
जंगल में मंगल मनाने के और रइसों को फुल इंटरटेनमेंट और मस्ती देने वीकेंड में डेस्टिनेशन पार्टी
होटल, क्लब, फार्म हाउस से ऊब चुके रइसों से कमाने का नया तरीका है डेस्टिनेशन पार्टी, आयोजनकर्ता कर रहे जीएसटी चोरी
रायपुर (जसेरि)। राजधानी के अमीरों को विदेशियों की हवा लग चुकी है, अनाप-शनाप कमाई को खर्च करने और शानो शौकत का प्रदर्शन करने के लिए बहाना ढूंढते रहते, इस बात का पता जब से होटल वालों को चला है तब से फुल इंयाजमेंट के साथ पार्टी को एक नया नाम देकर कमाई का जरिया बनाया है। डेस्टिनेशन पार्टी के नाम पर जमकर कमाई कर रहे है। डेस्टिनेशन पार्टी रायपुर के आस पास जंगलों में ट्रैकिंग और डेस्टिनेशन के नाम पर सोशल मीडिया में वीडियो वायरल ह रहा है साथ ही पोस्टर बनाकर रखा है जो युवाओं को भ्रमित कर डेस्टिनेशन पार्टी के नाम पर आकर्षित हो रहे है। यह आयोजन शुक्रवार, शनिवार और रविवार को किया जाता है। इस डेस्टिनेशन पार्टी के आयोजकों द्वारा अब खुलेआम जीएसटी की चोरी की जाती है वहीं इस पार्टी में इंट्री फीस साढ़े 4 हज़ार छ: हज़ार रुपया प्रति व्यक्ति टिकट लेते हैं जिसमें किसी प्रकार की जीएसटी या आबकारी टैक्स नहीं पटाया जाता है । छत्तीसगढ़ के अधिकांश इवेंट मैनेजर औऱ आयोजन के कर्ताधर्ता बैगर जीएसटी नंबर के इस तरीक़े के आयोजन बड़े पैमाने में छत्तीसगढ़ में कर रहे है। ट्रैकिंग के नाम पर खुले अब सेक्स पार्टी विकेंड पार्टी, बैचलर पार्टी, न्यूड पार्टी, डेस्टिनेशन पार्टी में सभी स्पॉट पर खुलेआम हो रहा है। कसडौल, बलौदा बाज़ार, राजिम, कांकेर, चारामा, बागबाहरा, खल्लारी, महासमुंद, खरियाररोड जाने वाले मार्ग पर अनेक फार्महाउस अमलेश्वर पाटन रोड के फ़ार्म हाउस में खुलेआम परदेशिया कंपनी जीएसटी चोरी कर राज्य के युवाओं को पश्चिमी सभ्यता विकेंड पार्टी नशे की पार्टी, न्यूड पार्टी के तरफ़ धकेल रहे है । पुलिस भी बेख़बर जिला प्रशासन भी बेख़बर है जीएसटी वालों को भी होश नहीं । सबसे ज़्यादा देश मे नंगी पार्टी का गढ़ बना छत्तीसगढ़ में युवाओं को बर्बाद करने के लिए और परदेसी कंपनियां तो खुलेआम दो नम्बर का धंधा कर अपना उल्लू सीधा कर करोड़ रुपया कमा रहे है । जनता से रिश्ता अख़बार के दफ़्तर के पास सभी सबूत पक्के तौर पर शिकायतों के साथ उपलब्ध है। राज्य की सभी होटल में फ़ार्म हाउस में और पार्टी लॉन में खुलेआम विकेंड में तरह-तरह की पार्टियां बिना परमिशन के बिना जीएसटी के बिना मान मर्यादा किए और बिना आबकारी टैक्स के क़ानून की धज्जियां उड़ाते हुए रायपुर सहित छत्तीसगढ़ जंगलों में मंगल का खेल चल रहा है इश तरह की नंगी पार्टी जिसे डेस्टिनेशन पार्टी यूरोपियन, इस्राईल देशों में होता है जहां सामाजिक मर्यादा संस्कार, संस्कृति जैसे आचरण के विरूद्ध है। लेकिन भारत में तो सामाजिक मर्यादा का सम्मान समस्कार के साथ कानूनी रूप से किया जाता है।
जूक क्लब में मारपीट करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार
सटोरिया विकास अग्रवाल पर भी गिर सकती है अपहरण काण्ड मामलें की गाज, विकास अग्रवाल कम समय में बना करोड़ों का मालिक, ये जांच का विषय
विक्की अग्रवाल वही शख्स है जिसने हाइपर क्लब में रोहित तोमर के साथ मिलकर की थी फायरिंग
विक्की अग्रवाल 5 मार्च 2025 में डीडी थाने में महादेव ऑनलाइन सट्टे मामलें में हुआ था गिरफ्तार, गुढिय़ारी थाना इलाके में भी सटोरिया विकास अग्रवाल के खिलाफ दर्ज किया गया है अपराध
साल 2023 में नाडा पैजामाछाप सफ़ेद पोश नेताओं के सट्टे के पैसों से विक्की अग्रवाल घूम रहा था दुबई सटोरिया विकास अग्रवाल के पास लग्जरी कारों का कलेक्शन है
बिलासपुर में भी विकास अग्रवाल एक बड़े हिस्ट्रीशीटर के साथ मिलकर करता है पैसों की वसूली, विकास अग्रवाल के महादेव ऑनलाइन सट्टा आईडी का नाम- गोल्ड 365 है
विकास अग्रवाल के खिलाफ रायपुर शहर के अलग-अलग थाने में दर्ज है कई मामलें, नाड़ा पैजामा छाप कांग्रेसी नेताओं के संरक्षण में फला-फुला अब नए नेता की तलाश में
राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित जूक क्लब रविवार रात एक बार फिर अपराध और सट्टा विवाद का केंद्र बन गया। देर रात यहां हुई हिंसक झड़प और मारपीट ने शहर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने इस मामले में महादेव सट्टा ऐप संचालक सौरभ चंद्राकर के भांजे पुलकित चंद्राकर और उसके रिश्तेदार प्रखर चंद्राकर को गिरफ्तार किया है। दोनों को महासमुंद से गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया है, जहां क्राइम ब्रांच की टीम उनसे गहन पूछताछ कर रही है। वहीं, मुकुल सोना और अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। तेलीबांधा थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर में हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरी वारदात सट्टे के पैसों की लेन-देन से जुड़ी पुरानी रंजिश का परिणाम है, जिसमें रायपुर का सबसे बड़ा सटोरिया विकास अग्रवाल और ट्रांसपोर्ट कारोबारी अजय शंकर पांडे उर्फ अज्जू पांडे के नाम भी सामने आए हैं।
सबसे बड़ा सटोरिया है विकास अग्रवाल : छत्तीसगढ़ के सटोरिया विकास अग्रवाल का नाम पिछले कुछ वर्षों से अंडरवल्र्ड और सट्टा कारोबार में लगातार सुर्खियों में रहा है। कम समय में करोड़ों का मालिक बनने वाले विकास, जिन्हें आमतौर पर विक्की अग्रवाल के नाम से जाना जाता है, के खिलाफ राज्य भर में कई थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनके अंडरवल्र्ड और सट्टा कनेक्शन की जांच अब पुलिस की प्राथमिकता बन गई है। सूत्रों के अनुसार, विकास अग्रवाल का कद केवल अंडरवल्र्ड तक सीमित नहीं है। उनके नाम पर महादेव ऑनलाइन सट्टा आईडी - गोल्ड 365 भी सक्रिय है, जिसके जरिए उन्होंने बड़े पैमाने पर लेन-देन और सट्टे के कारोबार में शामिल लोगों से पैसे वसूले। वहीं, रायपुर और बिलासपुर में उनके खिलाफ दर्ज कई आपराधिक मामले, जिसमें हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी और धोखाधड़ी शामिल हैं, लगातार जांच के दायरे में हैं।
सूत्रों के अनुसार, उन्होंने रोहित तोमर के साथ मिलकर फायरिंग की थी। यह मामला पूरे रायपुर शहर में हलचल मचाने वाला रहा और तब से उनके खिलाफ पुलिस सतर्क है। इसके अलावा, 5 मार्च 2025 को विकास अग्रवाल को डीडी थाना में महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस समय उनके नेटवर्क और लेन-देन की जांच शुरू हुई थी। सूत्रों का कहना है कि उनके खिलाफ गुढिय़ारी थाना इलाके में भी अपराध दर्ज किया गया है। विकास अग्रवाल का अंडरवल्र्ड नेटवर्क केवल रायपुर तक सीमित नहीं है। वह बिलासपुर में एक बड़े हिस्ट्रीशीटर के साथ मिलकर पैसों की वसूली करता रहा है। इसके अलावा, उनके पास लग्जरी कारों का बड़ा कलेक्शन भी है, जो उनकी कम उम्र में हासिल की गई संपत्ति की प्रमाणिकता को दर्शाता है।
साल 2023 के दौरान यह जानकारी सामने आई कि विकास अग्रवाल नाडा पैजामाछाप सफ़ेदपोश नेताओं के सट्टे के पैसों से दुबई में घूम रहा था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनके कारोबार का दायरा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ था। इस पूरे मामले को लेकर अब पुलिस और खुफिया विभाग की निगाहें सतर्क हैं। विकास अग्रवाल का सट्टा कारोबार और अंडरवल्र्ड नेटवर्क कई शहरों में फैला हुआ है। रायपुर में उनके खिलाफ दर्ज मामलों में हत्या के प्रयास, अपहरण, मारपीट और सट्टा से जुड़े घोटाले शामिल हैं। बिलासपुर और गुढिय़ारी में उनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में वसूली, धमकी और अराजकता फैलाने की धाराओं में कार्रवाई जारी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि विकास अग्रवाल का कम समय में करोड़ों का मालिक बनना और उसके अंडरवल्र्ड कनेक्शन का विस्तार जांच का मुख्य विषय है। इसके साथ ही, उनके नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। जांच यह भी सामने ला रही है कि उनके द्वारा संचालित महादेव ऑनलाइन सट्टा में शामिल लोग कितने बड़े पैमाने पर राज्य और देश के बाहर भी सक्रिय थे।
सट्टे के पैसों से शुरू हुआ था विवाद, 28 लाख का लेन-देन बना कारण : सूत्रों के अनुसार, इस पूरी घटना की जड़ें 2 जुलाई 2025 की रात से जुड़ी हैं। उस रात विकास अग्रवाल ने अपने कुछ गुर्गों के साथ मिलकर भिलाई निवासी पुलकित चंद्राकर और उसकी महिला मित्र का अपहरण किया था। विकास अग्रवाल और पुलकित के बीच 28 लाख रुपये के सट्टा लेन-देन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जाता है कि विकास ने पुलकित को भिलाई थाना क्षेत्र से अगवा कर रायपुर लाया और आमानाका, डीडी नगर, पुरानी बस्ती और तेलीबांधा थाना क्षेत्रों में उसे घुमाते हुए बेरहमी से पीटा। एक चरण पर विकास ने पिस्टल के बट से पुलकित के चेहरे पर हमला किया और इंडियन ढाबा लाइन के पास उसके कपड़े उतरवाकर बेल्टों से पीटा। इस घटना ने पूरे रायपुर-अंडरवल्र्ड जगत में सनसनी फैला दी थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उस समय विकास अग्रवाल ही इस अपहरणकांड का मास्टरमाइंड था। वही विकास अब जूक क्लब हिंसा के तारों में भी जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
रविवार रात जूक क्लब में हिंसा - पुरानी रंजिश का बदला : रविवार की रात वीआईपी रोड स्थित जूक क्लब में भिलाई और रायपुर के कुछ युवक पार्टी करने पहुंचे थे। इनमें पुलकित चंद्राकर, प्रखर चंद्राकर, मुकुल सोना और प्रेम वर्मा शामिल थे। उसी दौरान वहां अजय शंकर पांडे उर्फ अज्जू पांडे भी क्लब में पहुंचा। सूत्र बताते हैं कि पुलकित और अज्जू के बीच पुरानी दुश्मनी थी, जो सट्टे के पैसों और एक पुराने विवाद से जुड़ी थी। जैसे ही अज्जू पांडे को पुलकित ने देखा, उसने अपने साथियों के साथ गाली-गलौज करते हुए हमला शुरू कर दिया। क्लब के अंदर पहले झगड़ा शुरू हुआ, जो कुछ ही मिनटों में बाहर सडक़ तक फैल गया। दोनों गुटों के बीच लाठी, बेल्ट और पिस्टल के बट से मारपीट हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि फायरिंग जैसी आवाजें भी सुनाई दीं, हालांकि पुलिस ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है। मारपीट में अजय उर्फ अज्जू पांडे गंभीर रूप से घायल हुआ और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। क्लब के अंदर कई टेबल, कुर्सियां और शीशे टूट गए।
सट्टा नेटवर्क और अंडरवल्र्ड कनेक्शन की गूंज : पुलकित और प्रखर चंद्राकर दोनों ही महादेव सट्टा ऐप नेटवर्क से जुड़े बताए जाते हैं। पुलकित सौरभ चंद्राकर का भांजा है, जो दुबई से संचालित होने वाले महादेव नेटवर्क का मुख्य चेहरा है। प्रखर चंद्राकर भी भिलाई का हिस्ट्रीशीटर माना जाता है। वह अमित जोश नामक अपराधी से जुड़ा रहा है, जिसकी पहले पुलिस मुठभेड़ में मौत हो चुकी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रखर और पुलकित दोनों लंबे समय से सट्टे और वसूली के कारोबार से जुड़े रहे हैं। दूसरी ओर, विकास अग्रवाल को रायपुर का सट्टा किंग कहा जाता है। वह हाइपर क्लब फायरिंग कांड में भी आरोपी है। तेलीबांधा थाना क्षेत्र में उस पर पहले से कई गंभीर अपराध दर्ज हैं, और वह बीते महीनों से फरार चल रहा है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई - दो गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी : घटना के बाद तेलीबांधा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों - पुलकित और प्रखर चंद्राकर - को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को महासमुंद जिले से ट्रेस कर रायपुर लाया गया, जहां क्राइम ब्रांच की टीम उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण में हत्या का प्रयास (धारा 307), अपहरण, धमकी और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस फरार आरोपियों मुकुल सोना और अन्य सहयोगियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। तेलीबांधा थाना प्रभारी ने कहा- यह मामला पूरी तरह आपराधिक नेटवर्क और अवैध सट्टे से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। किसी भी दबाव या राजनीतिक प्रभाव में आए बिना हम सभी आरोपियों पर कार्रवाई करेंगे।





