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Durg. दुर्ग। दुर्ग संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर ने प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत् दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पाण्डेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने और आम जनता से अशिष्ट व्यवहार (कदाचरण) करने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। यह कार्रवाई कलेक्टर अभिजीत सिंह के प्रस्ताव और शासन द्वारा आयोजित ’सुशासन तिहार’ के तहत ग्राम थनौद के जन समस्या निवारण शिविर में सीईओ पाण्डेय द्वारा जनता से की गई बदसलूकी के वीडियो क्लिप के आधार पर की गई है। इस संबंध में जारी कारण बताओ नोटिस का सीईओ द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत यह निलंबन आदेश जारी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के अनुसार, प्रत्येक शासकीय सेवक को सदैव पूर्ण रूप से सन्निष्ठ रहना, कर्तव्यपरायण रहना और ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना अनिवार्य है जो शासकीय सेवक के लिए अशोभनीय हो, तथा नियम 3-क के खण्ड (क) के अनुसार कोई भी शासकीय सेवक अपने पदीय कृत्यों के पालन में अशिष्टता से कार्य नहीं करेगा, ऐसा उपबंधित है। निलंबन अवधि के दौरान श्री पाण्डेय को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। उक्त कार्यवाही के बाद कलेक्टर श्री सिंह द्वारा प्रेषित प्रस्ताव अनुसार व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिला पंचायत दुर्ग के प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी महेन्द्र कुमार जांगड़े को अपने वर्तमान कार्यों के साथ-साथ जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
दुर्ग, 01 जून 2026/ दुर्ग संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर ने प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत् दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पाण्डेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने और आम जनता से अशिष्ट व्यवहार (कदाचरण) करने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। यह कार्रवाई कलेक्टर अभिजीत सिंह के प्रस्ताव और शासन द्वारा आयोजित ’सुशासन तिहार’ के तहत ग्राम थनौद के जन समस्या निवारण शिविर में सीईओ पाण्डेय द्वारा जनता से की गई बदसलूकी के वीडियो क्लिप के आधार पर की गई है। इस संबंध में जारी कारण बताओ नोटिस का सीईओ द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत यह निलंबन आदेश जारी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के अनुसार, प्रत्येक शासकीय सेवक को सदैव पूर्ण रूप से सन्निष्ठ रहना, कर्तव्यपरायण रहना और ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना अनिवार्य है जो शासकीय सेवक के लिए अशोभनीय हो, तथा नियम 3-क के खण्ड (क) के अनुसार कोई भी शासकीय सेवक अपने पदीय कृत्यों के पालन में अशिष्टता से कार्य नहीं करेगा, ऐसा उपबंधित है। निलंबन अवधि के दौरान श्री पाण्डेय को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। उक्त कार्यवाही के बाद कलेक्टर श्री सिंह द्वारा प्रेषित प्रस्ताव अनुसार व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिला पंचायत दुर्ग के प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी महेन्द्र कुमार जांगड़े को अपने वर्तमान कार्यों के साथ-साथ जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
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