छत्तीसगढ़

CG: चिकित्सक से 48 लाख की ठगी, सेकेंड हैंड कार डीलर मुंबई से गिरफ्तार

Shantanu Roy
30 Sept 2025 7:57 PM IST
CG: चिकित्सक से 48 लाख की ठगी, सेकेंड हैंड कार डीलर मुंबई से गिरफ्तार
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Ambikapur. अंबिकापुर। सरगुजा जिले के प्रख्यात चिकित्सक डॉ. अभिजीत जैन को सेकेंड हैंड मर्सिडीज कार दिलाने का झांसा देकर 48 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाने वाले आरोपी को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान जैद जाफर खान (28 वर्ष) के रूप में हुई है, जो कांदिवली (ईस्ट), मुंबई का निवासी और पुरानी कारों का डीलर है। मामले की शुरुआत वर्ष 2020 में हुई, जब डॉ. अभिजीत जैन ने अपने परिचित डॉ. अमित असाटी के माध्यम से आरोपी जैद जाफर खान से संपर्क किया। डॉ. असाटी पहले ही आरोपी से एक कार खरीद चुके थे। इसी भरोसे के आधार पर डॉ. जैन ने जैद से एक मर्सिडीज कार का सौदा 48 लाख रुपये में तय किया।
किस्तों में वसूले लाखों रुपये
सौदा तय होते ही आरोपी ने अगस्त 2020 में पहली किश्त के रूप में 14.50 लाख रुपये नकद लिए। दस्तावेज अधूरे होने का बहाना बनाकर उसने डॉ. जैन को दूसरी कार ड्राइवर के माध्यम से भेज दी और शेष रकम देने के लिए दबाव बनाया। इस दौरान डॉक्टर ने 17.50 लाख रुपये नकद ड्राइवर को सौंपे और अस्थायी तौर पर भेजी गई कार को अपने पास रख लिया।
इसके बाद आरोपी ने पसंदीदा कार जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर 11 लाख रुपये और अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। इतना ही नहीं, 7 फरवरी 2021 को वह स्वयं अंबिकापुर आया और पहले से भेजी गई कार वापस ले गया। साथ ही 5 लाख रुपये नगद लेकर यह कहकर चला गया कि जल्द ही मनपसंद कार भेज देगा।
लगातार टालमटोल, फिर एफआईआर
कई बार संपर्क करने के बावजूद आरोपी ने कार उपलब्ध नहीं कराई और टालमटोल करता रहा। परेशान होकर डॉ. अभिजीत जैन ने 29 जुलाई 2024 को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 और 34 आईपीसी के तहत धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया और उसकी तलाश शुरू की।
मुंबई से धर दबोचा गया आरोपी
कोतवाली पुलिस की टीम ने आरोपी का लोकेशन ट्रेस कर मुंबई के कांदिवली क्षेत्र से उसे गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी मनीष सिंह परिहार ने बताया कि आरोपी को अंबिकापुर लाया गया और पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला पेशेवर ठगी का उदाहरण है, जिसमें आरोपी ने बार-बार भरोसा दिलाकर लाखों रुपये हड़प लिए। जांच अधिकारी का कहना है कि आरोपी के अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। संभव है कि उसने इसी तरह से और लोगों को ठगा हो।
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