जनपद CEO सस्पेंड, बीजेपी नेता के साथ किया था दुर्व्यवहार

दुर्ग। बीजेपी नेता के साथ दुर्व्यवहार मामले में जनपद CEO को सस्पेंड कर दिया गया है। कलेक्टर दुर्ग द्वारा रूपेश कुमार पाण्डेय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, दुर्ग के द्वारा कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही एवं अशिष्ट व्यवहार किए जाने के कारण निलंबन की कार्यवाही प्रस्तावित की गई है।
भाजपा राज में अफसरशाही बेकाबू!
— Sushil Anand Shukla (@SushilAnandCG) May 30, 2026
दुर्ग के सुशासन तिहार में जांच की मांग पर जनपद CEO भाजपा नेताओं को खुलेआम धमकाता रहा... “जो करना है कर लो” और विधायक ललित चंद्राकर बेबस खड़े देखते रहे। यह भाजपा सरकार के खोखले सुशासन की असली तस्वीर है। pic.twitter.com/KgXOH9ZRX8
कलेक्टर जिला दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव एवं शासन द्वारा आयोजित सुशासन विहार के तहत् ग्राम धनीद में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में रूपेश कुमार पाण्डेय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत दुर्ग द्वारा आम जनता से अशिष्ट व्यवहार संबंधी वीडियो क्लिप के अवलोकन से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट होता है कि रूपेश कुमार पाण्डेय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, दुर्ग के द्वारा शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार एवं शिविर में कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही एवं आम जनता से अशिष्टतापूर्वक व्यवहार किया गया है, जो कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत होने के कारण इस कार्यालय के पत्र क्रमांक / 1578 / आयुक्त / स्थापना / 2026 दिनांक 30 मई, 2026 द्वारा रूपेश कुमार पाण्डेय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, दुर्ग को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसके संदर्भ में पाण्डेय के द्वारा प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नहीं है।
व्याख्या लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन तन्त्र आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होता है, फलस्वरूप प्रत्येक लोक सेवक द्वारा आम नागरिकों से शिष्ट व्यवहार को आचरण संहिता का एक महत्वपूर्ण घटक माना गया है।
छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय रायपुर की अधिसूचना क्रमांक एफ 3-1 /2007 / 1-3 दिनांक 04 अगस्त, 2008 के द्वारा समस्त संभागीय आयुक्तों को उनके अपने-अपने संभागों में पदस्थ राज्य शासन के सभी विभागों के द्वितीय श्रेणी के (न्यायिक सेवा तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों से भिन्न) शासकीय सेवको के संबंध में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 10 के खण्ड (एक) से (चार) में विनिर्दिष्ट शास्तियां अधिरोपित करने हेतु अधिकार प्रत्यायोजित किए गए है।





