छत्तीसगढ़
धर्म ट्रेड सेंटर की जमीन को लेकर शिकायत दर्ज, बलबीर सिंह ने लगाए गंभीर आरोप
Shantanu Roy
22 Sept 2026 6:15 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। राजधानी के भाटागांव स्थित धर्म ट्रेड सेंटर फेज-1 और निर्माणाधीन फेज-2 की जमीन, नक्शा, डायवर्शन एवं निर्माण स्वीकृति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। रायपुर नगर निगम के जोन कमिश्नर को दिए गए शिकायत पत्र में दावा किया गया है कि जिन खसरा नंबरों की जमीन पर निर्माण किया गया है, वे राजस्व अभिलेखों में शासकीय भूमि के रूप में दर्ज हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने के साथ जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य रोकने की मांग की है। हालांकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच और संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। शिकायत पत्र में ग्राम भाटागांव स्थित खसरा क्रमांक 636/7, 636/8, 635/3 और 635/4 का उल्लेख किया गया है। दावा है कि ये खसरे वर्ष 2016 से 2026 तक के शासकीय राजस्व अभिलेख बी-1 में “शासकीय भूमि” के रूप में दर्ज हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन खसरों के स्वामित्व रिकॉर्ड में कोई वैध संशोधन या त्रुटि सुधार नहीं किया गया है और वर्तमान रिकॉर्ड में भी जमीन शासकीय मद में दिखाई दे रही है।
फेज-1 बन चुका अब फेज-2 का चल रहा निर्माण
शिकायत के अनुसार संबंधित जमीन पर पहले धर्म ट्रेड सेंटर फेज-1 का निर्माण किया जा चुका है। वर्तमान में इसी क्षेत्र में धर्म ट्रेड सेंटर फेज-2 के तहत शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण किए जाने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि यदि संबंधित खसरे बी-1 राजस्व अभिलेख में शासकीय भूमि के रूप में दर्ज हैं तो भवन का नक्शा किस आधार पर स्वीकृत किया गया। साथ ही जमीन के डायवर्शन और निर्माण अनुमति की प्रक्रिया में किन दस्तावेजों को आधार बनाया गया, इसकी जांच की मांग की गई है।
नक्शा और डायवर्शन के दस्तावेज जांचने की मांग
शिकायत में कहा गया है कि किसी भी जमीन पर भवन निर्माण से संबंधित अनुमति जारी करने से पहले उसके राजस्व रिकॉर्ड और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में शिकायतकर्ता ने संबंधित जमीन के बी-1 रिकॉर्ड के साथ नक्शा स्वीकृति, डायवर्शन और निर्माण अनुमति से जुड़े दस्तावेजों का मिलान करने की मांग की है। यह भी मांग की गई है कि धर्म ट्रेड सेंटर फेज-1 और फेज-2 के लिए अब तक जारी सभी स्वीकृतियों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि अनुमति जारी करते समय जमीन का राजस्व रिकॉर्ड क्या था और संबंधित विभागों के सामने कौन-कौन से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे।
जांच तक निर्माण रोकने की मांग
शिकायतकर्ता ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि खसरा क्रमांक 636/7, 636/8, 635/3 और 635/4 से संबंधित रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही जांच पूरी होने तक निर्माणाधीन हिस्से में कार्य पर रोक लगाने की मांग भी की गई है। शिकायत में कहा गया है कि यदि जांच में शासकीय जमीन पर नियमों के विपरीत निर्माण स्वीकृति या अन्य अनुमति जारी करने की पुष्टि होती है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों और संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
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