सेंट्रल इंटेलिजेंस ब्यूरो ने कमल विहार ड्रग्स रैकेट की जांच शुरू की, पाकिस्तान से आ रहा था माल

रायपुर. पाकिस्तान से छत्तीसगढ़ लाकर ड्रग्स बेचने वाले मामले में अब सेंट्रल इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और नारकोटिक्स विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है. दोनों एजेंसियों के अफसरों ने गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ शुरू कर दी की है. साथ ही कोर्ट ने मुख्य आरोपी लवजीत सिंह, सुवित श्रीवास्तव और सैफ चीला की रिमांड अवधि बढ़ाकर 11 अगस्त तक कर दी है.
बता दें, रायपुर पुलिस ने 4 अगस्त को एक बड़े अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था. पुलिस ने टिकरापारा थाना क्षेत्र में स्थित कमल विहार के एक मकान में दबिश देकर पाकिस्तान से तस्करी कर लाई गई 1 करोड़ रुपये मूल्य की 412 ग्राम हेरोइन बरामद की थी और पंजाब के कुख्यात ड्रग सप्लायर लवजीत सिंह उर्फ बंटी सहित कुल 9 तस्करों को गिरफ्तार किया था.
पुलिस को इनपुट मिला था कि पाकिस्तान से हेरोइन की सप्लाई पंजाब के रास्ते रायपुर तक की जा रही है. इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई. क्राइम ब्रांच एएसपी संदीप मित्तल की अगुवाई में टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया. जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी लवजीत सिंह पाकिस्तान से सीधे हेरोइन मंगवाकर भारत में नेटवर्क के ज़रिए डिस्ट्रीब्यूट करता था. जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपी विदेशी मोबाइल नंबरों से इंटरनेट कॉलिंग, वीडियो व लोकेशन शेयरिंग जैसे हाईटेक तरीकों से ग्राहकों को हेरोइन पहुंचाते थे. पैसों के लेन-देन के लिए म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे जांच एजेंसियों को चकमा दिया जा सके.
3 अगस्त को पुलिस की स्पेशल टीम ने कमल विहार सेक्टर-4 स्थित एक मकान पर छापा मारा, जहां से लवजीत सिंह, सुवित श्रीवास्तव और अश्वन चंद्रवंशी को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में इन तीनों ने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया, जिसके बाद अन्य 6 आरोपियों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया गया.





