छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ भारत के ईवी और नवयुगीन भारी उद्योगों का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर : MP बृजमोहन अग्रवाल

Nilmani Pal
20 Aug 2025 5:31 PM IST
छत्तीसगढ़ भारत के ईवी और नवयुगीन भारी उद्योगों का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर : MP बृजमोहन अग्रवाल
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रायपुर। लोकसभा में सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को लोकसभा में छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा, ऊर्जा महत्त्वपूर्ण खनिजों की आवश्यकता और राज्य के औद्योगिक भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों को मजबूती से उठाया। उनके सवाल का उत्तर देते हुए केंद्रीय खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने संसद में छत्तीसगढ़ की विशाल खनिज संपदा का विस्तार से उल्लेख किया।

अग्रवाल ने कहा कि कटघोरा का लिथियम खनन भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। यह खनन न केवल ईवी सेक्टर बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा प्रौद्योगिकी की आपूर्ति श्रृंखला को भी सुरक्षित बनाएगा। साथ ही, इस ब्लॉक में उपलब्ध दुर्लभ मृदा तत्त्व (आरईई) इसे और भी सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण बनाते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि, "नई औद्योगिक क्रांति की रीढ़ ऊर्जा-महत्त्वपूर्ण खनिज हैं। छत्तीसगढ़ के लिथियम, टिन और ग्रेफाइट उत्पादन को देखते हुए राज्य में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना आवश्यक है। यह न केवल उत्पादन और दक्षता बढ़ाने का कार्य करेगा, बल्कि स्वच्छ निष्कर्षण, अपशिष्ट न्यूनीकरण और पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण पर भी केंद्रित होगा।"

सांसद अग्रवाल ने इस दौरान विशेष आग्रह किया कि राष्ट्रीय महत्त्वपूर्ण खनिज मिशन (NCMM) के अंतर्गत NIT रायपुर और IIT रायपुर जैसे संस्थानों में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की जाए। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि खनिजों के सबसे बड़े भंडार वाले राज्य छत्तीसगढ़ को अब तक इस मिशन में स्थान नहीं मिला है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने 2022-23 से 2025-26 तक आरईई/आरएम अन्वेषण परियोजनाओं की संख्या 49 से बढ़ाकर 94 की है, जो भारत की तैयारी को दर्शाता है।

छत्तीसगढ़ के खनिज उत्पादन में अग्रणी भूमिका

* टिन सांद्र (Tin concentrate) का उत्पादन 2020-21 में 16,865 किलोग्राम से बढ़कर 2022-23 में 45,448 किलोग्राम हो गया।

* सरगुजा जिले की सक्रिय ग्रेफाइट खदान ने देश की जरूरतों की पूर्ति में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।

* देश की 14 टिन खदानों में से 6 केवल छत्तीसगढ़ में सक्रिय हैं।

इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ भारत की ऊर्जा और औद्योगिक आत्मनिर्भरता का सशक्त आधार बन रहा है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल की दूरदृष्टि

सांसद अग्रवाल ने कहा कि, "भारत के औद्योगिक भविष्य में छत्तीसगढ़ निर्णायक भूमिका निभाएगा। हमें केवल खनन तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और सतत विकास के साथ आगे बढ़ना है। आने वाला समय छत्तीसगढ़ को देश का ईवी और भारी उद्योगों का हब बनाएगा।" उनके सतत प्रयास और दूरदर्शिता ने एक बार फिर साबित किया कि वे न केवल जनता के प्रतिनिधि हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर प्रतिष्ठित स्थान दिलाने वाले सच्चे प्रहरी भी हैं।

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