
साइबर ठगी, आवास मित्र बनाने के नाम पर फर्जीवाड़ा
रायपुर। पीएम आवास के नाम पर आए दिन फ्रॉड के मामले सामने आते रहते हैं। हालिया मामला बेमेतरा जिले का है। जहां साइबर ठग आवास मित्र बनाने के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। ठगों के द्वारा फेक कॉल और पेमेंट कोड शेयर किए जा रहे हैं। वहीं जिला पंचायत ने इस तरह के मामले से बचने के लिए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। बेमेतरा जिले के अंतर्गत आने वाली चार जनपद पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास योजना के हितग्राहियों को सहयोग दिलाने के उद्देश्य से आवास मित्र के पदों के लिए जिला पंचायत की ओर से विज्ञापन जारी किया गया है, इस पद के लिए जिले के हजारों बेरोजगार युवाओं ने आवेदन पत्र भेजे हैं। वहीं यह भी देखने में आया है कि आवास मित्र के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए लगातार फर्जी कॉल किए जा रहे हैं। इसको ध्यान में रखते हुए जिला पंचायत ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
आवेदन के बाद दावा आपत्ति के लिए ऑनलाइन सूची जारी की गई. जिसके बाद साइबर ठगी करने वाले अब सक्रिय हो गए हैं. ठगों के द्वारा लगातार बेरोजगार युवकों के पास फोन कॉल कर, नौकरी लगवाने के नाम पर 30 हजार से लेकर 50 रुपए की मांग की जा रही है. इसके लिए वह बाकायदा कोड भेजा रहा है.
ठगी से बचे युवक की कहानी
ग्राम पंचायत कठौतिया के युवक गज्जू साहू की पत्नी गोमती साहू के द्वारा आवास मित्र के पद के लिए आवेदन किया गया था और उसका नाम सूची में आ गया है. इसके बाद साइबर ठग की ओर से उन्हें फोन किया गया और ?40000 की मांग की गई. इसके लिए तत्काल पैसा डालने के लिए कहा गया और कोड भेज दिया गया, लेकिन पैसा नहीं होने की बात कहकर गज्जू साहू ने फोन काट दिया. चॉइस सेंटर पहुंचकर फिर से गज्जू ने साइबर ठग को फोन किया, बातचीत की और उसे रिकॉर्ड कर लिया. बाद में इसकी जानकारी ग्राम पंचायत के सचिव व आम लोगों को दी गई, तब फर्जीवाड़े की जानकारी सामने आयी. हालांकि इस मामले में गज्जू बच गए और उन्होंने ठगों के अकाउंट में पैसा नहीं डाले। लेकिन आगे चलकर ऐसे कॉल से सावधान रहने की समझाइश दी गई है।
जिला पंचायत सीईओ ने की सतर्क रहने की अपील
साइबर ठगी के फोन आने की शिकायत मिलने के बाद जिला पंचायत के सीईओ ने लोगों से अपील की है कि इस प्रकार के कोई भी कॉल जिला पंचायत से नहीं जा रहे हैं, इसलिए आप सतर्क रहें, किसी को कोड या मोबाइल के माध्यम से पैसे ना दे, साथ ही किसी प्रकार के लिंक को भी ओपन ना करें, आप सीधे जिला पंचायत पहुंचकर इसकी जानकारी ले सकते हैं।





