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छत्तीसगढ़ आदिवासी शिक्षा एवं सशक्तिकरण में पूरे देश में सबसे आगे: बृजमोहन अग्रवाल

Shantanu Roy
21 Aug 2025 8:26 PM IST
छत्तीसगढ़ आदिवासी शिक्षा एवं सशक्तिकरण में पूरे देश में सबसे आगे: बृजमोहन अग्रवाल
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Raipur/New Delhi. रायपुर/नई दिल्ली। लोकप्रिय सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ आज आदिवासी शिक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में पूरे देश में एक नई मिसाल कायम कर रहा है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में जनजातीय कार्य मंत्रालय से जनजातीय लोगों के विकास हेतु संचालित योजनाओं, लाभार्थियों की संख्या, सफल परियोजनाओं, एकलव्य मॉडल विद्यालयों व छात्राओं की नामांकन स्थिति से संबंधित प्रश्न पूछा।

जिसपर जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा समिति (NESTS) के अंतर्गत संचालित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) और एकलव्य मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल (EMDBS) आदिवासी विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का मजबूत स्तंभ बन चुके हैं। वर्तमान में देशभर के 150,867 छात्रों में से सबसे अधिक 25,820 विद्यार्थी केवल छत्तीसगढ़ में अध्ययनरत हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि आदिवासी परिवार अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर जागरूक हो रहे हैं और इन संस्थानों पर उनका विश्वास निरंतर बढ़ रहा है।

देश के कुल 485 विद्यालयों में से 74 विद्यालय केवल छत्तीसगढ़ में संचालित हो रहे हैं, जो राज्य को इस दिशा में अग्रणी बनाते हैं। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह उपलब्धि केंद्र और राज्य सरकार की साझा प्रतिबद्धता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन का परिणाम है। उन्होंने कहा आदिवासी बच्चों को केवल शैक्षणिक ही नहीं बल्कि समग्र विकास देने की दिशा में और प्रयास करने की आवश्यकता है। एक ऐसा वातावरण आवश्यक है जहाँ उनके प्रतिभा का पोषण हो और वे बिना किसी आर्थिक बाधा के आगे बढ़ सकें।

आदिवासी युवाओं को स्वरोज़गार की ओर बढ़ना है: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) भी आदिवासी युवाओं को स्वरोज़गार और उद्यमिता की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में निगम द्वारा छत्तीसगढ़ को कुल ₹499.43 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई, जिससे 4,837 युवाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। सावधि ऋण, सूक्ष्म ऋण वित्त (MCF) और अन्य योजनाओं के अंतर्गत यह सहयोग प्रदेश के युवाओं को नई दिशा देने वाला साबित हुआ है। श्री अग्रवाल ने कहा कि, प्रदेश के आदिवासी युवा इन योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनें और देशभर के सफल आदिवासी उद्यमियों से प्रेरणा लें। केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर वे स्वरोज़गार के माध्यम से न केवल अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं, बल्कि समाज और प्रदेश की प्रगति में भी भागीदार बन सकते हैं।
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