छत्तीसगढ़

डायल-112 ड्यूटी में नशे में मिला आरक्षक, हादसे के बाद SP ने लिया एक्शन

Shantanu Roy
19 Sept 2026 5:47 PM IST
डायल-112 ड्यूटी में नशे में मिला आरक्षक, हादसे के बाद SP ने लिया एक्शन
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Balrampur. बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में डायल-112 की ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में पाए गए आरक्षक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने आरक्षक संजय मारकण्डे को पुलिस सेवा से पृथक कर दिया है। आरोप है कि आरक्षक और डायल-112 वाहन का चालक ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में थे और इसी दौरान शासकीय वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। मामले की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरक्षक के आचरण को गंभीर अनुशासनहीनता और ड्यूटी के प्रति लापरवाही माना गया।
जानकारी के अनुसार, बसंतपुर थाना क्षेत्र में संचालित डायल-112 वाहन क्रमांक सीजी 03 ए-2749 में 7 जुलाई 2026 की रात आरक्षक क्रमांक 878 संजय मारकण्डे की ड्यूटी लगाई गई थी। वाहन में चालक ओमप्रकाश यादव भी तैनात था। रात करीब 11:40 बजे सूचना मिलने के बाद आरक्षक और चालक डायल-112 वाहन से ग्राम सिवरी बरतीकला की ओर रवाना हुए थे। बताया गया कि रात करीब 11:45 बजे वाड्रफनगर-अंबिकापुर मुख्य मार्ग पर न्यू पंचवटी ढाबा के आगे डायल-112 वाहन की सामने से आ रही एक पिकअप से जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि डायल-112 वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान आरक्षक और वाहन चालक के शराब के नशे में होने की बात सामने आई। इसके बाद दोनों को तत्काल मेडिकल परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वाड्रफनगर भेजा गया। विभागीय जानकारी के मुताबिक, मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट में आरक्षक संजय मारकण्डे और चालक के शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर आरक्षक की भूमिका की जांच की गई। इसमें पाया गया कि डायल-112 जैसी महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवा में ड्यूटी पर तैनात होने के बावजूद आरक्षक शराब के नशे में था। विभाग ने इसे ड्यूटी के प्रति गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना। शासकीय वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से विभागीय संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा।
डायल-112 सेवा आम लोगों को आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित की जाती है। ऐसे में इस सेवा में तैनात कर्मचारियों से विशेष सतर्कता और अनुशासन की अपेक्षा की जाती है। प्रकरण में सामने आई परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने कड़ा रुख अपनाया। एसपी वैभव बैंकर ने पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए आरक्षक संजय मारकण्डे के खिलाफ कार्रवाई की और उसे तत्काल प्रभाव से पुलिस सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया। विभागीय कार्रवाई के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन, लापरवाही और अनुशासनहीनता को गंभीरता से लिया जाएगा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में चालक ओमप्रकाश यादव के खिलाफ की गई अंतिम विभागीय कार्रवाई का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। ऐसे में चालक पर कार्रवाई को लेकर आधिकारिक आदेश या विभागीय जानकारी की पुष्टि आवश्यक होगी।
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