छत्तीसगढ़
झीरम घाटी फैसले पर सीएम साय बोले- मृत्युदंड की सजा न्याय की जीत
Shantanu Roy
16 Sept 2026 7:58 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। झीरम घाटी हत्याकांड मामले में जगदलपुर स्थित एनआईए कोर्ट द्वारा 10 दोषियों को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने फैसले को न्याय की जीत बताते हुए झीरम हमले में जान गंवाने वाले नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और नागरिकों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि झीरम घाटी का हमला छत्तीसगढ़ के इतिहास का एक बेहद पीड़ादायक अध्याय है, जिसकी स्मृतियां लंबे समय तक लोगों को दुख पहुंचाती रहेंगी।
झीरम हमले को बताया दर्दनाक घटना
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि झीरम घाटी में हुई हिंसा में प्रदेश ने कई वरिष्ठ नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों को खोया था। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य के लिए कभी न भूलने वाली त्रासदी है। उन्होंने एनआईए कोर्ट के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि मामले में दोषी पाए गए 10 माओवादियों को दी गई मृत्युदंड की सजा न्याय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
एनआईए जांच की सराहना
मुख्यमंत्री ने झीरम घाटी मामले की जांच को लेकर एनआईए की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने मामले को आगे बढ़ाते हुए इसे न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया का पूरा होना जरूरी है।
माओवादी हिंसा पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में माओवादी हिंसा के खिलाफ सरकार की नीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में प्रदेश में सशस्त्र माओवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र अब शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने झीरम हमले में जान गंवाने वाले सभी लोगों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उन सभी दिवंगत आत्माओं को नमन है, जिन्होंने इस हमले में अपने प्राण गंवाए। झीरम घाटी हमला 25 मई 2013 को हुआ था, जब कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले को नक्सलियों ने निशाना बनाया था। इस हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, विद्याचरण शुक्ल समेत कई लोगों की मौत हुई थी।
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