छत्तीसगढ़

डॉक्टर दो महीने से फरार 40 पोस्टमार्टम रिपोर्ट अटकी

Shantanu Roy
15 Sept 2026 8:05 PM IST
डॉक्टर दो महीने से फरार 40 पोस्टमार्टम रिपोर्ट अटकी
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छग
Bilaspur. बिलासपुर। सिम्स के फॉरेंसिक विभाग के डॉक्टर एसएन गोले के करीब दो महीने से फरार होने के कारण लगभग 40 पोस्टमार्टम रिपोर्ट लंबित होने की जानकारी सामने आई है। सर्पदंश से मौत के कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कर मुआवजा और बीमा क्लेम लेने के मामले में पुलिस उनकी तलाश कर रही है। डॉक्टर के नहीं मिलने से पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी करने में तकनीकी और कानूनी अड़चन पैदा हो गई है। इसका असर मृतकों के परिजनों के साथ पुलिस जांच, न्यायिक प्रक्रिया और बीमा क्लेम पर भी पड़ रहा है।
मामला सर्पदंश
से मौत की कथित फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने से जुड़ा है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए लाखों रुपये का मुआवजा और बीमा क्लेम हासिल करने का खेल चल रहा था। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने सिम्स के फॉरेंसिक विभाग के डॉ. एसएन गोले, डॉ. प्रियंका सोनी सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस इस मामले में अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं एक महिला डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिलने की जानकारी है।

डॉ. गोले फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उनके फरार होने के कारण उनके द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट जारी करने को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है। जांजगीर, मुंगेली, कोटा और लोरमी सहित दूरदराज के क्षेत्रों से मृतकों के परिजन पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेने सिम्स पहुंच रहे हैं। रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है। सिम्स प्रबंधन के मुताबिक जिन शवों का पोस्टमार्टम डॉ. गोले ने किया था, उनसे जुड़े मेडिकल निष्कर्ष की जानकारी मुख्य रूप से संबंधित डॉक्टर के पास है। किसी दूसरे चिकित्सक द्वारा उन मामलों में रिपोर्ट जारी किए जाने पर कानूनी सवाल खड़े होने की आशंका है। इसी वजह से फॉरेंसिक विभाग के अन्य डॉक्टर लंबित रिपोर्टों पर निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने स्वास्थ्य संचालनालय को पत्र लिखा है। इसमें लंबित पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और कानूनी प्रक्रिया को लेकर मार्गदर्शन मांगा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिलने का असर पुलिस की जांच पर भी पड़ रहा है। हत्या, संदिग्ध मौत और दुष्कर्म जैसे 12 से अधिक गंभीर मामलों की जांच प्रभावित होने की जानकारी है।

पीएम और विसरा रिपोर्ट के अभाव में कुछ मामलों में चालान पेश करने और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में भी परेशानी आने की बात कही जा रही है। इसके अलावा सड़क हादसों और अन्य दुर्घटनाओं से जुड़े 40 से अधिक जीवन बीमा एवं दूसरे क्लेम भी प्रभावित बताए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है। रिपोर्ट नहीं मिलने से मृतकों के परिजनों को मुआवजा और बीमा क्लेम की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में परेशानी हो रही है। पुलिस की दो
विशेष टीमें
फरार डॉक्टर की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल के मुताबिक साइबर सेल की मदद से भी डॉक्टर की लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति के अनुसार डॉ. गोले करीब दो महीने से फरार हैं और उनके द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट लंबित हैं। इस समस्या के समाधान के लिए उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा गया है, ताकि कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए रिपोर्ट जारी करने का रास्ता निकाला जा सके।
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