छत्तीसगढ़

कोरबा में MBBS छात्र की मौत का मामला, हॉस्टल वार्डन की चुप्पी!

Nil dhankar
16 July 2026 9:23 AM IST
कोरबा में MBBS छात्र की मौत का मामला, हॉस्टल वार्डन की चुप्पी!
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कोरबा। बालको क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में एमबीबीएस छात्र की मौत के बाद मेडिकल कालेज कोरबा के छात्रावास की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। छात्रावास में विद्यार्थियों की उपस्थिति, प्रवेश-निकास व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को लेकर छात्र और अभिभावक चिंता जता रहे हैं। उनका कहना है कि छात्रावास की व्यवस्था को और प्रभावी बनाए जाने की जरूरत है, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाला छात्र मेडिकल कालेज के बायज हास्टल में रहता था। घटना के बाद यह सवाल उठा कि हादसे से एक रात पहले वह छात्रावास में मौजूद था या नहीं। इस संबंध में हास्टल वार्डन भी तत्काल स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि रिकार्ड की जांच के बाद ही इसकी पुष्टि की जा सकेगी। इससे छात्रावास में विद्यार्थियों की नियमित निगरानी व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि हास्टल में प्रवेश और बाहर जाने के नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए। उनका मानना है कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति दर्ज करने और उनकी गतिविधियों की निगरानी की प्रभावी व्यवस्था होने से सुरक्षा और अनुशासन दोनों मजबूत होंगे।

हाल की घटना के बाद इस व्यवस्था की समीक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। कुछ समय पहले भी मेडिकल कालेज के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली थी। उस घटना के बाद भी छात्रावास की व्यवस्था, विद्यार्थियों की काउंसलिंग और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। अब सड़क दुर्घटना में छात्र की मौत के बाद एक बार फिर छात्रावास प्रबंधन चर्चा के केंद्र में आ गया है। बताया जा रहा कुछ विद्यार्थियों ने हास्टल में कमरा आवंटित करा रखा है, लेकिन वे बाहर रह रहे हैं। यदि ऐसा है तो छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों का नियमित सत्यापन और रिकार्ड का अद्यतन किया जाना आवश्यक माना जा रहा है। इससे वास्तविक जरूरतमंद विद्यार्थियों को भी छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। मेडिकल कालेज में वर्तमान में 2022 से 2025 बैच तक के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कॉलेज का संचालन फिलहाल झगरहा स्थित आइटी कालेज परिसर से हो रहा है, जहां छात्रावास की व्यवस्था भी संचालित है। छात्र और अभिभावकों का कहना है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को देखते हुए सुरक्षा, अनुशासन और निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाना चाहिए।हास्टल के वार्डन का कहना है कि हादसे में जिस छात्र की मृत्यु हुई है, वह हास्टल में रहता था। घटना से एक रात पहले वह हास्टल में था या नहीं, इसकी जानकारी रिकार्ड देखकर ही दी जा सकेगी। हास्टल में आने-जाने का समय निर्धारित है। रात 10 बजे के बाद किसी को बाहर जाने की अनुमति नहीं होती। यदि किसी छात्र ने कमरा आवंटित करा रखा है और वह बाहर रह रहा है, तो इसकी भी जांच कराई जाएगी।


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