छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ प्रगति का हकदार है, भूपेश के भ्रष्टाचार छुपाने के लिए नाकाबंदी का नहीं

Nilmani Pal
22 July 2025 11:12 AM IST
छत्तीसगढ़ प्रगति का हकदार है, भूपेश के भ्रष्टाचार छुपाने के लिए नाकाबंदी का नहीं
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रायपुर। 2018 से 2023 तक, छत्तीसगढ़ के लोगों ने बहुत कुछ सहा है। भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार घोटालों, ठहराव और अवसरों की बर्बादी से भरी रही। राज्य भ्रष्टाचार का गढ़ बन गया, जहाँ कम से कम सात बड़े घोटाले सामने आए—जिनमें कुख्यात ₹2,000 करोड़ का शराब घोटाला भी शामिल है। प्रवर्तन निदेशालय ने एक आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश किया जो राजनीतिक समर्थन से संचालित होता था, जन स्वास्थ्य से समझौता करता था और सरकारी खजाने को लूटता था।

छत्तीसगढ़ की समृद्ध खनिज और कृषि क्षमता के बावजूद, कांग्रेस शासन सार्थक औद्योगिक निवेश आकर्षित करने में विफल रहा। रोज़गार सृजन ठप रहा, बुनियादी ढाँचा सुस्त रहा और युवा निराश रहे। विकास को बढ़ावा देने के बजाय, प्रशासन लोकलुभावन नाटकों और कुशासन में लिप्त रहा और अपने पांच साल के शासन में बघेल कोई भी नया निवेश आकर्षित कर नहीं पाए। यंहा तक की अन्य प्रगतिशील सरकारों से सिख लेकर पांच सालों में एक भी इन्वेस्टर्स समिट भी संयोजित नहीं कर पाए।

अब, बघेल के भ्रष्टाचार पर ED के प्रहार से बचाने के लिए और अपनी प्रासंगिकता पुनः प्राप्त करने के एक हताश प्रयास में, कांग्रेस पार्टी कोई स्पष्टीकरण देने के बजाये BJP सरकार को ही कठेरे में खड़ा करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस की अंदर की ही फुट के कारण जब बात बन पा नहीं रही है तो बघेल ने 22 जुलाई को छत्तीसगढ़ के कुछ संभाग में आर्थिक नाकेबंदी का आह्वान कर दिया है। धन शोधन के एक मामले में चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी से प्रेरित बघेल का यह कदम न केवल राजनीति से प्रेरित है, बल्कि बेहद गैर-जिम्मेदाराना भी है। नाकेबंदी व्यापार को बाधित करती है, आपातकालीन सेवाओं को ठप कर देती है और छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल देती है। यह उन्हीं लोगों के साथ विश्वासघात है जिनका प्रतिनिधित्व करने का दावा पार्टी करती है।

शासन कोई नाटक का मंच नहीं है—यह एक गंभीर जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ के नागरिक स्थिरता, निवेश और अवसर के हकदार हैं। उन्हें ऐसे नेता चाहिए जो ध्यान भटकाने के बजाय विकास को प्राथमिकता दें। कांग्रेस पार्टी को याद दिलाना होगा: उसे छत्तीसगढ़ियों के दैनिक जीवन को अपनी राजनीतिक शिकायतों का बंधक बनाने का कोई अधिकार नहीं है। आगे बढ़ने का समय आ गया है। कानून का राज कायम हो। आर्थिक प्रगति को प्राथमिकता मिले। भ्रष्टाचारिओ को सजा मिले और छत्तीसगढ़ के लोग एक शांतिपूर्ण, समृद्ध भविष्य के अपने अधिकार को पुनः प्राप्त करें।


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