इदं न मम भाव के साथ 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति

रायपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में बिरगांव रायपुर में आयोजित गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति मंगलवार को "इदं न मम" की भावना व लोककल्याण, जनकल्याण के भाव के साथ सम्पन्न हुई।
महायज्ञ के संयोजक शंकरलाल साहू एवं जिला समन्वयक लच्छूराम निषाद ने बताया कि पूर्णाहुति के पूर्व 42 लोगो ने गुरुदीक्षा लेकर यज्ञोपवीत धारण किया। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए कई पालियों में यज्ञ संपन्न कराया गया और।दोपहर को यज्ञ में पूर्णाहुति दी गई।पूर्णाहुति के अवसर पर रायपुर ग्रामीण के विधायक मोतीलाल साहू एवं महापौर नंदलाल देवांगन (सपत्नीक), स्थानीय पार्षद वेदराम, पवन साहू के साथ गायत्री परिवार के वरिष्ठ परिजन डॉ. अरुण मरढ़िया, मोहन उपारकर उपस्थित थे।
हरिद्वार से आए ऋषिपुत्र प्रमोद बारचे ने देव मंच से विभिन्न संस्कारों के महत्व को बताते हुए कहा कि गायत्री मंत्र सबसे शक्तिशाली मंत्र है, जिसके जाप से पापों से मुक्ति, मन की शांति और हृदय की मजबूती मिलती है। उन्होंने सभी को प्रतिदिन एक माला गायत्री मंत्र का जाप करने की सलाह दी। मां गायत्री की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र के प्रभाव से अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष, लालच और भय से मुक्ति संभव है। यज्ञ से व्यक्ति का जीवन महान बनता है। वह अपने जीवन में ऊंचाइयों को ग्रहण करता है।
पूर्णाहुति के पूर्व अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक आचार्य पंडित राम शर्मा आचार्य द्वारा नव युग के निर्माण के लिए किए जाने वाले कार्यों के लिए लिखे गए सत संकल्प का पाठ करवाते हुए उसे अपने जीवन एवं आचरण में उतारने कहा गया। पूर्णाहुति में श्रद्धालुओं से यज्ञ देव को दक्षिणा के रूप में अपने अंदर की एक बुराई छोड़ने, नशा मुक्त जीवन जीने का संकल्प दिलवाया एवं इसके बदले प्रसाद के रूप में एक अच्छाई ग्रहण करवाया। उन्होंने गुरदेव के कथन को बताया कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है। हम बदलेंगे-युग बदलेगा, हम सुधरेंगे-युग सुधरेगा इस बात पर हमारा परिपूर्ण विश्वास है। व्यक्ति के निमार्ण से ही परिवार निर्माण, समाज निमार्ण एवं राष्ट्र का निर्माण होता है एवं सशक्त व शौर्य राष्ट्र बनाने के लिए मनुष्य में चारित्रिक, बौद्धिक, सामाजिक और आध्यात्मिक स्तर का उत्थान बहुत आवश्यक है। पूर्णाहुति के बाद शांतिकुंज से आए ऋषिपुत्रों की विदाई की गई।





