छत्तीसगढ़

कोयला कारोबारी से रायपुर के व्यापारियों ने की 1.45 करोड़ से की ठगी

Shantanu Roy
10 Jan 2026 9:38 PM IST
कोयला कारोबारी से रायपुर के व्यापारियों ने की 1.45 करोड़ से की ठगी
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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बड़े स्तर पर ठगी का मामला सामने आया है, जहां सरगुजा जिले के एक कोयला कारोबारी से 1 करोड़ 45 लाख 23 हजार रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगा है। पीड़ित कारोबारी को एग्रीकल्चर कमोडिटी ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर पहले निवेश के लिए उकसाया गया और जब वह इसके लिए तैयार नहीं हुए, तो उनसे ब्याज पर उधार के नाम पर बड़ी रकम ले ली गई। डेढ़ साल बीत जाने के बावजूद जब राशि वापस नहीं की गई, तो पीड़ित ने रायपुर के
कोतवाली
थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने भिक्षु ट्रेडर्स के संचालक हेमंत कुमार जैन, उसकी पत्नी कविता जैन और साले नवदीप दलाल के खिलाफ धारा 420 और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे हुई पहचान और शुरू हुआ लेनदेन
जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर निवासी 63 वर्षीय कोयला कारोबारी बिजेंद्र गुप्ता की पहचान रायपुर के बरेजपारा निवासी ट्रांसपोर्टर शनि गोयल के माध्यम से हेमंत कुमार जैन से हुई थी। हेमंत जैन रायपुर में भिक्षु ट्रेडर्स नाम से थोक गल्ला कारोबार करता है और देशभर में चना, हल्दी, जीरा और सौंफ जैसी एग्रीकल्चर कमोडिटी की खरीद-बिक्री का दावा करता है। परिचय के बाद हेमंत जैन ने बिजेंद्र गुप्ता को कई बार एग्रीकल्चर कमोडिटी ट्रेडिंग में पैसा लगाने का प्रस्ताव दिया। उसने बाजार में मंदी-तेजी का हवाला देते हुए चना, हल्दी और सौंफ की ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा होने की बातें कहीं।

मुनाफे का लालच, फिर उधार का प्रस्ताव
बिजेंद्र गुप्ता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्हें एग्रीकल्चर कमोडिटी ट्रेडिंग का कोई अनुभव नहीं था, इस कारण उन्होंने सीधे तौर पर पैसा लगाने से इनकार कर दिया। इसके बाद हेमंत जैन की पत्नी कविता जैन और उसका साला नवदीप दलाल भी लगातार फोन कर उन्हें समझाने लगे। तीनों ने कहा कि यदि वह ट्रेडिंग में निवेश नहीं करना चाहते हैं, तो रकम उधार के रूप में दे दें। आश्वासन दिया गया कि 6 माह बाद 1 प्रतिशत मासिक ब्याज के साथ पूरी रकम लौटा दी जाएगी। भरोसे में आकर बिजेंद्र गुप्ता ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।

RTGS से भेजी गई 1.45 करोड़ से अधिक की रकम
बिजेंद्र गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपने और अपनी पत्नी के बैंक खातों से 03 अप्रैल 2024 और 04 अप्रैल 2024 को भिक्षु ट्रेडर्स के एचडीएफसी बैंक खाते में कुल 1 करोड़ 45 लाख 23 हजार रुपये RTGS के माध्यम से ट्रांसफर किए। यह लेनदेन पूरी तरह बैंकिंग माध्यम से किया गया था।

पैसे मांगने पर टालमटोल, फिर संपर्क बंद
छह महीने पूरे होने के बाद जब बिजेंद्र गुप्ता ने रकम वापस मांगी, तो आरोपी व्यापारियों ने कभी कारोबार में फंसे होने तो कभी बाजार की स्थिति खराब होने का बहाना बनाकर भुगतान की तारीख आगे बढ़ा दी। इस तरह समय गुजरता गया और डेढ़ साल बीत जाने के बावजूद रकम वापस नहीं की गई। पीड़ित का आरोप है कि बाद में हेमंत जैन, उसकी पत्नी और साले ने उनके फोन उठाने भी बंद कर दिए। जब बिजेंद्र गुप्ता ने रायपुर आकर उनके बारे में जानकारी जुटाई, तो पता चला कि इसी तरह थोक कारोबार और निवेश का झांसा देकर कई अन्य लोगों से भी धोखाधड़ी की गई है।

कोतवाली थाने में FIR, जांच शुरू
आखिरकार परेशान होकर बिजेंद्र गुप्ता ने रायपुर के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने हेमंत जैन, कविता जैन और नवदीप दलाल के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी) और 34 (साझा आपराधिक षड्यंत्र) के तहत FIR दर्ज कर ली है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले में बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल्स और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि अन्य पीड़ितों या अतिरिक्त आरोपियों के नाम सामने आते हैं, तो कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जाएगा। यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि बड़े मुनाफे के लालच में बिना पूरी जानकारी और कानूनी सुरक्षा के किया गया लेनदेन किस तरह भारी आर्थिक नुकसान में बदल सकता है।
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