छत्तीसगढ़

LPG सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर केंद्र सरक़ार अलर्ट, मुख्य सचिवों और सभी DGP की हुई बैठक

Nil dhankar
12 March 2026 6:42 AM IST
LPG सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर केंद्र सरक़ार अलर्ट, मुख्य सचिवों और सभी DGP की हुई बैठक
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रायपुर/दिल्ली। पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रम के कारण घरेलू बाजार में एलपीजी की आपूर्ति कम होने की आशंका से जुड़ी खबरों को देखते हुए केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ बैठक की। इस बैठक में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के सचिव भी शामिल हुए।

बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बताया गया कि 8 मार्च के एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर के तहत रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है। यह भी स्पष्ट किया गया कि होटलों और रेस्तरां जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर एलपीजी वितरण पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं, लेकिन अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी गई कि वे एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा सुनिश्चित करें, इसके लिए संबंधित ढांचे और कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। साथ ही उन्हें स्थानीय स्तर पर एलपीजी आपूर्ति की रोजाना निगरानी करने, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

राज्यों को यह भी कहा गया कि वे लोगों में जागरूकता अभियान चलाएं, ताकि एलपीजी की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों और गलत जानकारी को रोका जा सके। इसके लिए तेल विपणन कंपनियों की मदद भी ली जा सकती है। सरकार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसके अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने और फर्जी खबरें या पुरानी या भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। गृह मंत्रालय ने अपने कंट्रोल रूम को और मजबूत किया है, जो 24 घंटे काम कर रहा है। इसमें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नोडल अधिकारियों को भी शामिल किया गया है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत तथ्य जांच (फैक्ट-चेक) और सही जानकारी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को दी जा सके।

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