छत्तीसगढ़

नहर में गिरी कार, चीख-पुकार के बीच डायल-112 बनी सहारा

Shantanu Roy
7 July 2026 1:40 PM IST
नहर में गिरी कार, चीख-पुकार के बीच डायल-112 बनी सहारा
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Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक बड़ा हादसा होने से टल गया। शादी समारोह से लौट रहा एक परिवार उस समय दुर्घटना का शिकार हो गया, जब उनकी ईको कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। कार में बच्चों सहित कुल आठ लोग सवार थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन डायल-112, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार, बलौदाबाजार जिले के लिमतरी गांव का एक परिवार रविवार शाम जांजगीर-चांपा जिले के मेहंदा गांव में आयोजित विवाह समारोह में शामिल होने गया था। शादी कार्यक्रम समाप्त होने के बाद परिवार के सभी सदस्य ईको कार से अपने गांव वापस लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि रात करीब 11 बजे पामगढ़ थाना क्षेत्र के कुटरा गांव के पास यह हादसा हुआ। परिवार की कार नहर पुल से गुजर रही थी, तभी अचानक चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। देखते ही देखते कार पुल से नीचे नहर में जा गिरी।
कार के नहर में गिरते ही उसमें बैठे लोगों में चीख-पुकार मच गई। रात का समय होने के कारण हादसे के बाद कुछ देर तक लोगों को मदद मिलने में परेशानी हुई। हालांकि, उसी समय जांजगीर की ओर से लौट रहे कुछ राहगीरों की नजर दुर्घटनाग्रस्त कार पर पड़ी। राहगीरों ने बिना देरी किए घटना की सूचना डायल-112 को दी। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम और पामगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस जवानों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
कड़ी मशक्कत के बाद नहर में गिरी कार में फंसे सभी आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। हादसे में घायल लोगों को तत्काल एंबुलेंस की सहायता से पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रूप से वाहन चालक के नियंत्रण खोने को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस द्वारा दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। इस हादसे ने एक बार फिर रात के समय वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। वहीं, डायल-112 और स्थानीय लोगों की सक्रियता से आठ लोगों की जान बच गई, जिसकी क्षेत्र में सराहना की जा रही है।
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