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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में अवैध शराब बिक्री की शिकायत करने वाले भाजपा पार्षद कैलाश बेहरा के कार्यालय पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों ने पार्षद के कार्यालय को निशाना बनाया और ईंट-पत्थर फेंककर वहां तोड़फोड़ करने का प्रयास किया। घटना के बाद भाजपा पार्षदों में नाराजगी है। सभी भाजपा पार्षदों ने सिविल लाइन थाने में शिकायत कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार, पार्षद कैलाश बेहरा अपने क्षेत्र में कथित रूप से चल रही अवैध शराब बिक्री का लगातार विरोध कर रहे थे। उन्होंने शराब बेचे जाने का वीडियो भी तैयार कराया था और संबंधित अधिकारियों को प्रमाण के साथ शिकायत सौंपी थी। शिकायत को ही हमले की संभावित वजह बताया जा रहा है। हालांकि हमलावरों की पहचान और घटना के वास्तविक कारण की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
मीडिया में प्रसारित खबरों के मुताबिक, देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे के ठीक नीचे सुबह करीब छह बजे से कथित रूप से अवैध शराब की बिक्री की जाती है। इलाके में असामाजिक गतिविधियां बढ़ने की शिकायत भी सामने आई थी। पार्षद ने क्षेत्रवासियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अवैध शराब बिक्री का विरोध किया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। बताया जा रहा है कि शिकायत किए जाने से नाराज लोगों ने पार्षद के कार्यालय पर ईंट और पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में किसी के घायल होने की आधिकारिक जानकारी नहीं है। कार्यालय में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। घटना के बाद आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया और लोगों ने इसकी सूचना पार्षद तथा अन्य जनप्रतिनिधियों को दी।
घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा के पार्षद सिविल लाइन थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया और हमले को जनप्रतिनिधि की आवाज दबाने का प्रयास बताया। पार्षदों ने मांग की कि घटनास्थल तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की जाए। इसके साथ ही वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मोबाइल रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए। भाजपा पार्षदों का कहना है कि अवैध शराब बिक्री की शिकायत करना जनप्रतिनिधि का दायित्व है। यदि शिकायत करने पर इस प्रकार कार्यालयों पर हमले होंगे तो आम नागरिक भी अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाने से डरेंगे। उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग से संबंधित इलाके में संयुक्त अभियान चलाने, शराब बेचने वालों के ठिकानों की जांच करने तथा इस कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने की मांग की है।
इस घटना ने राजधानी में अवैध शराब बिक्री और कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सुबह से ही शराब उपलब्ध होने की शिकायत सही पाई जाती है तो यह स्थानीय पुलिस और आबकारी अमले की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल होगा। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि एक्सप्रेस-वे के नीचे और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त बढ़ाई जाए, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए और अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाए। फिलहाल शिकायत के आधार पर पुलिस से मामले की जांच करने की मांग की गई है। पार्षद के कार्यालय पर हमला करने वालों की पहचान के लिए उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाला जा सकता है। पुलिस की ओर से जांच और कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है। भाजपा पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और अवैध शराब बिक्री बंद होने तक वे मामले को उठाते रहेंगे।
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