छत्तीसगढ़
बृजमोहन अग्रवाल और डॉ. मोहन भागवत ने साझा किए सामाजिक एकता संदेश
Shantanu Roy
31 Dec 2025 8:50 PM IST

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छग
New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के गौरवशाली 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ग्राम सोनपैरी में आज आयोजित भव्य “हिंदू सम्मेलन” में देशभर से आए हजारों संत, समाजसेवी और धार्मिक व्यक्तित्वों ने भाग लिया। इस अवसर पर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ट्वीट के माध्यम से अपनी उपस्थिति और कार्यक्रम की महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण सरसंघचालक पूजनीय डॉ. मोहन भागवत जी का ओजस्वी मार्गदर्शन रहा। उन्होंने उपस्थित लोगों को जीवन में मूल्यों के पालन और सामाजिक एकता के महत्व पर जोर दिया। डॉ. भागवत ने कहा कि समाज में जाति, पंथ और भाषा के भेदभाव को समाप्त करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक व्यक्ति में श्रीराम विराजमान हैं और समाज की सभी व्यवस्थाएं सभी हिंदुओं के लिए समान रूप से खुली होनी चाहिए।
डॉ. भागवत ने यह भी उल्लेख किया कि संपूर्ण भारत हमारा है और हर भारतीय हमारे अपने हैं। उनका यह संदेश केवल हिंदू समाज के संगठित होने का मार्गदर्शक नहीं है, बल्कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक चेतना को भी सुदृढ़ करने वाला प्रेरक संदेश है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे जीवन में मूल्यों को आत्मसात करें और अपने दृष्टिकोण से किसी भी प्रकार के भेदभाव को दूर करें। कार्यक्रम में कबीर पंथ के प्रमुख राष्ट्रीय संत श्री असंग देव जी महाराज ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अलावा, गायत्री परिवार की वरिष्ठ सदस्या पूज्य माता जी श्रीमती उर्मिला नेताम जी सहित देशभर से पधारे विभिन्न संतों और सामाजिक एवं धार्मिक व्यक्तित्वों ने कार्यक्रम में भाग लिया। उनकी उपस्थिति ने सम्मेलन की गरिमा और महत्व को और बढ़ा दिया।
इस भव्य आयोजन का उद्देश्य केवल हिंदू समाज को संगठित करना नहीं था, बल्कि देशवासियों को सामाजिक समरसता और संस्कृति के मूल्यों की याद दिलाना भी था। कार्यक्रम के दौरान आयोजित सत्रों में धर्म, समाज और संस्कृति के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. भागवत ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपने जीवन में सेवा, सहयोग और भाईचारे की भावना को अपनाएँ। बृजमोहन अग्रवाल ने ट्वीट में लिखा कि यह सम्मेलन समाज को एकता और समरसता का सशक्त संदेश देता है। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. भागवत के मार्गदर्शन ने समाज के प्रत्येक वर्ग को अपने भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा दी। सम्मेलन में उपस्थित संतों और समाजसेवियों ने इस संदेश को और व्यापक रूप देने के लिए अपने अनुभव और विचार साझा किए। कार्यक्रम में विशेष रूप से ध्यान आकर्षित करने वाली बात यह रही कि यह आयोजन ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को जोड़ने वाला मंच बना। ग्राम सोनपैरी के हर कोने से लोग कार्यक्रम में शामिल हुए और सांस्कृतिक कार्यक्रमों और धार्मिक संदेशों का आनंद लिया। इस भव्य हिंदू सम्मेलन ने यह स्पष्ट किया कि सामाजिक समरसता, समानता और राष्ट्रीय एकता का संदेश किसी भी समय प्रासंगिक रहता है। उपस्थित जनों ने कार्यक्रम के अंत में अपने विचार साझा किए और इस प्रकार यह सम्मेलन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बल्कि समाजिक दृष्टि से भी अत्यंत सफल रहा। इस प्रकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित यह हिंदू सम्मेलन देशभर में सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना को मजबूत करने वाला एक प्रेरक आयोजन साबित हुआ।
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