छत्तीसगढ़

साले को जीजा ने ठगा फिर दर्ज कराया फर्जी FIR

Nil dhankar
20 Nov 2025 1:47 PM IST
साले को जीजा ने ठगा फिर दर्ज कराया फर्जी FIR
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पीड़ित सह शिकायकर्ता -  एजाज़ अहमद नियाज़ी उर्फ़ रफ़ीक़ niyazi

420 का अपराध दर्ज करते समय 2004 से काबिज होना बताया

पटवारी बी-01 सत्यापित प्रति में 2000 - 2001 दर्शाना पाया

भूमि पर कब्जे हेतु भू मालिक पर हमला रात 1 बजे का CCTV फुटेज पीड़ित ने दिए

सिविल कोर्ट रायपुर में आवेदन कर्ता के पक्ष में 29 /10 / 2025 को मामले में लगा स्टे

सरकारी भूमि 475 / 12 नाला पाटकर दिशा बदली होने का पुख्ता सबूत

पटवारी रिकॉर्ड में पति की जगह पिता का नाम प्रेम जी लिखवाया गया जो कानूनन जुर्म है

हिबानामा के गवाहों को डराया-धमकाया गया, गवाही बदलने हेतु नाकाम प्रयास किया गया

न्यायलय - द्वादश व्यव्हार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी, पीठासीन अधिकारी - सावित्री रक्सेल रायपुर कोर्ट से मामले में स्टे

रायपुर। सगे साले को जीजा ने ठगा फिर अपराध दर्ज कराया जीजा और साले के इस मामले में साले ने DIG सहित शहर के पुलिस अधीक्षक और पुलिस के प्रमुख अधिकारियों को लिखित शिकायत में आवेदन दिया जीजा कफील ख़ान एवं अन्य ख़िलाफ़ उचित क़ानूनी कार्रवाई का ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है मामला मोवा पटवारी हल्का 109 तहसील रायपुर जिला रायपुर का है आवेदनकर्ता हाजी से सैफ़ुद्दीन नियाज़ी अपने सगे जीजा के ऊपर पुलिस में आवेदन देकर आरोप लगाया कि अब कपिल अहमद और अफ़्रीकी अहमद शबाना अंजुम इमरान कुरेशी अनिल श्रीवास्तव एवं अन्य लोगों ने फ़र्ज़ी दस्तावेज़ बनवाकर मूल स्वामी एजाज़ अहमद नियाजी के विरुद्ध फ़र्ज़ी तरीक़े से पुलिस के साथ मिलीभगत का 420&447 धारा लगवाकर फ़र्ज़ी FIR दर्ज कराई थी


फोटो - कफील अहमद


फोटो - शफ़ीक़ अहमद उर्फ़ लल्ली

शिकायत पत्र में लगाया ये आरोप

अवैध प्लाटिंगकर्ता दलालों कफिल खान, शफीक अहमद (लल्ली). शवाना अंजुम, इमरान कुरैशी, अनिल श्रीवास्त्व एवं अन्य के द्वारा फर्जी दस्तावेज बनाकर ख.नं. 566 / 2, 475 / 3, 475 / 7 के भाग का बिना रजिस्ट्री पंजीयन के षड़यंत्रपूर्वक वर्ष 2000-2001 मे राजस्व अभिलेख बी-1 गे गिली -भगत कर सुधा श्रीवास्तव पिता प्रेमजी श्रीवास्तव के नाम पर दर्ज कराया गया है, जिसकी धारा 420, 467. 4GB, 120बी के अंतर्गत एफ.आई.आर. दर्ज किये जाने एवं खं. नं. 475/137 के मूल गूमिस्वामी एजाज अहमद नियाजी के विरूद्ध षड़यंत्रपूर्वक 420 एवं 447 की धारा लगाकर फर्जी दो एफ. आई. आर. दर्ज कर दी गई जिसकी भी जांच की जाए ।

अवैध प्लाटिंगकता दलालों कफिल खान, शफीक अहमद (लल्ली). शयाना अंजुम, इमरान कुरैशी, अनिल श्रीवास्तव एवं अन्य के द्वारा फर्जी दस्तावेज बनाकर बाके मौजा- मोवा, प.ह.नं. 109 रा.नि.मं.- रायपुर - 1, तहसील व जिला - रायपुर छ.ग. सिहीत ख. न. 566 / 2, 475/3. 475 / 7 के भाग क्षुत्रफल 8690 कर बिना रजिस्ट्री पंजीयन के षड़यंत्रपूर्वक वर्ष 2000-2001 में राजस्व अभिलेख बी-1 में मिली भगत कर सुधा श्रीवास्तव पिता प्रेमजी श्रीवास्तव निवासी सी 43 अशोका रतन के सामने, बीआईपी कालोनी, थाना-पंडरी मोवा, रायपुर, मो. नं. - 9425203162 के नाम दर्ज काराय गया है। अवैध प्लाटिंग के दलालों, कफिल खान, शफीक अहमद (लल्ली), शयना अंजुन, इमरान कुरैशी, अनिल श्रीवास्तव द्वारा पटवारी से अवैध तरीके से बी-1 बनवा लिया गया है जबकि उक्त भूमि का पंजीयन ही नहीं करवाया गया है। बिना वेनामा पंजीयन के किसी भी विधिक प्रक्रिया के किसी भी दस्तावेत को पटवारी रिकॉर्ड में नहीं चढ़ाया जा सकता है सुधा श्रीवास्तव द्वारा उक्त जमीन को किसी से क्रय नहीं की गई है।

यह कि सुधा श्रीवास्तव ने उपरोक्त खाते से फर्जी जमीन शबाना अंजुम को 3500 वर्गफुट जमीन विक्रय कर रजिस्ट्री कर दी दोनों अवैध प्लाटिंग कर्ताओं की पुलिया है मेरे (एजाज अहमद नियाजी ) स्वामित्व की भूमि खसरा नंबर 475 / 137 पर कब्जा करवाने की कोशिश की जा रही है।

शबाना अंजुम की रजिस्ट्री को जांच कर शून्य किया जावे एवं पटवारी बी-1, रिकार्ड से उनका नाम विलोपित किया जावे।

इसके पूर्व भी पीड़ित द्वारा उक्त संबंध में मोवा थाना में एवं आई.जी. एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत किया गया है, जिसमें आईजी के आदेश पर 28/05/2022 को सीमांकन करवाया गया, सीमांकन रिपोर्ट में खसरा नंबर 475/137 पर एजाज अहमद नियाजी कब्जा पाया गया जिसका उपयोग एजाज अहमद नियाजी द्वारा अपनी इच्छा अनुसार किया जा रहा है। सीमांकन के दिन मौके पर पंचनामा बना वहां मोवा थाना के उप निरीक्षक मुकेश सिंह भी अपने दल के साथ सीमांकन स्थल पर मौजूद थें। इसके बाद भी उपरोक्त अवैध प्लाटिंग करने वाले व्यक्तियों द्वारा फर्जी दस्तावेज बनाकर मेरे ही विरूद्ध मोवा थाना मे एफ.आई.आर. दर्ज करवा दिया गया है। जबकि मेरे द्वारा 2024 में की गई शिकायत पर एफ.आई.आर. दर्ज की गई जिसमे मुख्य आरोपी शफीक अहमद (लल्ली) एवं अन्य थे। उपरोक्त मुख्य अरोपी का एफ.आई.आर. से नाम ही गायब कर मोवा थाना पुलिस द्वारा मामले को कोर्ट मे प्रस्तुत कर दिया गया। इस प्रकार शफीक अहमद (लल्ली), के द्वारा अपनी पहुंच का फायदा उठाकर कानून से येनकेन प्रकरण अपने आप को बचा रहा है।

अवैध प्लाटिंग कर्ता दलालों कफिल खान, शफीक अहमद (लल्ली), शबाना अंजुम, इमरान कुरैशी, अनिल श्रीवास्तव एवं अन्य के विरूध षड्यंत्रपूर्वक साजिश के तहत कूटरचित फर्जी दस्तावेज बनवाये जाने की जांच कर धारा 420, 467, 468, 120बी के अंतर्गत एफ.आई.आर. दर्ज किये जाने की मांग की है।






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