छत्तीसगढ़
CG: रावतपुरा मेडिकल कॉलेज घूसकांड में ED ने मारे बड़े छापे
Shantanu Roy
27 Nov 2025 7:13 PM IST

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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित रावतपुरा मेडिकल कॉलेज से जुड़े घूसकांड में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी हाथ डाल दिया है। सीबीआई द्वारा चल रही जांच के बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया और आज देशभर के 10 राज्यों में लगभग 16 ठिकानों पर छापेमारी की।
घोटाले का स्वरूप
इस घोटाले में आरोप है कि मेडिकल कॉलेजों को मान्यता दिलाने और निरीक्षण रिपोर्टों में हेराफेरी के एवज में करोड़ों रुपये की कथित रिश्वत ली गई। ED की जांच में अब तक यह सामने आया कि 7 मेडिकल कॉलेज इस घोटाले की जद में आए हैं। इस देशव्यापी कार्रवाई के बाद मेडिकल-एजुकेशन सेक्टर में हड़कंप मच गया है। छापेमारी का लक्ष्य वे स्थान थे जहाँ मेडिकल कॉलेजों के प्रबंधन, दलाल, निरीक्षण से जुड़े डॉक्टर और संबंधित संस्थाएं कार्यरत हैं।
आरोपियों और सीबीआई कार्रवाई का विवरण
30 जून 2025 को सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर कार्रवाई की गई। इस एफआईआर में छत्तीसगढ़ के रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज और डायरेक्टर डॉ. अतुल तिवारी के घर भी शामिल थे। अतुल तिवारी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल जमानत पर हैं। सीबीआई ने लगभग तीन महीने पहले चार्जशीट भी रायपुर सीबीआई कोर्ट में पेश की। एफआईआर में 34 लोगों के नाम थे, लेकिन चार्जशीट में केवल 14 लोगों को आरोपी पाया गया।
प्रमुख आरोपी
इस घोटाले में मुख्य आरोपी हैं:
रावतपुरा सरकार ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी रविशंकर महाराज उर्फ रावतपुरा सरकार
पूर्व आईएफएस और छत्तीसगढ़ रेरा के चेयरमैन संजय शुक्ला
रायपुर मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अतिन कुंडु
छत्तीसगढ़ सरकार पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि डॉ. अतिन कुंडु को सस्पेंड कर दिया गया, लेकिन संजय शुक्ला अब तक अपने पद पर बने हुए हैं। रेरा चेयरमैन के नाते संजय शुक्ला रोजाना कई मामलों की सुनवाई करते हैं और फैसले लेते हैं।
ED की कार्रवाई और दस्तावेज जब्ती
ED ने आज सुबह से ही दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, बिहार, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में दबिश दी। कार्रवाई में मुख्य रूप से दस्तावेज, डिजिटल डेटा, मोबाइल, लैपटॉप और संदिग्ध खाताबही जब्त किए गए हैं। एजेंसी का मानना है कि यह घोटाला देशभर में फैले एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। ED अब बैंक खातों, शेल कंपनियों और हवाला के जरिए हुए लेन-देन की जांच भी कर सकती है।
अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी रिश्वतखोरी
रावतपुरा मेडिकल कॉलेज केस की जांच के दौरान पता चला कि कई अन्य मेडिकल कॉलेजों ने निरीक्षण रिपोर्ट को प्रभावित करने और मान्यता प्राप्त करने के लिए रिश्वत दी। इसके लिए कॉलेज अधिकारियों, बिचौलियों और कुछ डॉक्टरों के बीच लेन-देन के सबूत भी मिले हैं। यह घोटाला केवल कॉलेज मान्यता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य के डॉक्टरों की शिक्षा और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। निरीक्षण रिपोर्ट में हेराफेरी और रिश्वतखोरी को बेहद गंभीर माना जा रहा है।
मामले की गंभीरता और संभावित कार्रवाई
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में ED कई लोगों से पूछताछ कर सकती है और कुछ गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। यह कार्रवाई देशभर के मेडिकल शिक्षा सेक्टर में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ सरकार की सक्रियता और एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि शिक्षा में भ्रष्टाचार और घूसखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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