छत्तीसगढ़

मंदिर हसौद में अवैध चखना सेंटरों की होड़, खुले में शराब पी रहे शराबी लोग

Shantanu Roy
23 Sept 2026 2:51 PM IST
मंदिर हसौद में अवैध चखना सेंटरों की होड़, खुले में शराब पी रहे शराबी लोग
x
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के ग्रामीण क्षेत्र में खुले में शराब पीने और कथित अवैध चखना सेंटरों के संचालन को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में शराब दुकान के आसपास और मुख्य मार्गों पर शराब पीने वालों के जमावड़े से ग्रामीणों को परेशानी होने का आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही कई स्थानों पर खुले में शराब पीने वालों की भीड़ लग जाती है, जिससे महिलाओं, बच्चों और राहगीरों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने पुलिस और संबंधित विभाग से क्षेत्र में नियमित कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक मंदिर हसौद क्षेत्र में शराब दुकान के आसपास कई स्थानों पर कथित रूप से चखना सेंटर संचालित हो रहे हैं। आरोप है कि इन स्थानों पर लोग शराब लेकर पहुंचते हैं और आसपास के खुले क्षेत्रों, सड़क किनारे तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बैठकर शराब पीते हैं। इससे क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि शराब दुकान से करीब एक किलोमीटर के दायरे तक अलग-अलग स्थानों पर शाम के समय शराब पीने वालों का जमावड़ा दिखाई देता है। हालांकि कथित चखना सेंटरों के वैध या अवैध होने और उनकी वास्तविक संख्या की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।

खुले में शराब पीने वालों से परेशानी का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने के कारण कई बार सड़क किनारे भीड़ लग जाती है। वाहनों के खड़े होने से यातायात भी प्रभावित होता है। शाम और रात के समय स्थिति ज्यादा परेशानी वाली हो जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब पीने के बाद कुछ लोग सड़क और आसपास के इलाकों में गाली-गलौज तथा हंगामा करते हैं। ऐसे में परिवार के साथ आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। महिलाओं और स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं को भी असुरक्षा महसूस होने की बात स्थानीय लोगों ने कही है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ कार्रवाई होने से इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
पुलिस की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
मंदिर हसौद क्षेत्र के लोगों ने स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्रवाई को पर्याप्त नहीं बताते हुए सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, इसके बावजूद कथित अवैध चखना सेंटरों और खुले में शराब पीने वालों पर प्रभावी अंकुश दिखाई नहीं दे रहा है। कुछ ग्रामीणों ने कथित तौर पर संरक्षण मिलने की आशंका भी जताई है, हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में संबंधित विभाग और पुलिस की जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन क्षेत्र का निरीक्षण कर यह पता लगाए कि शराब दुकान के आसपास संचालित चखना सेंटरों के पास आवश्यक अनुमति है या नहीं।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता
स्थानीय लोगों के अनुसार इस समस्या का सबसे अधिक असर शाम के समय दिखाई देता है। शराब पीने वालों के जमावड़े और कथित हुड़दंग के कारण महिलाएं और बच्चे कुछ रास्तों से आने-जाने में असहज महसूस करते हैं। सड़क किनारे वाहनों की भीड़ लगने से राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि देर रात तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहने से विवाद, मारपीट या अन्य आपराधिक घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। उनका कहना है कि किसी गंभीर घटना से पहले प्रशासन और पुलिस को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
नियमित गश्त और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने मंदिर हसौद पुलिस और संबंधित विभाग से शराब दुकान के आसपास के क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और गश्त बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और बिना अनुमति संचालित होने वाले चखना सेंटरों की जांच कर उन्हें बंद कराया जाए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं होने पर वे प्रशासन के समक्ष सामूहिक रूप से अपनी शिकायत रखेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं। फिलहाल ग्रामीणों को पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।
Next Story