छत्तीसगढ़

पांच साल की मासूम पर दरिंदगी, नवरात्रि की अष्टमी पर इंसानियत शर्मसार

Shantanu Roy
30 Sept 2025 8:26 PM IST
पांच साल की मासूम पर दरिंदगी, नवरात्रि की अष्टमी पर इंसानियत शर्मसार
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Dhamtari. धमतरी। नवरात्रि की अष्टमी के दिन जहां देशभर में कन्या पूजन का आयोजन हो रहा था, वहीं धमतरी के केरेगांव थाना क्षेत्र के सियादेही गांव से दिल दहला देने वाली खबर आई। यहां पांच साल की मासूम बच्ची के साथ कथित यौन अपराध की घटना हुई। मासूम की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है और उसे जिला अस्पताल धमतरी में भर्ती कराया गया है।

घटना का विवरण
सूत्रों के अनुसार मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे मासूम अपने माता-पिता के काम में व्यस्त होने के दौरान पास ही खेल रही थी। इसी समय गांव का युवक **राकेश मंडावी** ने बहला-फुसला कर बच्ची को अपने पास बुलाया और उसके साथ दरिंदगी की। बताया जा रहा है कि पीड़िता **आदिवासी समुदाय** से है। उसके माता-पिता ईंट भट्टी में मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बच्ची को भट्टी पर अपने माता-पिता के पास ही लाया गया था।

मदद के बाद अस्पताल में भर्ती
मासूम की चीख-पुकार सुनकर मजदूर साथी और माता-पिता मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में बच्ची को तुरंत **जिला अस्पताल धमतरी** लाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि मासूम की हालत नाज़ुक है और उसका उपचार जारी है।

नवरात्रि पर शर्मनाक वारदात
विशेष रूप से यह घटना **नवरात्रि की अष्टमी** पर हुई, जब देशभर में नन्हीं कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर पूजने की परंपरा है। इस दौरान हुई दरिंदगी ने पूरे गांव और आसपास के लोगों को हिलाकर रख दिया। गांव और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश फैल गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि कानून को हाथ में लेने और निर्दोष बच्चों के साथ अत्याचार करने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।

पुलिस जांच
केरेगांव थाना पुलिस ने आरोपी राकेश मंडावी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। धमतरी की यह घटना इंसानियत को शर्मसार करती है और यह दर्शाती है कि गांवों में भी कानून और नैतिकता का उल्लंघन करने वाले लोग मौजूद हैं। पुलिस और प्रशासन पर यह जिम्मेदारी है कि वे ऐसे अपराधियों को तुरंत पकड़कर कठोर सजा दिलाएं और समाज को संदेश दें कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हर समुदाय और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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