छत्तीसगढ़

साय सरकार की वित्तीय अनुशासन से मजबूत हुई छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था

Nil dhankar
27 Dec 2025 10:16 AM IST
साय सरकार की वित्तीय अनुशासन से मजबूत हुई छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था
x

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट प्रस्तुत कर विकास, वित्तीय अनुशासन और दूरदर्शी शासन की स्पष्ट प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में दिसंबर 2023 को गठित सरकार ने छत्तीसगढ़ की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए अनुशासित वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक पारदर्शिता और तकनीक-आधारित सुधारों को प्राथमिकता दी। सरकार का उद्देश्य केवल तात्कालिक राजस्व वृद्धि नहीं, बल्कि एक स्थायी, आत्मनिर्भर और मजबूत राजकोषीय संरचना का निर्माण रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, "₹35,000 करोड़ का यह ऐतिहासिक अनुपूरक बजट छत्तीसगढ़ के भविष्य को मजबूत आधार देने वाला बजट है, जिसमें विकास, वित्तीय अनुशासन और संवेदनशील शासन की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। यह बजट किसानों, महिलाओं, गरीबों, युवाओं और उद्योगों के लिए समान रूप से अवसर सृजित करता है। पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देकर सरकार ने सड़कों, आवास, कृषि, उद्योग, कनेक्टिविटी और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से सशक्त बनाने का संकल्प लिया है। बस्तर में शांति, किसानों को सीधा आर्थिक लाभ, महिलाओं का सम्मान और ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास—ये सभी इस बात के प्रमाण हैं कि सरकार वादों नहीं, परिणामों की राजनीति कर रही है और छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।"

GST और कर राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि

वित्त वर्ष 2024–25 में छत्तीसगढ़ का कुल GST संग्रह ₹16,390 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह वृद्धि देश के प्रमुख राज्यों में सर्वाधिक रही। मार्च 2025 में पहली बार राज्य ने ₹2,000 करोड़ से अधिक का मासिक GST संग्रह दर्ज किया, जिसमें SGST का योगदान ₹1,300 करोड़ से अधिक रहा। GST और वैट के माध्यम से कुल ₹23,448 करोड़ का कर राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का लगभग 38 प्रतिशत है।

कर अनुपालन और डिजिटल निगरानी से बढ़ा राजस्व

वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा डेटा एनालिटिक्स और जोखिम-आधारित निगरानी को अपनाया गया-

कर चोरी की आशंका वाले 49 क्षेत्रों की पहचान से ₹101 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व

36,000 से अधिक व्यापारियों से प्रत्यक्ष संवाद

GSTR-7 समय पर दाखिल कराने से ₹37 करोड़ का अतिरिक्त संग्रह

इन प्रयासों से कर प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़े।

खनिज क्षेत्र से रिकॉर्ड राजस्व

वर्ष 2024-25 में छत्तीसगढ़ ने खनिज क्षेत्र से ₹14,195 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया। अक्टूबर 2025 में आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव के दौरान सरकार ने- Khanij Online 2.0, DMF Portal 2.0 और Sand Reverse Auction System जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए, जिससे खनन प्रक्रिया पारदर्शी हुई और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा। इसी अवधि में DMF के अंतर्गत ₹1,673 करोड़ की राशि प्राप्त हुई, जिसका उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास में किया जा रहा है।

भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण से भू-राजस्व में स्थिरता

सरकार ने राज्य के 20,551 गांवों के भूमि अभिलेखों का पूर्ण डिजिटलीकरण किया, जिसमें 2.5 करोड़ खसरा प्रविष्टियाँ शामिल हैं। ऑटो-डायवर्सन सिस्टम लागू कर 15 दिनों में मामलों के निपटारे का लक्ष्य तय किया गया, जिससे सेवाओं में तेजी और भू-राजस्व संग्रह में मजबूती आई।

निवेश और औद्योगिक विकास से भविष्य का राजस्व आधार

Ease of Doing Business को बढ़ावा देते हुए जुलाई 2025 में One-Click Single Window System 2.0 लॉन्च किया गया। इस पहल से राज्य को ₹1.23 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। नए उद्योगों से भविष्य में GST, स्टांप ड्यूटी और रोजगार आधारित करों के रूप में स्थायी राजस्व की संभावनाएं बनी हैं।

बजटीय अनुशासन और पूंजीगत निवेश

वित्त वर्ष 2025 के बजट में ₹26,000 करोड़ से अधिक का पूंजीगत व्यय रखा गया, जो पिछले वर्ष से लगभग 18 प्रतिशत अधिक है। इससे सड़क, ऊर्जा, औद्योगिक और बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ा है, जो दीर्घकालिक राजस्व सृजन का आधार बनेगा।

अंजोर विजन 2047: दीर्घकालिक आर्थिक रोडमैप

राज्य सरकार द्वारा घोषित 'अंजोर विजन 2047' के तहत 13 प्रमुख क्षेत्रों और 10 मिशनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से सशक्त राज्य बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसमें उद्योग, खनन, ऊर्जा, कृषि प्रसंस्करण और डिजिटल अर्थव्यवस्था को राजस्व वृद्धि के प्रमुख स्तंभ माना गया है।

मजबूत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की ओर कदम

समग्र रूप से देखा जाए तो मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने कर सुधार, डिजिटल प्रशासन, खनिज नीति, निवेश प्रोत्साहन और बजटीय अनुशासन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की राजस्व प्रणाली को अधिक मजबूत, पारदर्शी और टिकाऊ बनाया है। यह केवल वर्तमान उपलब्धि नहीं, बल्कि राज्य की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और आत्मनिर्भरता की ठोस नींव है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के समावेशी विकास और संतुलित क्षेत्रीय प्रगति के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में हवाई कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अनुपूरक बजट में बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास के लिए ₹150 करोड़ तथा रायगढ़ एयरपोर्ट के विकास के लिए ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन निवेशों से क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक गतिविधियों और नागरिक सुविधाओं को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय की सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार की संवेदनशील और किसान-हितैषी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि बीते दो वर्षों में ₹25,000 करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों तक पहुँची है। यह न केवल किसानों की आय और आर्थिक सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूत आधार प्रदान करता है। राज्य में शांति और सुरक्षा की दिशा में भी साय सरकार निर्णायक परिणाम लेकर आई है। 31 मार्च 2026 की समयसीमा के निकट आते हुए सरकार इस बात को लेकर आश्वस्त और प्रतिबद्ध है कि छत्तीसगढ़ जल्द ही वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) की समस्या से पूर्णतः मुक्त होगा। शांति, संवाद, विकास और सुरक्षा की बहुआयामी रणनीति के माध्यम से साय सरकार ने ऐसे वातावरण का निर्माण किया है, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग लोकतंत्र की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और विकास की यात्रा में सहभागी बन रहे हैं।

बस्तर, जहाँ कभी गोलियों की आवाजें गूंजती थीं, आज वहाँ बस्तर पंडुम जैसे सांस्कृतिक आयोजन और बस्तर ओलंपिक जैसे खेल महोत्सव नई पहचान बना रहे हैं। यह परिवर्तन केवल सुरक्षा अभियानों का परिणाम नहीं, बल्कि साय सरकार की उस बहुआयामी विकास नीति का प्रमाण है, जिसने विश्वास, उत्सव और भविष्य की आशा को बस्तर की धरती पर पुनः स्थापित किया है।

Next Story
null