छत्तीसगढ़

साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, म्यूल अकाउंट से 20.40 लाख की धोखाधड़ी

Shantanu Roy
24 April 2026 10:36 PM IST
साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, म्यूल अकाउंट से 20.40 लाख की धोखाधड़ी
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बैंककर्मी समेत 4 गिरफ्तार
Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नवागढ़ पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी बैंक खाते यानी म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर ठगी की रकम को खपाने का काम करते थे। मामले में करीब 20.40 लाख रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि HDFC बैंक की राछाभाठा शाखा में वर्ष 2023 और 2024 के दौरान फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कुल 6 बैंक खाते खोले गए थे। इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त कुल 20,40,244 रुपये की राशि जमा की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन में नवागढ़ थाना पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों को पैसे का लालच देकर उनके आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज प्राप्त करते थे। इसके बाद उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी बैंक खाते खोले जाते थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी की रकम को जमा करने और निकालने के लिए किया जाता था। गिरफ्तार आरोपी ननकी गौड़ ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। उसके अनुसार इस पूरे नेटवर्क में बैंक से जुड़े कुछ कर्मचारी और स्थानीय दुकानदार भी शामिल थे, जो कमीशन लेकर फर्जी खातों से पैसे निकालने और लेन-देन में सहयोग करते थे। पुलिस ने इस मामले में HDFC बैंक के कर्मचारी टीकाराम श्रीवास और लक्ष्मी वस्त्रालय से जुड़े दुकानदार राजेश्वर साहू को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने फर्जी खातों के संचालन और रकम निकासी में सक्रिय भूमिका निभाई।

गिरफ्तार आरोपियों में ननकी गौड़ (25), गौतम देवांगन (21), टीकाराम श्रीवास (29) और राजेश्वर साहू (31) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार इस गिरोह से जुड़े अन्य चार खाताधारक अभी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह संगठित तरीके से काम करता था और साइबर ठगी से आने वाली रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर उसे नकदी में बदल देता था। इस तरह का नेटवर्क राज्य में साइबर अपराधों को बढ़ावा देने का काम कर रहा था। इस पूरे मामले के खुलासे में
थाना प्रभारी
कमलेश सेंडे और नवागढ़ थाना पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक दस्तावेज, आधार कार्ड या खाते की जानकारी साझा न करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे साइबर ठगी गिरोहों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। यह कार्रवाई साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिससे फर्जी बैंकिंग नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार हुआ है।
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