
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का प्रदर्शन और चेतावनी
रायपुर (जसेरि)। रायपुर के उरला इलाके में मजदूर की हत्या के बाद छत्तीसगढिय़ा क्रांति सेना ने पिछले दिनों उरला थाने का घेराव कर दिया। सेना के कार्यकर्ता कंपनी प्रबंधन के साथ मामले में संलिप्त आरोपियों की गिर तारी की मांग को लेकर धरना प्रर्दशन किया था।
जानकरी के मुताबिक, 5 अगस्त की शाम नव दुर्गा इस्पात के गेट के सामने कुछ परदेशिया बदमाश युवकों ने धीरज (किरत) साहू नाम के मजदूर की लाठी, डंडे और राड से बेदम पिटाई कर दी थी, जिसकी उपचार के दौरान आज मृत्यु हो गई। इस घटना की सूचना मिलते ही बड़ी सं या में छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना के समर्थकों ने फैक्ट्री और थाना का घेराव कर दिया। छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना का आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही से मजदूर की मृत्यु हुई है। जिसके कारण मजदूर के परिवार को उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
उरला थाना पुलिस के मुताबिक, धीरज (कीरत) साहू की मौत के मामले में चार आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया है। जिन्हें समझाइश दी गई है। पूरे प्रकरण की जांच जारी है। नवदुर्गा इस्पात प्राइवेट लिमिटेड उरला मैं एक छत्तीसगढ़ी मजदूर की मारपीट के बाद मौत हो गई जिसको लेकर छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना ने जोरदार प्रदर्शन उग्र प्रदर्शन किया गौरतलाप है कि छत्तीसगढ़ी सेवा ने स्पष्ट रूप से कहा है 15 परदेसिया बाउंसर के द्वारा धीरज साहू नाम के छत्तीसगढ़ी मजदूर को जबरदस्त मारा गया। वहीं इलाज के दौरान धीरज साहू की मौत हो गई छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना ने दुर्गा इस्पात पर यह भी आरोप लगाया बाउंसर के द्वारा मजदूरों को कुटाई की जाती है हक और अधिकार के लिए क्रांति सी क्रांति छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना लगातार छत्तीसगढ़ पर अपना वर्चस्व कायम करते जा रही है और छत्तीसगढिय़ों की हित के लिए लगातार संघर्ष जारी है छत्तीसगढ़ के जबरदस्त युवा नेताओं की टोली इस वक्त छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना का नेतृत्व कर रही है और किसी भी प्रकार के छत्तीसगढ़ी मजदूरों पर और अत्याचार छत्तीसगढ़ी स यता पर हो रहे हैं हमले संस्कृति और छत्तीसगढ़ी पर अपमानजनक विषय को लेकर छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना लगातार विरोध प्रदर्शन और अपनी बात मनवाने तक धरना प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहती है। इसी चलते विगत कई दिनों से देखा जा रहा है के बाहर से आए हुए परदेसिया गुंडे दादा माफिया के कारण फुटपाथ पर सडक़ किनारे मंदिर और घाटों में बाजारों में खुलकर छत्तीसगढ़ी और परदेसियों की लड़ाई हो रही है ऐसे ही आरोप लगातार छत्तीसगढ़ के पुराने कारोबारी लोग भी परदेसियों पर लगाते हैं इसलिए छत्तीसगढिय़ों के हित की रक्षा करने के लिए छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना ने खुला का मोर्चा खोल रखा है और इसे अंजाम देने में पीछे नहीं हटती।





