छत्तीसगढ़

BDG ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का खुलासा, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार

Shantanu Roy
14 Sept 2026 5:39 PM IST
BDG ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का खुलासा, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार
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Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। जिले की साइबर थाना पुलिस ने BDG नामक ऑनलाइन सट्टा ऐप के जरिए कथित रूप से संचालित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुख्य एडमिन समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि नेटवर्क मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित किया जा रहा था। जांच के दौरान USDT जैसी डिजिटल एसेट के माध्यम से लेनदेन से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार जांच में संबंधित खातों में 30 लाख रुपए से अधिक का लेनदेन मिला है। नेटवर्क के दूसरे राज्यों से जुड़े संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, साइबर थाना जांजगीर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि न्यू चंदनियापारा लिंक रोड निवासी हेमलाल यादव अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना की तस्दीक के लिए साइबर थाना की टीम ने गवाहों की मौजूदगी में दबिश दी। पुलिस ने हेमलाल यादव उर्फ सोनू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में उसने BDG नामक ऑनलाइन सट्टा गेम से जुड़े होने की जानकारी दी और बताया कि उसे इसकी आईडी शैलेंद्र कुमार शर्मा से मिली थी। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और हेमलाल से मिली जानकारी के आधार पर शैलेंद्र कुमार शर्मा उर्फ शैलू को हिरासत में लिया।
पुलिस का दावा है कि जांच में शैलेंद्र की भूमिका मुख्य एडमिन के रूप में सामने आई। वह कथित तौर पर BDG ऑनलाइन सट्टा ऐप की मास्टर आईडी और लिंक व्हाट्सएप के माध्यम से दूसरे लोगों तक पहुंचाता था। पुलिस के मुताबिक, नेटवर्क को मार्केटिंग की तर्ज पर संचालित किया जा रहा था। लिंक के जरिए नए लोगों को जोड़ने पर ऊपर के स्तर पर मौजूद व्यक्ति को कमीशन मिलता था। नीचे जुड़े व्यक्ति के सट्टे में रकम लगाने पर भी कथित तौर पर एडमिन को कमीशन मिलता था। शैलेंद्र से पूछताछ और उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने चार अन्य लोगों को हिरासत में लिया। इनमें महेश प्रसाद राठौर उर्फ मुकेश, राकेश कुमार राठौर उर्फ पप्पू, दुर्गेश कुमार राठौर उर्फ मनु और हीरालाल यादव शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच के दौरान ऑनलाइन सट्टा ऐप की आईडी, स्क्रीनशॉट और चैट सहित डिजिटल साक्ष्य मिलने का दावा किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में हेमलाल यादव उर्फ सोनू (47), निवासी न्यू चंदनियापारा लिंक रोड जांजगीर, शैलेंद्र कुमार शर्मा उर्फ शैलू (45), निवासी शंकर विहार कॉलोनी लिंक रोड, महेश प्रसाद राठौर उर्फ मुकेश (47), निवासी न्यू चंदनियापारा वार्ड-7, राकेश कुमार राठौर उर्फ पप्पू (45), निवासी अकलतरा रोड, दुर्गेश कुमार राठौर उर्फ मनु (45), निवासी पुराना चंदनियापारा लिंक रोड और हीरालाल यादव (47), निवासी न्यू चंदनियापारा लिंक रोड शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि मुख्य एडमिन बताए गए शैलेंद्र के माध्यम से अब तक करीब 20 लाख रुपए का ऑनलाइन सट्टा खेला गया। उसने कथित तौर पर लिंक के जरिए कई अन्य लोगों को भी नेटवर्क से जोड़ा। पुलिस अब इन लोगों की पहचान और नेटवर्क के विस्तार की जांच कर रही है।
जांच में वित्तीय लेनदेन को लेकर भी कई जानकारियां सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार व्हाट्सएप चैट के अलावा USDT के जरिए रकम के आदान-प्रदान से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। संबंधित खातों में 30 लाख रुपए से अधिक का लेनदेन पाए जाने की बात कही गई है। हालांकि यह पूरी रकम सट्टे से संबंधित है या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण विस्तृत वित्तीय जांच के बाद ही होगा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्मार्टफोन और उनमें मौजूद कथित ऑनलाइन सट्टा आईडी, स्क्रीनशॉट तथा चैट के डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। नेटवर्क में अन्य लोगों और दूसरे राज्यों से जुड़े संभावित कनेक्शन की भी जांच जारी है।
छह आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 112(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। पुलिस ने बताया कि साइबर जागृति कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन सट्टा और संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करने के खतरों के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। आम नागरिकों से ऑनलाइन सट्टा, जुआ या संदिग्ध ऐप आधारित वित्तीय गतिविधियों के प्रलोभन में नहीं आने की अपील की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों की जांच अभी जारी है। नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
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