छत्तीसगढ़

डॉक्टर ने व्हाट्सएप से दूसरे से लिया ज्ञान और प्लास्टर करने में कर दी लापरवाही, दर्द से कहर रहा मासूम

Nil dhankar
24 Jan 2026 7:43 AM IST
डॉक्टर ने व्हाट्सएप से दूसरे से लिया ज्ञान और प्लास्टर करने में कर दी लापरवाही, दर्द से कहर रहा मासूम
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दुर्ग। जिले के उतई क्षेत्र में बीते 26 दिसंबर को दुर्घटना में हाथ फ्रैक्चर हुए नौ वर्षीय बच्चे के उपचार में गंभीर लापरवाही बरती गई। आस्था अस्पताल उतई के बीएमएस डॉक्टर ने एक्स रे फिल्म को फोन पर दूसरे डॉक्टर को भेजा, राय ली और उसी हिसाब से बच्चे की हाथ में प्लास्टर लगा दिया। बीते एक दिन पहले प्लास्टर खोला गया तो फ्रैक्चर जस का तस था। वहीं बच्चा दर्द से परेशान है।

जानकारी के अनुसार उतई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पतोरा निवासी सलोक बंजारे पिता राजेश कुमार बंजारे का दुर्घटना की वजह से दाए हाथ में फ्रैक्चर आ गया था। स्वजन उसे लेकर आस्था अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे। परिजनों के अनुसार वहां डा. पवन तिवारी (बीएएमएस/एमडी, डीफार्मा) ने पहले तो बच्चे का एक्स रे कराया। इसके बाद एक्स रे को उन्होंने अस्पताल में ही ओपीडी में आने वाले एक अन्य डा. सौरभ चंद्राकर को व्हाट्सअप पर भेजकर उससे राय ली। संबंधित डाक्टर द्वारा दिए गए सुझाव के आधार पर ही डा. पवन तिवारी ने स्वयं ही बच्चे के हाथों में प्लास्टर कर दिया। स्वजनों की मानें तो प्लास्टर लगने के कई दिनों बाद भी बच्चे के हाथ में दर्द, सूजन और कमजोरी बनी हुई थी। इससे हड्डी सही तरीके से न जुड़ने की आशंका बन गई थी।

स्वजनों ने बताया कि गुरुवार को बच्चों को लेकर वे आस्था अस्पताल उतई पहुंचे। प्लास्टर खोलने के बाद भी बच्चे के हाथ में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। एक नजर में ही हाथ की हड्डी तिरछी नजर आ रही है। इसे लेकर स्वजन अब परेशान हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच और बच्चे को योग्य आर्थोपेडिक डॉक्टर से तत्काल इलाज दिलाने की मांग की है।


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