
जनता से रिश्ता की खबर पर लगी सच की मुहर
गीला और सूखा नशा के शौकीनों के लिए सुरक्षित अड्डा बने होटल, क्लब
रायपुर। राजधानी सहित प्रदेश के बड़े शहरों सहित अब कस्बों में भी पार्टी के नाम पर शराब और नशे के सामान की नदिया बहाई जा रही है। 2-5 हजार की इंट्री फीस पर फुल इंजायमेंट का आफर सोशल मीडिया में जमकर पोस्ट हो रहा है। जहां आसानी से नशे के सारे पदार्थ परोसे जा रहे हैं। पार्टी किसी भी नाम से आयोजित कर रहे हैं , बर्थ डे पार्टी, न्यू कमर पार्टी, फ्रेशर पार्टी,गेट टू गेदर, और भी कई नामो से पार्टी के नाम से आबकारी विभाग से 50 -100 लोगों के नाम पर परमिशन लिया जाता है, जबकि पार्टी में भीड़ 500 से लेकर 1000 लोगों से ज्यादा को बुलाया जाता है। आबकारी विभाग पैसा लेकर इस तरह के अवैध पार्टी को प्रोत्साहित कर रहा है एक्साइज विभाग के इंस्पेक्टर कभी भी पार्टी में जाकर भौतिक सत्यापन नहीं करते कि कितने लोग पार्टी में मौैजूद है । नशे की आड़ में अलग-अलग प्रकार के नशीले पदार्थ चरस, अफीम, गांजा, कोकीन, मेंड्रेक्स जैसे नशे के सामान शहर के युवाओं के परोसा जा रहा है। जिसके कारण राजधानी के युवा नशे के एडिक्ट यूथ पार्टी में जाकर शौक पूरा करते है।
पुलिस विभाग सीधे हस्तक्षेप करने में बेबस: पार्टी की अनुमति होने के कारण पुलिस विभाग सीधे हस्तक्षेप करने में बेबस, मारपीट के अलावा और कोई कारण नहीं कि कानून व्यवस्था बनाने होटल के अंदर नहीं जा सकती है। बाकी बाहर खड़ी पुलिस को तमाशबीन बन लगातार पार्टी में हो रहे नंगा नाच का तमाशा देखते रहती है। वहीं शासन-प्रशासन की आंख में धूल झोंककर शराब पिलाने के दो घंटे के लाइसेंस में रात भर शराब सहित जाने कौन -कौन से नशीले पदार्थो की सप्लाई कर रात भर नोट बटोरते रहती है। युवा के साथ पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी से लेकर सिपाही तक गलातर करने में चूकते नहीं है। वहीं जिन्म्मेदार विभाग सेलिब्रशन के नाम पर दो घंटे शराब पिलाने का लाइसेसं देकर अपने कर्तव्य का इतिश्री कर लेती है।
बार डांसर उपलब्ध
राजधानी के बड़े होटलों सहित तथाकथित संभ्रात नागिरकों के क्लबों और फार्महाऊसों में इस तरह के आयोजन के नाम पर करोड़ों की कमाई कर रहे है। मजेदार मामला यह है कि दूसरे राज्यों की बार बालाओ्ं को दो घंटे के डांस के नाम पर रात भर नचाया जा रहा है। एक भुक्तभोगी बार डांसर ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि प्लेन से बुलाकर यहां जमीन पर सुला देते है। जब तक आयोजक पूरा भुगतान नहीं करता तब तक नाचना पड़ता है। बार बालाओ्ं को मामूली कीमत पर बार डांसर को लाते है औऱ उसके नजाकत के नाम पर न्योछावर का पूरी पैसा होटल मालिक और आयोजक जब्त कर लेते हैं, मुंबई और बड़े शहरों से एक या दो दिन के लिए बार बालाओं को बुलाया जाता है और उनको ग्राहक मिलने पर कई हफ्ते भर यहाँ रोक कर रखा जाता हैं। जहाँ युवाओं को नशा और सेक्स के नाम पर जमकर लूटा जाता है।
और समाज में इश अपसंस्कृति का जहर घोला जा रहा है। वैश्यावृत्ति को जाने क्या -क्या नाम देकर सेलिब्रेशन इन इनजाय कहकर युवाओं को छत्तीसगढ़ की संस्कृति से खुले आम खिलवाड़ करते नजऱ आ रहे हैं पर प्रशासन को कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा है। होटल, क्लब और कैफे संचालक रात भर नोट गिनने में मशगूल है।
युला अब रंगीनियत के जद में
,जनता से रिश्ता लगातार नशे और नशे के सौदागरों के खिलाफ खबर प्रकाशित कर शासन-प्रशासन को आगाह करते रहता है। पुलिस प्रशासन खबरों पर संज्ञान लेकर कार्रवाई भी कर रहती है, पर वो भी अब रंगीनियत के जद में आ चुके है एसा लगता है। इसलिए मौन स्वीकृति दे दिया है। इसके साथ ही नशे के सौदागरों के हौसले इतने बुलंद है कि वो सेलिब्रेशन पार्टी के नाम पर नए -नए नाम से शराब के साथ नशे का समान परोसने का इंतजाम कर लेते है। राजधानी में वीआईपी रोड का नाम सुनते ही कान खड़े हो जाते है। यह रोड सनातनी संस्कृति की खुले आम धज्जियां उड़ाने वाले रोड के नाम से बदनाम हो चुका है। नशे में झूमते युवक-युवतियों का हुड़दंग मचाते इस रोड पर नजर आना आम बात है ।
नाम बदल कर पार्टी में नशा परोसने का गोरखधंधा
नशे के सौदागर पार्टियों का नाम बदल -बदल कर नशीली गोली से लेकर अफीम-चरस औऱ शराब परोस रहे है। छत्तीसगढ़ में नशे के सौदागरों का एक गिरोह सक्रिय है जो बड़े -बड़े शहरों के पाश कालोनियों और आऊटर के होटलों में टेक्नो पार्टी, जन्मदिन पार्टी, न्यू कमर पार्टी, फ्रेशर पार्टी और भी कई नामो से नशा परोस रहे है। राजधानी के रईसों का एक अघोषित संगठन है जो रातों को रंगीन बनाने के लिए कई तरह के आयोजन कर उस पार्टी में नंगा नाच कराने से भी नहीं चूक रहे है। जब पार्टी में युवक-युवितयां फुल नशे के आगोश में होकर सारी हदें पार कर देते है। रोड पर इश्क का प्रदर्शन करने से भी नहीं हिचकते है।
कानून कायदे की खुलेआम उड़ा रहे धज्जियां...
विभिन्न नामों से पार्टी कानून कायदे नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। रायपुर जिले में जब सभी लोग सो जाते है तब वीआईपी रोड की सुबह होती है। सारी रात युवक -युवतियों की धमाचौकड़ी मचाते रहते है। ये है टेक्नो पार्टी के नाम पर कानून कायदे को घुटने पर टिका दो.। वीआईपी रोड स्थिति कैफे, होटलों , क्लबों में पार्टी का आयोजन किया जाता है वह भी रात के 1:00 बजे तक पार्टी बिना किसी प्रशासन के डर के आयोजित कर रहे है। नशीले पदार्थ की सप्लाई का बेहतरीन तरीका वैसे तो सर्व विदित है कि रायपुर राजधानी नशे के सौदागरों का स्वर्ग है, जहां देश भर के नशीले पदार्थ के तस्कर होटलों और ढाबों को सुरक्षित ठिकानों के रूप में इस्तेमाल करते है और यही पर परोसा जाता नशीले पदार्थ जिसके तड़प में नशे के एडिक्ट युवा खींचे चले आते है। वीआईपी रोड में अवैध तरीके से टेक्नो पार्टी चलाया जा रहा है जो रायपुर शहर में लेट नाईट पार्टी को एक नया नाम देकर टेक्नो पार्टी के नाम से जाना जाता है। जहां पर नशे का सामान बेचा जाता था। नशे के सभी चीजे टेक्नो पार्टी में बेचने के लिए टेक्नो कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। जिला आबकारी विभाग से 1 दिन का लाइसेंस लिया जाता है जिसका नियम 11 बजे तक रहता है आबकारी विभाग से शादी या सालगिरह और सेलिब्रेशन के नाम से लाइसेंस देता है जिसमें सिर्फ एक दिन समारोह के रूप में शराब परोसा जाता है यहां पर टेक्नो पार्टी के नाम पर सारी रात नंगा नाच कार्यक्रम होता है जिसमें शराब के अलावा भी नशे से जुड़े सामान को परोसा जाता रहा है। शराब की आड़ में नशे के शोकीनों को उनके मनपसंद नशीले पदार्थ देकर मनमाना दाम लेकर पैसा वसूला जाता है। ताकि टेक्नो पार्टी का पूरा खर्च एक ही कस्टमर से निकल जाए । आम आदमी पार्टी करेगी प्रदर्शन रायपुर के तेलीबांधा थाना के स्टाफ द्वार रेड मारा गया कैफ़े से शराब भी जप्त किया गया है। परंतु वहां से अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुआ इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी के यूथ विंग के द्वारा कार्यवाही को लेकर मांग की गई है।
संस्कृति के संरक्षण के दावे करने वाले कहां गए
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हर शनिवार और इतवार को कला और संस्कृति के नाम पर फूहड़ता परोसने और नंगा नाच करने वालों की बाढ़ सी आ गई है। हर शनिवार और इतवार को होटलों में पैर रखने की जगह नहीं होती है वहीं रायपुर आने वाली सभी फ्लाइटें फुल रहती है। पूरे देश से लोग इंजाय करने रायपुर की ओर रूख करते है क्योंकि बांकांक पटाया -थाइपलैंड लासबेगास जाने में जितना खर्चा होता है उसके चौथाई खर्च में होटल, क्लब और फार्महाउस वाले सुख सुविधा मुहैया कराते है। जो विभिन्न पार्टियों के नाम से इवेंट किए जाते है। लेकिन उनका मुख्य मकसद नंगा नाच और शराब व लडक़ी परोसना रहता है। संस्कृति के पैरोकार छत्तीसगढिय़ा क्रांति सेना, बजरंग दल, विहिप के संज्ञान में नहीं है तो जनता के रिश्ता के इस खबर को संज्ञान में लेकर तत्काल संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आए । जनता से रिश्ता पिछले 10 सालों से इस फूहड़ता को कला बता कर नंगा नाच करने वालों के खिलाफ खबर प्रकाशित कर रहा है।





