छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की बात पर मुहर लगाई

Nil dhankar
2 Aug 2025 8:29 AM IST
छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की बात पर मुहर लगाई
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रायपुर। आज राजधानी रायपुर के एक दैनिक समाचार पत्र के प्रथम पृष्ठ में प्रकाशित समाचार पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा है कि यह हमारे प्रयास का नजीता है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश सन 2018 से भाजपा, फिर कांग्रेस अब फिर भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री सहित पूरे मंत्रिमंडल के साथ मुख्य सचिव, वित्त सचिव को समझाते आ रहे हैं, ज्ञापन चर्चा के बाद भी कोई समझता नहीं था। पूरे प्रदेश में इसे लेकर मुख्यमंत्री, वित्त सचिव के नाम प्रदर्शन कर 6 मई 25 को सभी कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया था ।

उन्होंने आगे बताया है कि डॉ रमन सिंह सरकार के कार्यकाल के अंतिम दिनों में सन 2018 से हम भाजपा सरकार को और पूरे 5 साल तक भूपेश सरकार तक कई बार बात रखने के बाद अब विष्णुदेव साय सरकार में भी मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री एवं वित्त सचिव तक इस बात को लेकर ज्ञापन और चर्चा के माध्यम से अवगत कराने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने हमारी बात पर मुहर लगा दी है कि सरकार को मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 (6) के कारण साल में 2000 करोड़ का नुकसान हो रहा है। वास्तव में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश की इस बात को पहली बार वर्तमान वित्त सचिव मुकेश बंसल ने 7 अगस्त 24 को प्रतिनिधि मंडल के साथ चर्चा में मामले को गंभीरता से लिया और इसे समझने के लिए कुछ समय मांगा और उसके बाद फिर से पेंशनर्स महासंघ को बुला कर बात करने भरोसा दिलाया और वायदे के अनुरूप 10 अक्टूबर 24 को चर्चा हेतु आमंत्रित किया और सबसे पहले उन्होंने इस मामले को उनके नोटिस में लाने के लिए पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ को धन्यवाद देते हुए बताया कि यह सत्य है कि छत्तीसगढ़ सरकार को धारा 49 के कारण प्रतिवर्ष 2000 करोड़ से अधिक का नुकसान हो रहा है। उन्होंने इस बात से प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से भी मिलने और उन्हें अवगत कराने हेतु कहते हुए इस मसले पर पूरा कवायद करने का भरोसा दिया। प्रतिनिधि मंडल ने वित्त मंत्री से भेंट किया।ज्ञापन देकर चर्चा करने पर उन्होंने हमें बताया कि वित्त सचिव से मुझे इसकी जानकारी मिल गई है और इस पर काम चल रहा है। इस पूरे घटना पर समय समय पर दैनिक भास्कर ने भी रिपोर्ट प्रकाशित कर शासन का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि इस बात को सरकार के ध्यान में लाने का पूरा श्रेय भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश को है। तब जाकर सरकार को होश आया है।

जारी विज्ञप्ति भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती द्रौपदी यादव, राष्ट्रीय मंत्री पूरनसिंह पटेल, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा, प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी, प्रदेश संगठन मंत्री टी पी सिंह,कोषाध्यक्ष बी एस दसमेर, सेवानिवृत केंद्रीय कर्मचारी अधिकारी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सुरेश मिश्रा, सेवानिवृत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनिल पाठक, संभागीय अध्यक्ष क्रमशः बी के वर्मा दुर्ग,आर एन टाटी जगदलपुर, प्रवीण कुमार त्रिवेदी रायपुर, राजेन्द्र कश्यप बिलासपुर, गुरुचरण सिंह अंबिकापुर तथा जिला अध्यक्ष क्रमशः आर जी बोहरे रायपुर,खोड़सराम कश्यप बलौदाबाजार,लखनलाल साहू गरियाबंद, रिखीराम साहू महासमुंद,आई सी श्रीवास्तव राजनांदगांव, डी आर गजेन्द्र बालोद, राकेश जैन बिलासपुर,परमेश्वर स्वर्णकार जांजगीर चांपा,रमेश नंदे जशपुर,अभय शंकर गौराहा रायगढ़,देवनारायण साहू सारंगढ़ ,एम एल यादव कोरबा ओ पी भट्ट कांकेर,आर डी झाड़ी बीजापुर ,एस के देहारी नारायणपुर,एस के धातोड़े कोंडागांव,पी एन उड़कुड़े दंतेवाड़ा,कासिमुद्दीन सुकमा , प्रेमचंद गुप्ता कोरिया,माणिक चंद्र अंबिकापुर,महावीर राम बलरामपुर,संतोष ठाकुर सूरजपुर, आर ए शर्मा गौरेला पेंड्रा, भैया लाल परिहार मुंगेली , यवन कुमार डिंडोरे बेमेतरा , डी के पाठक धमतरी, पुरषोत्तम उपाध्याय सक्ती आदि ने पेंशनरों और परिवार पेंशनरों ने हित में तत्काल निर्णय लेकर धारा 49 को विलोपित कर राज्य को घाटे से बचाने और पेंशनरों को डी आर देने के लिए मध्यप्रदेश की बाध्यता से मुक्त होने की मांग की है।

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