़ीमत लगभग 1,000) सहित कुल लगभग 3,81,000 मूल्य की जप्ती की गई।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
गिर तार आरोपियों के खिलाफ थाना जरहागांव में अपराध क्रमांक 32/2026, धारा 21(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया और सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। ऑपरेशन और निरीक्षण इस कार्रवाई का मार्गदर्शन मुंगेली पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) ने किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा और अति. पुलिस अधीक्षक मयंक तिवारी के पर्यवेक्षण में टीम ने मुखबीर सूचना के आधार पर रेड की। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि समीर कश्यप ने नैनी प्रयागराज, उत्तर प्रदेश से ब्राउन शुगर खरीद कर अपने साथियों के लिए लाने का निर्देश दिया था। पुलिस ने मौके पर सभी 05 आरोपियों की विधिवत तलाशी ली और जप्त सामग्री को सबूत के तौर पर अपने कब्जे में लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अपील
मुंगेली वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की अवैध नशा या मादक पदार्थ की तस्करी या बिक्री की जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। दी गई सूचना की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। मुंगेली पुलिस की यह कार्यवाही न केवल ‘‘नशा मुक्त भारत पखवाड़ा’’ अभियान के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है, बल्कि जिले में सुखे नशे को जड़ से खत्म करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने और समाज में सुरक्षित वातावरण बनाए रखने में मदद मिलेगी।





