छत्तीसगढ़

कॉल मी सर्विस का ठेका निरस्त कराने की मांग, स्वास्थ्य मंत्री से मिला कर्मचारी संघ

Shantanu Roy
5 Jun 2025 10:51 PM IST
कॉल मी सर्विस का ठेका निरस्त कराने की मांग, स्वास्थ्य मंत्री से मिला कर्मचारी संघ
x
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में सफाई, सुरक्षा एवं अन्य सेवाओं को लेकर गहराते विवाद के बीच बुधवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का प्रतिनिधिमंडल राज्य के माननीय स्वास्थ्य मंत्री से मिला। इस दौरान प्रतिनिधियों ने अस्पताल में वर्षों से संचालित 'कॉल मी सर्विस' और उसके सुपरवाइजरों व बाउंसरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए, ठेका निरस्त करने की मांग की।
अस्पताल में कर्मचारियों में भय का वातावरण
संघ के प्रांतीय सचिव चेतन सिन्हा ने बताया कि कॉल मी सर्विस को अस्पताल प्रशासन द्वारा वर्षों से ठेका दिया जा रहा है, जिसमें भारी अनियमितता और सांठगांठ के आरोप हैं। इसके सुपरवाइजर एवं बाउंसर न केवल सफाई कर्मियों से दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि अस्पताल परिसर में भय और दहशत का माहौल पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दैनिक कार्य करने वाले कर्मचारियों को गाली-गलौज, धमकाने और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वहां का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
पत्रकारों से बदसलूकी का मुद्दा भी उठा
संघ ने बैठक में इस बात का भी विरोध दर्ज कराया कि इन बाउंसरों द्वारा हाल ही में मीडिया कर्मियों के साथ भी दुर्व्यवहार एवं मारपीट की गई, जो निंदनीय है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है और इसके लिए संबंधित ठेका एजेंसी को उत्तरदायी ठहराया जाना चाहिए।
मंत्री ने ठेका निरस्त करने का दिया आश्वासन
प्रांतीय सचिव चेतन सिन्हा ने बताया कि माननीय स्वास्थ्य मंत्री ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि जल्द ही डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में ठेका प्रणाली में बदलाव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की अनुशासनहीनता और असामाजिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे ये प्रमुख पदाधिकारी
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के इस प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहे, जिनमें प्रदीप बोगी, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष, एस.पी. देवांगन, महामंत्री, एस.एस. सोनी, अध्यक्ष, नेत्र सहायक अधिकारी प्रकोष्ठ, चेतन सिन्हा, प्रांतीय सचिव, नरेन्द्र पटेल, कमल चंद्राकर, खोमन पटेल, एल.पी. बनर्जी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे। संघ ने मांग की कि जब तक कॉल मी सर्विस का ठेका निरस्त नहीं किया जाता, तब तक अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा दी जाए और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाए। साथ ही भविष्य में किसी भी ठेका एजेंसी के चयन में पारदर्शिता और कर्मचारी हितों को प्राथमिकता दी जाए। संघ की इस पहल को अस्पताल के कर्मचारियों, मीडियाकर्मियों एवं नागरिक समाज से व्यापक समर्थन मिल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार जल्द ही इस पर ठोस निर्णय लेकर कर्मचारियों और मीडिया के सम्मान को सुरक्षित रखेगी।
Next Story