छत्तीसगढ़

रायपुर के दर्जनों इलाकों में नशा तस्करी का बड़ा गिरोह, मासूम बच्चों से करवा रहे तस्करी

Shantanu Roy
30 July 2025 11:39 PM IST
रायपुर के दर्जनों इलाकों में नशा तस्करी का बड़ा गिरोह, मासूम बच्चों से करवा रहे तस्करी
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देवेंद्र नगर थाना इलाका बना नशा का ठीहा
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के कई रिहायशी और झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में नशा तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क तेजी से पैर पसार चुका है। यह गिरोह न केवल नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री में लिप्त है, बल्कि चिंता की बात यह है कि अब यह रैकेट मासूम बच्चों को भी तस्करी के काम में इस्तेमाल कर रहा है। इससे जहां एक तरफ युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है, वहीं दूसरी ओर अपराध की जड़ें समाज में गहराती जा रही हैं। जानकारी के अनुसार, कालीबाड़ी, नेहरू नगर ओड़िया बस्ती, कुकुर बेड़ा, संजय नगर आरडीए प्लॉट, देवेंद्र नगर फोकट पारा, श्याम नगर, देवार बस्ती, बीरगांव, लाखे नगर, आमापारा कारी तालाब, हांडीपारा शिव नगर, सीलू बाड़ी, रामकुंड आमातालाब, खोखो तालाब, रामनगर जैसे इलाकों में यह गिरोह सक्रिय है। यहां खुलेआम गांजा, ब्राउन शुगर, कोरेक्स, नशीली गोलियों और अन्य मादक पदार्थों का कारोबार हो रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर नाबालिग बच्चों को पावडर के छोटे पैकेट और सीरिंज जैसे नशीले पदार्थ सप्लाई करते देखा गया है। गिरोह के बड़े सदस्य खुद सामने न आकर बच्चों से यह काम करवा रहे हैं, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें। बच्चों की मासूमियत और सामाजिक मजबूरियों का फायदा उठाकर उन्हें इस गंदे धंधे में धकेला जा रहा है। पड़ोसियों और मोहल्ले वालों द्वारा कई बार इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस और प्रशासन से की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिससे इन तस्करों के हौसले और बुलंद हो चुके हैं। कई स्थानों पर नशे में धुत युवा और झगड़े-मारपीट की घटनाएं भी आम हो गई हैं, जिससे आम जनता का जीना दूभर हो गया है।

मांग उठी सख्त कार्रवाई की
स्थानीय सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने रायपुर पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि इन इलाकों में "ऑपरेशन प्रहार" जैसे विशेष अभियान चलाकर सक्रिय तस्करी गिरोह पर कड़ी कार्रवाई की जाए और मासूम बच्चों को इस जाल से बाहर निकाला जाए। साथ ही नशा मुक्ति अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती से लागू किया जाए।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
इन इलाकों में लंबे समय से चल रहे इस गोरखधंधे को देखकर आम लोगों का विश्वास कानून-व्यवस्था पर कमजोर हो रहा है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि जब नशा खुलेआम बिक रहा है और बच्चे उसका हिस्सा बनते जा रहे हैं, तब स्थानीय पुलिस क्या कर रही है? अब देखना होगा कि रायपुर पुलिस इस गंभीर समस्या को कितनी प्राथमिकता से लेती है और क्या वाकई इन संवेदनशील इलाकों में नशे के इस फैलते जाल को रोकने में कोई ठोस कदम उठाया जाता है या नहीं।
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