छत्तीसगढ़
CG: फारेस्ट लैंड को अपना बता 41 लोगों को बेचा, मो. रशीद गिरफ्तार
Shantanu Roy
4 Jan 2026 8:50 PM IST

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Surguja. सरगुजा। सरगुजा जिले के ग्राम रनपुर खुर्द में वनभूमि को अपना बताकर 41 लोगों को स्टांप में सौदा कर जमीन बेचने के आरोप में मो. रशीद (46 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पिछले कई वर्षों में लोगों को ठगी कर लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, रनपुर खुर्द निवासी नेजारूदीन अंसारी और अन्य लोग लगभग 15-20 साल पहले अंबिकापुर में आकर किराये के मकानों में रहकर अपनी आजीविका चला रहे थे। इसी दौरान मो. रशीद ने तकिया के शासकीय वनभूमि को अपना बताकर उन्हें जमीन बेचने का दावा किया। उसने स्टांप में एग्रीमेंट कर जमीन पर कब्जा दिलाया। इसके लिए नेजारूदीन और अन्य लोगों ने मो. रशीद को पैसे दिए और अपना घर बना लिया।
साल 2008 से 2022 के बीच, मो. रशीद ने अपने परिवार के सदस्यों की मदद से ग्राम रनपुर और खैरबार में लगभग 41 लोगों को जमीन का सौदा कर स्टांप में बेचा और लाखों रुपए की धोखाधड़ी की। घटना उजागर होने के बाद वनविभाग ने कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जा तोड़ दिया। रनपुर खुर्द के तकियापारा में समुदाय विशेष के लोगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत भाजपा नेता आलोक दुबे ने की थी। वनविभाग ने सर्वेक्षण कर सभी 41 लोगों का अवैध कब्जा हटाया और स्पष्ट किया कि यह वनभूमि है, जिसे खरीद-बिक्री या पट्टा प्रदान करना कानूनी रूप से संभव नहीं है।
जमीन के असली स्वरूप के बारे में जानकारी मिलने के बाद मो. रशीद और उनके परिवार ने दबाव डालना शुरू किया, ताकि खरीदार उसके द्वारा निष्पादित मूल दस्तावेज वापस कर दें। कोतवाली पुलिस ने मो. रशीद के खिलाफ धारा 420 (ठगी), 467 (फर्जीवाड़ा), 468 (फर्जी दस्तावेज), 471 IPC (फर्जी दस्तावेज के उपयोग) और बाद में धारा 201 (सबूत नष्ट करना) के तहत अपराध दर्ज किया। कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत सिन्हा ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों पर भी प्रकरण में संलिप्तता की जांच की जा रही है।
इस मामले में यह स्पष्ट हुआ कि मो. रशीद ने लंबे समय तक स्थानीय लोगों को भ्रमित करके वनभूमि को निजी संपत्ति बताकर करोड़ों रुपए का लाभ उठाया। पुलिस की कड़ी जांच और वनविभाग की कार्रवाई ने इस लंबे समय से चल रहे धोखाधड़ी के जाल को समाप्त किया। सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने के लिए पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी जमीन का सौदा करने से पहले उसकी कानूनी स्थिति और दस्तावेजों की सत्यता सुनिश्चित करें। वहीं वनविभाग भी भविष्य में इस तरह के अवैध कब्जों पर सख्ती से निगरानी रखने का आश्वासन दे रहा है। सरगुजा में यह मामला लोगों के लिए चेतावनी बन गया है कि वनभूमि या सरकारी भूमि के सौदे में हमेशा सावधानी बरती जाए, अन्यथा करोड़ों रुपए की ठगी हो सकती है। पुलिस और वनविभाग की संयुक्त कार्रवाई से अब क्षेत्र में कानून और न्याय के प्रति विश्वास बढ़ने की उम्मीद है।
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