छत्तीसगढ़

नशीली दवाओं के नेटवर्क का खुलासा, मथुरा से सप्लायर गिरफ्तार

Shantanu Roy
21 Sept 2026 5:24 PM IST
नशीली दवाओं के नेटवर्क का खुलासा, मथुरा से सप्लायर गिरफ्तार
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Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम गुड़ी में प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश के मथुरा से गिरफ्तार कर बिलासपुर लाया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले में जुड़े अन्य आरोपियों और नशे के अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच कर रही है।

गुड़ी में पकड़ा गया था नशीली दवाओं का जखीरा
जानकारी के अनुसार, सीपत पुलिस ने ग्राम गुड़ी में दबिश देकर नशीली दवाओं का अवैध कारोबार करने वाले उग्रसेन लोनिया, मुकेश कुमार लोनिया और परमेश्वर लोनिया उर्फ कोंदा को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 19 लाख रुपए कीमत की प्रतिबंधित दवाएं और दो मोबाइल फोन बरामद किए थे। जांच के दौरान आरोपियों से पूछताछ में दवाओं के सप्लायर के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

मथुरा से पकड़ा गया सप्लायर
आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने सप्लायर राहुल अग्रवाल पिता महेश चंद अग्रवाल (46 वर्ष), निवासी गोविंद नगर मथुरा की पहचान की। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम को मथुरा भेजा गया। टीम ने गोविंद नगर क्षेत्र में दबिश देकर राहुल अग्रवाल को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने नशीली दवाओं की सप्लाई से जुड़े होने की बात स्वीकार की। इसके बाद उसे मथुरा कोर्ट में पेश किया गया और ट्रांजिट रिमांड लेकर पुलिस उसे बिलासपुर लाई। जरूरी पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

मजदूर से बना नशीली दवाओं का कारोबारी
पुलिस जांच में सामने आया कि ग्राम गुड़ी निवासी मुकेश लोनिया कुछ समय पहले मजदूरी करने उत्तर प्रदेश गया था। इसी दौरान वह नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के संपर्क में आया। गांव लौटने के बाद उसने अपने पिता उग्रसेन लोनिया और रिश्तेदार परमेश्वर लोनिया के साथ मिलकर प्रतिबंधित नशीली गोलियों की बिक्री शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, मुकेश पहले भी एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल जा चुका है।

घर से मिली थी लाखों की नशीली गोलियां
एसीसीयू और पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम गुड़ी लोनिया पारा में दबिश दी थी। तलाशी के दौरान घर से भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद हुई थीं। जांच में प्रॉक्सिको स्पास और अल्प्राविन जैसी दवाओं की करीब 4,750 गोलियां मिली थीं। बरामद दवाओं की कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई गई थी। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी), 22(सी) और 29 के तहत अपराध दर्ज किया है।

अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई कहां-कहां तक फैली हुई थी और इस कारोबार में कितने लोग जुड़े हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपियों ने अवैध कारोबार से कितनी संपत्ति अर्जित की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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