
कांग्रेस संगठन चुनाव: पूरे प्रदेश में दे...दनादन, आपस में सिरफुटौव्वल
कांग्रेसियों को अपनी ही पार्टी के नियम कायदे और प्रोटोकॉल की परवाह नहीं
कांग्रेस में पैसे के दम पर कोई भी पद पा सकते हो वाला सिस्टम लागू, हर जिले में संघर्ष
संगठन चुनाव में जातिकार्ड के बहाने बड़े नेता खेल रहे खेल, बड़े नेता तौल-तौल कर हिसाब कर रहे, सोशल मीडिया में वायरल होते पोस्ट
अपने समर्थकों को अध्यक्ष बनाने साम-दाम, दंड, भेद की रणनीति अपना रहे नेता
कोमा में पड़ी कांग्रेस को नाड़ा-पजामा छाप नेता होश में लाने की कर रहे कोशिश
परदेशिया माफिया, बिल्डर माफिया, सट्टा माफिया, रेत माफिया, भू-माफिया अपने गुर्गे को जिला अध्यक्ष बनाने के लिए करोड़ों का दांव लगा रहे
रायपुर (जसेरि)। संगठन चुनाव की अंगड़ाई कोमा में पड़ी कांग्रेस में नाड़ा पायजामा छाप नेताओं की दौड़ चालू है, गधे को पायजामा पहनाने जैसा ही उतनी ही मेहनत कांग्रेस संगठन चुनाव के लिए जी जान से करने में लगी है। छत्तीसगढ़ के नेता एक दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हुए है और अपनी जाति और समूह का सबसे बड़ा नेता बताने में कोई गुरेज नहीं रहे है। ताज़ा तरीन वाक्या बलौदा बाज़ार जिले का है जहाँ पर नितिन राउत पूर्व मंत्री महाराष्ट्र सरकार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ऑब्ज़र्वर बन कर प्रदेश कांग्रेस के तीन बड़े नेताओं के साथ जो प्रोटोकॉल के अनुसार चुनाव कार्यक्रम निपटाने हेतु नियुक्त किए गए थे और उसी के अनुसार तीन प्रदेश के नेता गुरूमुख सिंह होरा, मोहम्मद अक़बर और कोकोपाड़ी सभी ने एक साथ बलौदाबाजार जिले में कांग्रेस भवन में कार्यक्रम भेंट मुलाक़ात कार्यकर्ताओं की राय समर्थकों की राय जानने के लिए बड़ी बैठक का आयोजन किया गया था। लेकिन उस मे बिन बुलाए मेहमान जो पहुँचे थे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री शिव कुमार डहरिया अपने किसी ख़ास समर्थक को बलौदाबाजार ज़िले का अध्यक्ष बनाने की मंशा से वे लॉबिंग करने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए बैठक में भी बैठ गए। लेकिन बलौदा बाज़ार के स्थानीय नेताओं ने जमकर विरोध किया। यहाँ तक कि राहुल गांधी को ईमेल कर सोशल मीडिया में प्रचारित भी किया शिव कुमार डहरिया सतनामी समाज के सबसे बड़े नेता हैं वे नहीं चाहते के किसी भी सतनामी नेता को कांग्रेस पार्टी में बड़ा उच्च स्थान मिले वजह ये कुछ दिनों के बाद छोटा नेता बड़ा बन जाएगा और डॉक्टर शिव कुमार डहरिया को कौन पूछेगा। इसी को लेकर ज़िले के सतनामी नेताओं ने भी कांग्रेस आलाकमान को सीधा शिकायत ईमेल के द्वारा दर्ज कराई है। ग़ौरतलब है कि बलौदा बाज़ार जिला सतनामी समाज बहुल है और इसी के कारण अग्निकांड जैसी बड़ी घटना बलौदाबाजार जिले में हुई थी और उसमें भी कांग्रेस पार्टी का बड़े नेताओं का नाम पुलिस में दर्ज है। कुछ दिन पहले जिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुमित्रा धृतलहरे जिला अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था अब चूंकि संगठन चुनाव फिर से हो रहा है तो सतनामी समाज ही चाहता है उन्हीं के बिरादरी से कोई भी जिलाध्यक्ष बने लेकिन प्रदेश के बड़े नेता जो अपने आप को सतनामी समाज के सबसे बड़े नेता मानते हैं उनकी दृष्टिकोण में ही हितेंद्र ठाकुर या अन्य किसी एक का बलौदा बाज़ार जिला अध्यक्ष बनाने का अधिकार वे रखते जो सतनामी नेता पार्टी के लिए दिन रात मेहनत करके पच्चीस साल अपनी जवानी पार्टी के नाम लिख दी है इनमें से एक नेता बसंत आदिल अपनी फ़ेसबुक आई डी में स्पष्ट रूप से पूरे झगड़े का ख़ुलासा और शिकायतों का पुलिंदा खोलकर रख दिया। पूरे छत्तीसगढ़ है अभी चुनाव शुरू ही हुए हैं और कांग्रेस में धमाका सामने आते जा रहा है ये स्थिति सभी जिलों का है, यही हाल है अब रायपुर का है या उससे बुरा भी हो सकता है।
रायपुर में भी तथा कथित अपने आप को बड़ा दिखाने वाले नाला पायजामा छाप नेताओं ने इसी तरीक़े चलती मीटिंग में अपने समर्थकों को अध्यक्ष बनाने के लिए ग़लत तरीक़े से चाल चलकर मेहनत करने वाले पुराने कांग्रेसियों के माथे में बल की लकीर खींच दी है। चुनाव लडक़र बड़ी बाज़ी हारने वाले हैं ऐसे नाड़ा पायजामा छाप नेता रायपुर शहर को अपने बाप की जागीर समझते है और कांग्रेस पार्टी को भी जेब लेकर घुमने का दंम भऱते है। पार्टी मानती भी हैं वैसे नेताओं ने जमकर पार्टी का दोहन किया है उसके बाद भी पुराने नेताओं की टिकट काट कर अपने परिवार को दिलाने में कामयाब हो गए अब कांग्रेस के संगठन चुनाव में भी पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को तिरस्कृत और हीनभावना से ही कार्यक्रम में उपयोग किया जाता है। ऐसा ही सभी पुराने नेताओं हता रहा है एक कार्यकर्ता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि कांग्रेस को डूबाने वाले ही बड़े नेता है जो अपने वर्चस्व के लिए किसी को भी निपटा देते है. एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने जनता से रिश्ता के संवाददाता के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त की। अब देखना है कि संगठन चुनाव वाक़ई में सच्चाई के साथ होता है या 3 तीन नाम भेजने के उपरांत दो दो नाम पीसीसी के जुडक़र और एक एक नाम बड़े नेताओं से जुडक़र ऊपर लिस्ट जाती है । उसके बाद हो सकता है कि महामंत्री के कहने पर फिर से बड़े नेता बैठकर एक एक नाम को दिवाली के बाद बढ़ाएंगे। उसी के उपरांत 25 दिसंबर के बाद या जनवरी सोलह तारीख़ के उपरांत प्रदेश में सभी जिलों की कार्यकारिणी घोषित किए जाने की संभावना है।
सट्टा, जुआ, बिल्डरों की लॉबी माफिय़ा डॉन कांग्रेसियों के संरक्षित
प्राय: प्राय: सभी जगह नाड़ा पायजामा छाप नेताओं की कमी नहीं होने के उपरांत भी सट्टा, जुआ, बिल्डरों की लॉबी माफिय़ा डॉन छुपे रूस्तम अलग से अपनी लॉबी बनाकर कांग्रेस में किसी भी क़ीमत में अध्यक्ष पद पकडऩे के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहा है वो परदेसी पायजामा छाप नेताओं की भरमार नए नवेले भ्रष्ट अधिकारियों के रिटायर्ड अधिकारियों के बेटे और जोगी कांग्रेस से आए कई नए नवेले प्रत्याशी भी बड़े नेताओं के आगे पीछे घूमकर अपनी ज़ोर अजमाइश पैसों के दम पर कर रहे है लगातार जो कांग्रेस रहकर कांग्रेस की पीठ में छुरा भोंकने वाले भी पैसे के दम पर नेताओं को खऱीदने की बात कर रहे हो और अध्यक्ष बनने को चैलेंज स्वीकार कर रह हैं।





