छत्तीसगढ़

मृत व्यक्ति ने अपना जमीन बेचा, गजब फर्जीवाड़ा का खुलासा

Nil dhankar
7 Aug 2026 1:35 PM IST
मृत व्यक्ति ने अपना जमीन बेचा, गजब फर्जीवाड़ा का खुलासा
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अंबिकापुर। अंबिकापुर में एक ऐसा फर्जीवाड़ा सामने आया है जिसे सुनकर ही होश उड़ जाएंगे। 63 साल पहले मृत व्यक्ति को भूमाफियाओं के गिरोह ने जिंदा कर दिया, आधार कार्ड बनवा दिया और उसी के नाम जमीन भी बेच दी। इस पूरे फर्जीवाड़ा में सबसे सनसनीखेज बात ये, सरगना दुष्कर्म के आरोप में जेल में है। जेल से उसने पूरे नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए इसे अंजाम दिया है। इस पूरे खेल और नेटवर्क को लेकर भाजपा पार्षद आलाेक दुबे ने शिकायत दर्ज कराई थी।

उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में भू-माफियाओं ने 1962 में मृत हो चुके एक व्यक्ति को, जमीन दलालों ने न सिर्फ कागजों में जिंदा कर दिया, बल्कि एक अन्य व्यक्ति का फर्जी आधार कार्ड बनाकर उसे ही असली मालिक बताकर करोड़ों रुपए की बेशकीमती जमीन की रजिस्ट्री भी करा ली। कोतवाली पुलिस ने भाजपा पार्षद आलोक दुबे की शिकायत पर बंटी पटेल, रामनिवास गुप्ता सहित पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना के तहत नामजद अपराध दर्ज किया है।

धोखाधड़ी जिस बेशकीमती जमीन के लिए की गई है, वह मां महामाया मंदिर के पास ओपीएस के सामने स्थित है। पुलिस के अनुसार इस पूरे केस का मुख्य दलाल और मास्टर माइंड वर्षित उर्फ बंटी पटेल है, जो हाल ही में एक दुष्कर्म के मामले में दो अगस्त को ही जेल जा चुका है। जेल में रहते हुए उस पर धोखाधड़ी का यह एक और बड़ा मामला दर्ज हो गया है।

घुटरापारा मायापुर स्थित खसरा नंबर 356/2 की 0.065 हेक्टेयर भूमि नोहर साय राजवाड़े के नाम पर थी, जिनकी मृत्यु 63 साल पहले 1962 में हो गई थी। आरोपियों ने मैनपाट के अमर सिंह का जाली आधार कार्ड बनवाया और उसमें नाम नोहर साय दर्ज कर दिया। अमर सिंह को 25 सितंबर 2025 को जमीन का असली मालिक बताकर पंजीयन कार्यालय में पेश किया और जमीन रामनिवास गुप्ता उर्फ बोखा और पायल पटेल के नाम ट्रांसफर करा दी।


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