छत्तीसगढ़

अनुकंपा नियुक्ति पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Shantanu Roy
12 July 2026 4:38 PM IST
अनुकंपा नियुक्ति पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
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Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने का निर्णय उसी नीति के आधार पर किया जाएगा, जो कर्मचारी की मृत्यु के समय प्रभावी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार द्वारा बाद में बनाई गई या संशोधित की गई नीति को पुराने मामलों पर लागू नहीं किया जा सकता, जब तक उसमें स्पष्ट रूप से पूर्व प्रभाव से लागू होने का प्रावधान न हो।

आर्थिक संकट से राहत देना है अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति कोई सामान्य भर्ती प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य मृतक कर्मचारी के परिवार को अचानक उत्पन्न आर्थिक संकट से राहत प्रदान करना है। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में आश्रित की पात्रता और अधिकार का निर्धारण उसी समय लागू नियमों और नीतियों के अनुसार किया जाना चाहिए, जब कर्मचारी का निधन हुआ था।

बाद की नीति के आधार पर लिया गया निर्णय उचित नहीं
मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पाया कि संबंधित प्रकरण में सक्षम प्राधिकारी ने बाद में लागू हुई नीति के आधार पर निर्णय लिया था। अदालत ने इस प्रक्रिया को उचित नहीं माना और निर्देश दिया कि मामले पर कर्मचारी की मृत्यु की तिथि पर लागू नीति के अनुसार नए सिरे से विचार किया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को निर्णय लेते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी व्यक्ति के अधिकारों का निर्धारण बाद में बनाए गए नियमों के आधार पर नहीं किया जा सकता।

पूर्व प्रभाव से लागू होने का स्पष्ट प्रावधान जरूरी
न्यायालय ने अपने आदेश में महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत को दोहराते हुए कहा कि यदि किसी नई नीति या नियम में स्पष्ट रूप से यह नहीं लिखा है कि वह पुराने मामलों पर भी लागू होगी, तो उसका इस्तेमाल पुराने मामलों में नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि नीति में बदलाव भविष्य के मामलों के लिए प्रभावी होता है, जब तक सरकार द्वारा विशेष रूप से अलग व्यवस्था न की गई हो।

प्रशासनिक अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
हाईकोर्ट के इस फैसले को अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे ऐसे मामलों में निर्णय लेने वाले अधिकारियों के लिए दिशा-निर्देश स्पष्ट हो गए हैं। अब सरकारी विभागों को अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामलों में कर्मचारी की मृत्यु की तारीख पर लागू नियमों और नीतियों को ध्यान में रखकर निर्णय लेना होगा।

परिवारों को मिल सकती है राहत
हाईकोर्ट के इस निर्णय से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके अनुकंपा नियुक्ति संबंधी मामलों में बाद में बदली गई नीतियों के आधार पर निर्णय लिए गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को सहायता देना है, इसलिए प्रक्रिया में न्यायसंगत और समयानुकूल नीति का पालन जरूरी है।
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