छत्तीसगढ़

मांदरी नृत्य पर थिरके कलेक्टर कुंदन कुमार

Shantanu Roy
1 Oct 2026 3:15 PM IST
मांदरी नृत्य पर थिरके कलेक्टर कुंदन कुमार
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Kanker. कांकेर। जिले में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम मोदे में जिला स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पहुंचे कलेक्टर कुंदन कुमार का ग्रामीणों ने पारंपरिक अंदाज में बाजे-गाजे और मांदरी नृत्य के साथ स्वागत किया। ग्रामीणों के उत्साह और पारंपरिक नृत्य को देखकर कलेक्टर भी खुद को रोक नहीं पाए और नर्तक दल के बीच पहुंचकर मांदरी नृत्य किया। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजे नर्तक दल ने मांदरी नृत्य की प्रस्तुति दी। नृत्य की लय, ताल और ऊर्जा देखकर कलेक्टर
कुंदन कुमार
भी प्रभावित हुए। वे नर्तकों के बीच पहुंचे और उनके साथ कदम से कदम मिलाकर नृत्य करने लगे। कलेक्टर को ग्रामीणों के साथ सहज अंदाज में नृत्य करते देख मौके पर मौजूद लोगों में उत्साह और बढ़ गया। ग्रामीणों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।
कलेक्टर कुंदन कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में ऐसी विशेषता और आकर्षण है, जो हर किसी को अपनी ओर खींच लेती है। उन्होंने कहा कि यहां के पारंपरिक नृत्यों में ऊर्जा, तालमेल और आपसी समन्वय देखने को मिलता है। नर्तक दल जिस तरह एक साथ ताल मिलाकर प्रस्तुति देते हैं, उससे टीमवर्क और समन्वय की सीख मिलती है। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी काम को आपसी तालमेल और समन्वय के साथ किया जाए तो उसका प्रभाव अलग होता है। चाहे वह नृत्य हो, गीत हो या प्रशासनिक कार्य, सामूहिक प्रयास और बेहतर तालमेल से अच्छे परिणाम मिलते हैं।
उन्होंने नर्तक दल की फिटनेस की भी तारीफ की। कलेक्टर ने कहा कि मांदरी नृत्य देखने में जितना सहज लगता है, वास्तव में उसे करने के लिए काफी मेहनत और शारीरिक क्षमता की जरूरत होती है। कुछ समय नृत्य करने के बाद ही इसकी कठिनाई और कलाकारों की फिटनेस का अंदाजा हो जाता है। सेवा संकल्प अभियान के शिविर में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधे संवाद का अवसर भी मिला। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं और विभिन्न विभागों से जुड़ी योजनाओं तथा विकास कार्यों की जानकारी ली गई। स्थानीय संस्कृति की प्रस्तुति ने पूरे कार्यक्रम को खास बना दिया।
हालांकि कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर का सख्त प्रशासनिक रुख भी देखने को मिला। विभागीय कार्यों की प्रगति और ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण में लापरवाही सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने विभाग से संबंधित योजनाओं और कार्यों की पूरी जानकारी रखें। ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य केवल शिविर आयोजित करना नहीं, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं को मौके पर समझकर उनका समाधान सुनिश्चित करना है। अधिकारियों को अपने कार्यों के प्रति गंभीरता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा। ग्राम मोदे में आयोजित जिला स्तरीय शिविर में एक ओर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक कार्यों को लेकर कलेक्टर ने सख्त संदेश भी दिया। ग्रामीणों के साथ मांदरी नृत्य करते कलेक्टर का अंदाज कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
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